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कोई गड़बड़ी मिली तो बंद करा देंगे विद्यालय, जिम्मेदार होंगे प्रधानाचार्य
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रायबरेली। जिले के विद्यालयों में भौतिक रूप से पठन-पाठन का कार्य शुरू कराने को लेकर पुख्ता तैयारियां की जा रही हैं। इसीलिए शुक्रवार को जिले में संचालित यूपी बोर्ड के सभी 332 विद्यालयों में एक साथ निरीक्षण किया गया। निर्धारित दिशा-निर्देशों के अंतर्गत क्या तैयारियां और क्या व्यवस्थाएं की गई हैं, इसे परखा गया। निरीक्षण करने वाले सभी 31 नोडल अधिकारियों से आख्या भी मांगी गई, ताकि कमियों वाले विद्यालयों में सुधार कराया जा सके।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने 31 नोडल अधिकारी नामित कर रखे हैं। इन्हीं को शुक्रवार को जिले के सभी 332 माध्यमिक विद्यालयों में निरीक्षण कर व्यवस्था परखने की जिम्मेदारी दी गई। सुबह से ही सभी नोडल अपने क्षेत्र के विद्यालयों में पहुंच गए। सैनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क, साफ-सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं के बारे में पड़ताल की। डीआईओएस डॉ. चंद्रशेखर मालवीय ने भी शहर के कई विद्यालयों का निरीक्षण किया।
जहां कहीं भी कमियां नजर आईं, उन्हें दूर कराने का निर्देश दिया। स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अगर कहीं कोई कमी मिली और विचलन की स्थिति उत्पन्न हुई तो विद्यालय को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की जाएगी। विद्यालय खोलने से पहले तैयारियों को लेकर शासन-प्रशासन गंभीर है। इसीलिए जिले से लेकर शासन स्तर पर भी समीक्षा की जा रही है। अपर मुख्य सचिव ने गुरुवार और शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए तैयारियों की समीक्षा की।
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शासन ने व्यवस्था का जायजा लेने के लिए निदेशालय स्तर के एक अधिकारी को नोडल अधिकारी भी नामित किया है, जो जिले में आकर किसी भी दिन मुआयना कर सकते हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. चंद्रशेखर मालवीय ने कहा है कि अगर किसी विद्यालय में कोई कमी रह गई है तो उसे शनिवार और रविवार को दूर करा लें। गड़बड़ी मिलने पर विद्यालय बंद करा दिया जाएगा। इसके लिए प्रधानाचार्य जिम्मेदार होंगे।
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माध्यमिक शिक्षा विभाग ने 31 नोडल अधिकारी नामित कर रखे हैं। इन्हीं को शुक्रवार को जिले के सभी 332 माध्यमिक विद्यालयों में निरीक्षण कर व्यवस्था परखने की जिम्मेदारी दी गई। सुबह से ही सभी नोडल अपने क्षेत्र के विद्यालयों में पहुंच गए। सैनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क, साफ-सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं के बारे में पड़ताल की। डीआईओएस डॉ. चंद्रशेखर मालवीय ने भी शहर के कई विद्यालयों का निरीक्षण किया।
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जहां कहीं भी कमियां नजर आईं, उन्हें दूर कराने का निर्देश दिया। स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अगर कहीं कोई कमी मिली और विचलन की स्थिति उत्पन्न हुई तो विद्यालय को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की जाएगी। विद्यालय खोलने से पहले तैयारियों को लेकर शासन-प्रशासन गंभीर है। इसीलिए जिले से लेकर शासन स्तर पर भी समीक्षा की जा रही है। अपर मुख्य सचिव ने गुरुवार और शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए तैयारियों की समीक्षा की।
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शासन ने व्यवस्था का जायजा लेने के लिए निदेशालय स्तर के एक अधिकारी को नोडल अधिकारी भी नामित किया है, जो जिले में आकर किसी भी दिन मुआयना कर सकते हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. चंद्रशेखर मालवीय ने कहा है कि अगर किसी विद्यालय में कोई कमी रह गई है तो उसे शनिवार और रविवार को दूर करा लें। गड़बड़ी मिलने पर विद्यालय बंद करा दिया जाएगा। इसके लिए प्रधानाचार्य जिम्मेदार होंगे।