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यूनिफॉर्म न पुस्तकें, पुरानी ड्रेस-किताबों संग आए बच्चे
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उपस्थिति 50 फीसदी से ज्यादा नहीं रही
ऊंचाहार। विकास क्षेत्र में संचालित परिषदीय विद्यालयों में नए शिक्षा सत्र के पहले दिन बच्चों की उपस्थिति 50 प्रतिशत रही। नामांकन के नाम पर कुछ स्कूलों में ही प्रवेश हुए। प्राथमिक विद्यालय मुस्तफाबाद में एक बच्चे का पंजीकरण हुआ। प्रधानाध्यापिका अंजू यादव ने तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर बच्चे का स्वागत किया। प्राथमिक विद्यालय गोपालपुर उधवन में प्रधानाध्यापक अतीस कुमार के नेतृत्व में स्कूल चलो अभियान के तहत सुबह दो अध्यापक गांव पहुंचे और बच्चों को विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया।
पहले दिन पढ़ाई नहीं, बच्चे खेलकूद में जुटे
जगतपुर। नए सत्र की शुरुआत हो गई है, लेकिन पहले दिन पठन-पाठन का माहौल नजर नहीं आया। बच्चे पुरानी ड्रेस और पुरानी किताबों के साथ स्कूल आए, खेलकूद में समय बिताया और घरों वापस लौट गए। शिक्षक भी आपस में बातचीत करते नजर आए। प्राथमिक विद्यालय जमोड़ी में कई बच्चे पुरानी ड्रेस में आए। कक्षा में बैठे जरूर दिखे, लेकिन पढ़ाई नहीं हो रही थी। बच्चों को पुरानी किताबें दी गईं, जिनसे पठन-पाठन किया जाएगा। बीईओ राजेश राम ने बताया कि नए सत्र की शुरुआत हो गई है। पहले दिन कम बच्चे आए हैं।
उपस्थिति बहुत कम, पांच नए नामांकन
बछरावां। नए सत्र के पहले दिन स्कूल आए बच्चों में उत्साह तो दिखा, लेकिन संख्या कम रही। प्राथमिक विद्यालय शेषपुर समोधा में पंजीकृत 183 में से 38 बच्चे ही आए। यहां पांच नए बच्चों का नामांकन किया गया। हेडमास्टर लोकतंत्र शुक्ला ने कहा कि आज पहला दिन होने के कारण कम बच्चे आए हैं। प्राथमिक विद्यालय सेंहगो में नौ, कंपोजिट विद्यालय थुलेंडी में सात नामांकन हुए हैं। बीईओ पद्मशेखर मौर्य ने कहा कि बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित किया जाएगा। शिक्षकों को दिशानिर्देश दिए जा चुके हैं।
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रायबरेली। नया शिक्षा सत्र शुक्रवार से शुरू हो गया। बेसिक शिक्षा के परिषदीय विद्यालयों में पहला दिन जैसे-तैसे बीत गया। पठन-पाठन का माहौल नजर नहीं आया। छात्र-छात्राएं भी बगैर यूनिफॉर्म आए या फिर पुरानी ड्रेस पहने थे। पाठ्य पुस्तकों के नाम पर पुरानी किताबें लेकर आए।
वजह थी कि अब तक पाठ्य पुस्तकें ही नहीं आई हैं। वार्षिक परीक्षा के दौरान सभी बच्चों से किताबें जमा करा ली गई थीं। जब तक नई किताबें नहीं आ जाती हैं, तब तक जमा कराई गई किताबों से ही बच्चों को पढ़ाया जाएगा। पिछले सत्र में यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूता-मोजा, स्कूल बैग के लिए धनराशि डीबीटी के जरिए भेजी गई थी, लेकिन ज्यादातर बच्चों ने यूनिफॉर्म नहीं बनवाई।
पहला दिन होने से शिक्षक भी नए सत्र की तैयारी में लगे रहे। स्कूल चलो अभियान भी चलाया जाना है। कई शिक्षक गांवों में घूमकर बच्चों के नामांकन के लिए अभिभावकों को प्रेरित करने में लगे रहे।
परिषदीय विद्यालयों में ज्यादा से ज्यादा नामांकन के साथ ही बच्चों का ठहराव हो, इसके लिए पूरे प्रयास होंगे। स्कूल चलो अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में उच्चाधिकारियों के दिशा निर्देशों का अनुपालन होगा। कोशिश होगी कि कोई भी बच्चा विद्यालय में नामांकन से छूटने न पाए।
-शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
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ऊंचाहार। विकास क्षेत्र में संचालित परिषदीय विद्यालयों में नए शिक्षा सत्र के पहले दिन बच्चों की उपस्थिति 50 प्रतिशत रही। नामांकन के नाम पर कुछ स्कूलों में ही प्रवेश हुए। प्राथमिक विद्यालय मुस्तफाबाद में एक बच्चे का पंजीकरण हुआ। प्रधानाध्यापिका अंजू यादव ने तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर बच्चे का स्वागत किया। प्राथमिक विद्यालय गोपालपुर उधवन में प्रधानाध्यापक अतीस कुमार के नेतृत्व में स्कूल चलो अभियान के तहत सुबह दो अध्यापक गांव पहुंचे और बच्चों को विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया।
पहले दिन पढ़ाई नहीं, बच्चे खेलकूद में जुटे
जगतपुर। नए सत्र की शुरुआत हो गई है, लेकिन पहले दिन पठन-पाठन का माहौल नजर नहीं आया। बच्चे पुरानी ड्रेस और पुरानी किताबों के साथ स्कूल आए, खेलकूद में समय बिताया और घरों वापस लौट गए। शिक्षक भी आपस में बातचीत करते नजर आए। प्राथमिक विद्यालय जमोड़ी में कई बच्चे पुरानी ड्रेस में आए। कक्षा में बैठे जरूर दिखे, लेकिन पढ़ाई नहीं हो रही थी। बच्चों को पुरानी किताबें दी गईं, जिनसे पठन-पाठन किया जाएगा। बीईओ राजेश राम ने बताया कि नए सत्र की शुरुआत हो गई है। पहले दिन कम बच्चे आए हैं।
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उपस्थिति बहुत कम, पांच नए नामांकन
बछरावां। नए सत्र के पहले दिन स्कूल आए बच्चों में उत्साह तो दिखा, लेकिन संख्या कम रही। प्राथमिक विद्यालय शेषपुर समोधा में पंजीकृत 183 में से 38 बच्चे ही आए। यहां पांच नए बच्चों का नामांकन किया गया। हेडमास्टर लोकतंत्र शुक्ला ने कहा कि आज पहला दिन होने के कारण कम बच्चे आए हैं। प्राथमिक विद्यालय सेंहगो में नौ, कंपोजिट विद्यालय थुलेंडी में सात नामांकन हुए हैं। बीईओ पद्मशेखर मौर्य ने कहा कि बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित किया जाएगा। शिक्षकों को दिशानिर्देश दिए जा चुके हैं।
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रायबरेली। नया शिक्षा सत्र शुक्रवार से शुरू हो गया। बेसिक शिक्षा के परिषदीय विद्यालयों में पहला दिन जैसे-तैसे बीत गया। पठन-पाठन का माहौल नजर नहीं आया। छात्र-छात्राएं भी बगैर यूनिफॉर्म आए या फिर पुरानी ड्रेस पहने थे। पाठ्य पुस्तकों के नाम पर पुरानी किताबें लेकर आए।
वजह थी कि अब तक पाठ्य पुस्तकें ही नहीं आई हैं। वार्षिक परीक्षा के दौरान सभी बच्चों से किताबें जमा करा ली गई थीं। जब तक नई किताबें नहीं आ जाती हैं, तब तक जमा कराई गई किताबों से ही बच्चों को पढ़ाया जाएगा। पिछले सत्र में यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूता-मोजा, स्कूल बैग के लिए धनराशि डीबीटी के जरिए भेजी गई थी, लेकिन ज्यादातर बच्चों ने यूनिफॉर्म नहीं बनवाई।
पहला दिन होने से शिक्षक भी नए सत्र की तैयारी में लगे रहे। स्कूल चलो अभियान भी चलाया जाना है। कई शिक्षक गांवों में घूमकर बच्चों के नामांकन के लिए अभिभावकों को प्रेरित करने में लगे रहे।
परिषदीय विद्यालयों में ज्यादा से ज्यादा नामांकन के साथ ही बच्चों का ठहराव हो, इसके लिए पूरे प्रयास होंगे। स्कूल चलो अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में उच्चाधिकारियों के दिशा निर्देशों का अनुपालन होगा। कोशिश होगी कि कोई भी बच्चा विद्यालय में नामांकन से छूटने न पाए।
-शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए