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पांच महीने से नहीं मिला मानदेय, कर्मचारियों ने काटा हंगामा
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रायबरेली। नगर पालिका परिषद में आउटसोर्सिंग के तहत रखे गए कर्मचारियों को पांच माह से मानदेय नहीं मिला है। जल्द मानदेय देने की बात कहकर टरकाया जा रहा है। इससे नाराज कर्मचारियों ने बुधवार को विष्णु नगर स्थित डोर-टू-डोर कार्यालय का घेराव किया।
यहां पर जिम्मेदार कर्मचारियों और ठेकेदार को बंधक बनाकर जमकर नारेबाजी की। सूचना पर डायल-112 पहुंची। कर्मचारियों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
इसके बाद सभी कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर नारेबाजी की। कहा कि मानदेय नहीं मिलने से रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। नगर पालिका के अधिकारी भी हम लोगों की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
आकाश कुमार, प्रवीन कुमार, कुशल यादव ने बताया कि हम लोग आउटसोर्सिंग के तहत कूड़ा उठाने, सुपरवाइजर, वाहन चलाने का काम करते हैं। सुपरवाइजरों को रखने के लिए 65-65 हजार रुपये सिक्योरिटी के रूप में जमा कराया गया है।
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पांच महीने बीत गए हैं, लेकिन अभी तक फूटी कौड़ी नहीं मिली है। लाला, राहुल, संतोष, सौरभ, मोहित, अमरदीप, अमन, विजय कुमार, देवनारायन ने बताया कि मानदेय नहीं मिलने की वजह से अपना और परिवार का भरण पोषण नहीं हो पा रहा है।
जगदेव, राजाराम, उदयराज, प्रवीन कुमार, बृजेश कुमार, रोहित कुमार ने बताया कि कई बार इसकी शिकायत नगर पालिका के अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सभी ने जिलाधिकारी से मानदेय दिलाए जाने की मांग की है।
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यहां पर जिम्मेदार कर्मचारियों और ठेकेदार को बंधक बनाकर जमकर नारेबाजी की। सूचना पर डायल-112 पहुंची। कर्मचारियों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
इसके बाद सभी कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर नारेबाजी की। कहा कि मानदेय नहीं मिलने से रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। नगर पालिका के अधिकारी भी हम लोगों की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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आकाश कुमार, प्रवीन कुमार, कुशल यादव ने बताया कि हम लोग आउटसोर्सिंग के तहत कूड़ा उठाने, सुपरवाइजर, वाहन चलाने का काम करते हैं। सुपरवाइजरों को रखने के लिए 65-65 हजार रुपये सिक्योरिटी के रूप में जमा कराया गया है।
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पांच महीने बीत गए हैं, लेकिन अभी तक फूटी कौड़ी नहीं मिली है। लाला, राहुल, संतोष, सौरभ, मोहित, अमरदीप, अमन, विजय कुमार, देवनारायन ने बताया कि मानदेय नहीं मिलने की वजह से अपना और परिवार का भरण पोषण नहीं हो पा रहा है।
जगदेव, राजाराम, उदयराज, प्रवीन कुमार, बृजेश कुमार, रोहित कुमार ने बताया कि कई बार इसकी शिकायत नगर पालिका के अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सभी ने जिलाधिकारी से मानदेय दिलाए जाने की मांग की है।