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Raebareli News: कर निर्धारण अधिकारी से खाली कराया कमरा
Sun, 07 Sep 2025 01:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 07 Sep 2025 01:35 AM IST
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नगर पालिका कार्यालय में कर निर्धारण अधिकारी से खाली कराया गया कमरा।
रायबरेली। नगर पालिका परिषद रायबरेली में तैनात कर निर्धारण अधिकारी ललितेश कुमार सक्सेना को न सिर्फ धमकाया गया, बल्कि जबरन उनका कमरा खाली करा लिया गया। आरोप है कि एक नेता के बेटे ने स्टाफ के ही कुछ कर्मियों के साथ उनके कमरे में घुसकर जानमाल की धमकी दी।
दहशत के चलते कर निर्धारण अधिकारी शनिवार को दफ्तर ही नहीं पहुंचे। उन्होंने प्रकरण से अधिशासी अधिकारी (ईओ) स्वर्ण सिंह को अवगत करा दिया है। कर निर्धारण अधिकारी के मुताबिक बृहस्पतिवार को करीब दो बजे वह कमरे में कामकाज निपटा रहे थे। इसी दौरान स्टाफ के कुछ लोग एक नेता के बेटे के साथ पहुंचकर उनके साथ अभद्रता करने लगे। धमकी दी कि कमरा खाली कर दो। ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दी।
डर के मारे वह दफ्तर से अपने आवास चले गए। फोन से ईओ को पूरे प्रकरण की जानकारी दी। कर निर्धारण अधिकारी के मुताबिक रायबरेली में तैनाती के दौरान से वह जिस कमरे में बैठ रहे थे, उसे खाली कराया गया। उनके दस्तावेज तक दूसरे स्थान पर भिजवा दिए गए। उधर, पालिका कार्यालय में हुई इस घटना से कई कर्मचारी नाराज हैं। अंदर ही अंदर कई कर्मचारी कर निर्धारण अधिकारी को धमकाने वालों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ईओ का कहना है कि प्रकरण जानकारी में आया है। दोनों पक्षों को बैठाकर उनकी बात सुनकर प्रकरण का हल निकाला जाएगा।
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वसूली उजागर करने के शक में घटना की आशंका
अपंजीकृत मकानों को पंजीकृत करने के लिए शहर में जनरल सर्वे को ताक पर रखकर किया जा रहा था। सर्वे करने के दौरान शहरवासियों से टैक्स के नाम पर वसूली की जा रही थी। मामला संज्ञान में आने पर पालिकाध्यक्ष शत्रोहन सोनकर ने जनरल सर्वे का कार्य रोक दिया है। ऐसे में विवाद करने वाले स्टाफ को शक था कि इस सबके पीछे कर निर्धारण अधिकारी का हाथ है। यही वजह रही कि सर्वे से जुड़े कुछ कर्मियों ने एक नेता के बेटे को अपने पक्ष में मिलाकर कर निर्धारण अधिकारी पर दबाव बनाने की नीयत से ऐसा किया। कर निर्धारण अधिकारी का कहना है कि इस प्रकरण से उनका कोई लेना देना नहीं है।
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दहशत के चलते कर निर्धारण अधिकारी शनिवार को दफ्तर ही नहीं पहुंचे। उन्होंने प्रकरण से अधिशासी अधिकारी (ईओ) स्वर्ण सिंह को अवगत करा दिया है। कर निर्धारण अधिकारी के मुताबिक बृहस्पतिवार को करीब दो बजे वह कमरे में कामकाज निपटा रहे थे। इसी दौरान स्टाफ के कुछ लोग एक नेता के बेटे के साथ पहुंचकर उनके साथ अभद्रता करने लगे। धमकी दी कि कमरा खाली कर दो। ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दी।
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डर के मारे वह दफ्तर से अपने आवास चले गए। फोन से ईओ को पूरे प्रकरण की जानकारी दी। कर निर्धारण अधिकारी के मुताबिक रायबरेली में तैनाती के दौरान से वह जिस कमरे में बैठ रहे थे, उसे खाली कराया गया। उनके दस्तावेज तक दूसरे स्थान पर भिजवा दिए गए। उधर, पालिका कार्यालय में हुई इस घटना से कई कर्मचारी नाराज हैं। अंदर ही अंदर कई कर्मचारी कर निर्धारण अधिकारी को धमकाने वालों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ईओ का कहना है कि प्रकरण जानकारी में आया है। दोनों पक्षों को बैठाकर उनकी बात सुनकर प्रकरण का हल निकाला जाएगा।
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वसूली उजागर करने के शक में घटना की आशंका
अपंजीकृत मकानों को पंजीकृत करने के लिए शहर में जनरल सर्वे को ताक पर रखकर किया जा रहा था। सर्वे करने के दौरान शहरवासियों से टैक्स के नाम पर वसूली की जा रही थी। मामला संज्ञान में आने पर पालिकाध्यक्ष शत्रोहन सोनकर ने जनरल सर्वे का कार्य रोक दिया है। ऐसे में विवाद करने वाले स्टाफ को शक था कि इस सबके पीछे कर निर्धारण अधिकारी का हाथ है। यही वजह रही कि सर्वे से जुड़े कुछ कर्मियों ने एक नेता के बेटे को अपने पक्ष में मिलाकर कर निर्धारण अधिकारी पर दबाव बनाने की नीयत से ऐसा किया। कर निर्धारण अधिकारी का कहना है कि इस प्रकरण से उनका कोई लेना देना नहीं है।