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सूनी थी सड़कें और गलियां, हर जेहन में बेबसी वाले दिन

Wed, 23 Mar 2022 12:24 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 23 Mar 2022 12:24 AM IST
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Roads and streets were deserted, days of helplessness in every mind
रायबरेली। ...सड़कें और गलियां सूनी थीं। ...लोग घरों में कैद थे। दो वक्त की रोजी-रोटी का जुगाड़ करना मुश्किल था। हालात ऐसे थे कि हर कोई दहशत में था और जान बचाने के लिए घर के अंदर कैद रहने को मजबूर था।
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कोई परदेश से घर आने के लिए लालायित था तो कोई पैदल ही चलकर अपने घर पहुंचा था। किसी को इस बात की उम्मीद भी नहीं थी कि ऐसे दिन भी उन्हें कभी देखने पड़ेंगे। ...22 मार्च 2020 को कोरोना के कारण लॉकडाउन की शुरुआत हुई थी। लॉकडाउन के कारण जिले का नजारा कुछ ऐसा ही था।
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हर व्यक्ति के जेहन में आज भी वह बेबसी वाले दिन ताजा हैं, जब उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। दो साल बाद कोरोना का कहर कम हुआ है। धीरे-धीरे जिंदगी पटरी पर लौट रही है, लेकिन इसको लेकर अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है।
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दो साल बाद हालात में कुछ सुुधार हुआ है। लोग रोजी-रोटी की खातिर फिर शहर की ओर रुख कर रहे हैं। बाजार में चहल-पहल दिख रही है। कोरोना के कारण चौपट हुआ व्यापार अब धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ पा रहा है। किराना, बर्तन, कपड़ा समेत अन्य कारोबार में उछाल आया है।
शहर का चाहे फिर सुपर मार्केट, जिला अस्पताल चौराहा, पुलिस लाइंस, सिविल लाइंस, बस स्टेशन, डिग्री कॉलेज चौराहा समेत अन्य चौराहों पर दो साल पहले सन्नाटे वाली तस्वीर आज भी लोगों के जेहन में हैं, लेकिन यह जख्म भूलकर आम आदमी के अलावा व्यापारी, छात्र-छात्राएं, नौकरी पेशा वर्ग वाले लोग आगे बढ़ रहे हैं।
कोरोना के कारण त्योहार पर भी पहरा सा लग गया था। इस बार होली के पर्व पर पहले जैसा माहौल दिखा। लोगों ने बाजारों में पहुंचकर खूब खरीदारी की। घरों में भी त्योहार को लेकर लोगों में उत्साह दिखा। कोरोना की मार के बाद फिर जिंदगी पटरी पर लौट रही है, लेकिन इसको लेकर अभी ढिलाई बरतने की जरूरत नहीं है।
न तो सोशल डिस्टेंसिंग का प्रयोग, न लगाते मास्क
कोरोना का कहर कम हुआ तो लोगों ने फिर लापरवाही बरतनी शुरू कर दी है। बाजारों में लोगों की भीड़ उमड़ रही है। इसके बावजूद सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार नजर आ रही है।

अधिकतर लोग मास्क भी नहीं लगा रहे हैं। इसको लेकर सख्ती भीी नहीं बरती जा रही है। यह हाल तब है, जब अधिकारियों की ओर से लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का प्रयोग करने और मास्क लगाने की बात कही जा रही है।
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