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नहीं मिल पाती फूटी कौड़ी, हिचकोले खाते लोग

Fri, 14 Oct 2022 12:18 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 14 Oct 2022 12:18 AM IST
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सात माह से मार्ग खराब, चलना दूभर
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डलमऊ। डलमऊ-फतेहपुर मार्ग सात माह से खस्ताहाल है। खासकर श्मशान घाट के पास सड़क इतनी खराब है कि लोग आए दिन गिरकर जख्मी हो जाते हैं। इस मार्ग को अभी ठीक नहीं कराया जा सका है। डलमऊ-लालगंज मार्ग पर आफताब नगर के पास सड़क गड्ढों में बदल चुकी है, जिसकी मरम्मत न होने से लोगों में नाराजगी है।
आठ माह से मार्ग ध्वस्त
ऊंचाहार। ऊंचाहार-खरौली मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुका है। आठ माह हो गए पर सड़क की मरम्मत कराने की सुध किसी को नहीं है। फतेहपुर जाने वाले भी इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीण रमेश कुमार व हीरालाल कहते हैं कि अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा हम लोगों को भुगतना पड़ता है।
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हाईवे बदहाल, देखने वाला कोई नहीं
शहर क्षेत्र में बरगद चौराहा के पास हाईवे की सड़क बदहाल है। इसके बावजूद अधिकारी इसे ठीक कराने के लिए गंभीर नहीं हैं। आए दिन हादसे हो रहे हैं। राजघाट के पास भी हाईवे खस्ताहाल है। कई बार लोगों ने इसको लेकर आवाज उठाई, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। हाईवे खस्ताहाल होने से लोगों को आवागमन में मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं।
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रायबरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भले ही खस्ताहाल सड़कों का प्रस्ताव 48 घंटे के अंदर भेजने की बात कही हो, मगर हकीकत में जिले को चार माह से कोई बजट नहीं मिला है। ऐसे में लोक निर्माण समेत अन्य विभागों की करीब 900 सड़कों की तस्वीर बदल नहीं पाई है। सड़कें गड्ढों में बदल चुकी हैं। उस पर रोजाना गुजरने वाले पांच लाख लोग परेशानियों का सामना कर रहे हैं। एक सप्ताह पूर्व लोक निर्माण विभाग ने सड़कों की मरम्मत का प्रस्ताव भेजा था। अब बजट मिलने की प्रतीक्षा हो रही है।
वैसे तो जिले में सड़कों का जाल हैं, लेकिन ज्यादातर सड़कें बदहाल हैं। मुख्यमंत्री ने 15 नवंबर तक सड़कों को दुरुस्त कराने का आदेश जारी किया है। हाल ये है कि लोक निर्माण विभाग की ही 800 सड़कें बजट के अभाव में खराब हैं। इसी तरह अन्य विभागों की भी 100 से अधिक सड़कें खस्ताहाल हैं। लोक निर्माण विभाग की ओर से 800 सड़कों को ठीक कराने के लिए एक सप्ताह पहले प्रस्ताव तैयार शासन को भेजा गया है, लेकिन बजट अभी तक नहीं मिल पाया है।
जिले में लोक निर्माण विभाग करीब 800 सड़कें हैं, जिसकी मरम्मत का प्रस्ताव एक सप्ताह पहले शासन को भेजा गया है। इसके लिए करीब 20 करोड़ रुपये की दरकार है। बजट मिलते ही मरम्मत का काम शुरू करा दिया जाएगा।

दिनेश कुमार कुरील, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग
हाईवे से भी सफर करना मुश्किल
रायबरेली। जिले से होकर छह राष्ट्रीय राजमार्ग निकले हैं। इसमें रायबरेली-अयोध्या निर्माणाधीन हैं, जबकि पांच पर वाहन फर्राटे भर रहे हैं। रायबरेली-लखनऊ हाईवे को छोड़कर शेष हाईवे की हालत पतली है। ऐसे में हाईवे से सफर कर रहे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। एनएचएआई के उप महाप्रबंधक समर सिंह के मुताबिक 15 नवंबर तक मरम्मत करवा दी जाएगी।
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