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Raebareli News: 50 हजार गरीबों का फ्री राशन से मोहभंग, पांच माह से नहीं लिया अन्न
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रायबरेली। हर महीने दो बार कोटे की दुकानों पर मिलने वाले राशन से जिले के करीब 50 हजार गरीबों का मोहभंग हो गया है। 11,331 राशन कार्डों की करीब 50 हजार यूनिटों पर पिछले पांच महीने से एक बार भी राशन नहीं लिया गया। पांच महीने से लगातार राशन न लेने वाले राशन कार्डों के सत्यापन का काम शुरू हो गया है। यह पता लगाया जा रहा है कि किन कारणों से ये गरीब राशन नहीं ले रहे हैं।
जिले में अंत्योदय के 1,01,913 राशनकार्ड व पात्र गृहस्थी के 4,58,929 राशनकार्ड बने हैं। सभी राशन कार्डों की यूनिटों पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना के तहत राशन दिया जा रहा है। मई महीने में राशन कार्ड सरेंडर करने का अभियान शुरू हुआ था, जिसमें करीब पांच हजार राशन कार्ड सरेंडर होने के बाद निरस्त कर दिए गए थे। सरेंडर राशन कार्डों के स्थान पर नए पात्रों के कार्ड जारी किए गए थे।
जिले में वर्तमान समय में 11331 राशन कार्डों की करीब 50 हजार यूनिटों का राशन नहीं लिया जा रहा है। पांच महीने में इन यूनिटों का एक बार भी राशन नहीं लिया गया है। राशन कार्डधारक कोटे की दुकानों पर ही नहीं पहुंच रहे हैं। समीक्षा में मामला संज्ञान में आने के बाद ऐसे राशन कार्डों की जांच शुरू कराई गई है। पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि किन कारणों से गरीब पिछले पांच साल से राशन नहीं ले रहे हैं।
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राशन कार्ड के लिए ये लोग हैं अपात्र
आयकरदाता के साथ ही जिनके पास चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, हॉर्वेस्टर, एसी, जनरेटर, पांच एकड़ से अधिक जमीन है, वे लोग अंत्योदय व पात्र गृहस्थी राशन कार्ड के लिए अपात्र हैं। पात्रता के लिए ग्रामीण क्षेत्र में दो लाख और नगरीय क्षेत्र में तीन लाख से अधिक परिवार की वार्षिक आय भी नहीं होनी चाहिए। शहरी क्षेत्र में आवासीय व व्यावसायिक प्लाट लेने वाले भी अपात्र घोषित किए गए हैं।
जिले में 11331 राशन कार्डों की करीब 50 हजार यूनिटों का राशन नहीं लिया जा रहा है। इन यूनिटों का राशन पिछले पांच महीने में एक बार भी नहीं लिया गया। जांच कराकर यह पता लगाया जा रहा है कि राशन कार्डधारक राशन लेने के लिए कोटे की दुकानों पर क्यों नहीं पहुंच रहे हैं।
विमल कुमार शुक्ला, डीएसओ
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जिले में अंत्योदय के 1,01,913 राशनकार्ड व पात्र गृहस्थी के 4,58,929 राशनकार्ड बने हैं। सभी राशन कार्डों की यूनिटों पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना के तहत राशन दिया जा रहा है। मई महीने में राशन कार्ड सरेंडर करने का अभियान शुरू हुआ था, जिसमें करीब पांच हजार राशन कार्ड सरेंडर होने के बाद निरस्त कर दिए गए थे। सरेंडर राशन कार्डों के स्थान पर नए पात्रों के कार्ड जारी किए गए थे।
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जिले में वर्तमान समय में 11331 राशन कार्डों की करीब 50 हजार यूनिटों का राशन नहीं लिया जा रहा है। पांच महीने में इन यूनिटों का एक बार भी राशन नहीं लिया गया है। राशन कार्डधारक कोटे की दुकानों पर ही नहीं पहुंच रहे हैं। समीक्षा में मामला संज्ञान में आने के बाद ऐसे राशन कार्डों की जांच शुरू कराई गई है। पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि किन कारणों से गरीब पिछले पांच साल से राशन नहीं ले रहे हैं।
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राशन कार्ड के लिए ये लोग हैं अपात्र
आयकरदाता के साथ ही जिनके पास चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, हॉर्वेस्टर, एसी, जनरेटर, पांच एकड़ से अधिक जमीन है, वे लोग अंत्योदय व पात्र गृहस्थी राशन कार्ड के लिए अपात्र हैं। पात्रता के लिए ग्रामीण क्षेत्र में दो लाख और नगरीय क्षेत्र में तीन लाख से अधिक परिवार की वार्षिक आय भी नहीं होनी चाहिए। शहरी क्षेत्र में आवासीय व व्यावसायिक प्लाट लेने वाले भी अपात्र घोषित किए गए हैं।
जिले में 11331 राशन कार्डों की करीब 50 हजार यूनिटों का राशन नहीं लिया जा रहा है। इन यूनिटों का राशन पिछले पांच महीने में एक बार भी नहीं लिया गया। जांच कराकर यह पता लगाया जा रहा है कि राशन कार्डधारक राशन लेने के लिए कोटे की दुकानों पर क्यों नहीं पहुंच रहे हैं।
विमल कुमार शुक्ला, डीएसओ