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रेलवे योजनाओं की रफ्तार में आएगी तेजी, जनवरी में फिर आएंगे जीएम

Sun, 21 Nov 2021 09:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 21 Nov 2021 09:57 PM IST
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Railway plans will speed up GM will come again in January
रायबरेली। रेलवे में चल रही योजनाओं और विकास कार्यों में तेजी आएगी। रेल लाइन दोहरीकरण और विद्युतीकरण के चलते दूसरे कार्य धीमे पड़ गए थे। अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी, बल्कि तेजी से काम पूरे किए जाएंगे।
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चाहे वह यार्ड रिमॉडलिंग के तहत रेलवे स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ाने का काम हो या फिर वाशिंग लाइन का रुका हुआ कार्य हो, इन सभी को पूरा करने के लिए आला अधिकारी लगातार समीक्षा कर रहे हैं। तीन महीने में दो बार रेलवे महाप्रबंधक भी निरीक्षण कर चुके हैं। जनवरी में फिर जीएम का निरीक्षण कार्यक्रम प्रस्तावित है।
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लखनऊ से वाराणसी रेल लाइन पर सबसे बड़ा काम दोहरीकरण और विद्युतीकरण का था, जिसे पूरा कराने के लिए ज्यादा जोर दिया जा रहा था। इसीलिए सितंबर महीने में दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण को पूरा करा लिया है।
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इसके चलते वाशिंग लाइन और यार्ड रिमॉडलिंग का कार्य धीमी रफ्तार से चला। अगस्त महीन में उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने लखनऊ से वाराणसी तक निरीक्षण कर विकास कार्यों और योजनाओं की समीक्षा की थी, जिन्हें समय से पूरा कराने के निर्देश दिए थे। डीआरएम ने 6 नवंबर को लखनऊ से अमेठी तक निरीक्षण किया था।
विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए गत दिवस फिर जीएम ने प्रयागराज से लखनऊ तक निरीक्षण किया। हालांकि रायबरेली स्टेशन पर वह ज्यादा देर नहीं रुके, लेकिन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश जरूर दिए। उनके सामने यार्ड रिमॉडलिंग के तहत होने वाले कार्यों और वाशिंग लाइन का मुद्दा उठाया गया था।
रेलवे जीएम अब 7 जनवरी को फिर निरीक्षण करने आएंगे। उनके आने से पहले ज्यादा से ज्यादा काम निपटाने की कोशिश की जाएगी। स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार का कहना है कि जीएम का निरीक्षण कार्यक्रम जनवरी में भी प्रस्तावित है।
प्लेटफार्म पर नहीं लगा है टिनशेड
दोहरीकरण के लिए पुराने प्लेटफार्म को तोड़कर नया प्लेटफार्म नंबर दो-तीन बनाया गया था, लेकिन अभी तक टिनशेड नहीं लगा है। इससे बैठने के लिए पर्याप्त बेंच, लाइट-फैन भी नहीं लगे हैं। इस प्लेटफार्म पर रोजाना 29 ट्रेनों का ठहराव होता है और औसतन 10 हजार यात्री आते-जाते हैं, जिन्हें खुले आसमान के नीचे खड़े रहना पड़ता है। अक्सर यात्री पटरियों से ही दूसरी तरफ जाते रहते हैं।
दूसरी पैदल पुल न बनने से दिक्कत
रेलवे स्टेशन के पश्चिमी छोर पर एक फुट-ओवरब्रिज (पैदल पुल) बना है, जबकि पूर्वी हिस्से की तरफ दूसरा पैदल पुल अब तक नहीं बना है। इससे प्लेटफार्म नंबर एक से दो-तीन पर जाने के लिए लंबा चक्कर काटना पड़ता है। दूसरा पैदल पुल काफी चौड़ा बनना है, जिससे यात्रियों को प्लेटफार्म बदलने में आसानी हो। साथ ही आसपास के लोगों को भी दूसरी तरफ जाने में सुविधा मिल सकेगी।

एस्केलेटर, लिफ्ट लगे तो मिलेगी सहूलियत
पैदल पुल पर चढने के लिए सीढ़ियां तो रहेंगी ही, साथ ही एस्केलेटर और लिफ्ट बनाने का प्रस्ताव भी है। इसके बनने से यात्रियों को काफी सुविधा मिल सकेगी। हालांकि अभी दूसरा पैदल पुल नहीं बना है। इसलिए एस्केलेटर और लिफ्ट बनने में समय लग सकता है। इन सभी कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। आला अधिकारी लगातार कार्यों को समय से पूरा कराने के लिए निर्देश दे रहे हैं।
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