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कृषि कानून के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन, सरकार को कोसा

Sat, 06 Feb 2021 11:35 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 06 Feb 2021 11:35 PM IST
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protest
रायबरेली। कृषि कानूनों के खिलाफ शनिवार को किसानों ने प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार को जमकर कोसा। सभी ने एक स्वर में कहा कि सरकार किसानों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। किसान आरपार की लड़ाई लड़ेगा। आंदोलन और तेज होगा।
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कृषि कानूनों के खिलाफ तीन घंटे का चक्का जाम किए जाने के ऐलान किया गया था। इसी के मद्देनजर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने विकास भवन पहुंचकर प्रदर्शन किया। इसके बाद एसडीएम सदर अंशिका दीक्षित को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
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अध्यक्ष दयाशंकर चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार किसान हित में तत्काल कृषि कानूनों को रद्द करे। आंदोलन में शामिल किसानों पर झूठे मुकदमें वापस लिए जाएं। इस मौके पर सुधीर कुमार, रामजीत यादव, मनोज त्रिपाठी, विमल प्रकाश चौधरी, राज नारायण वर्मा, मनीष कुमार, रामलखन वर्मा मौजूद रहे। उधर, किसान नेता कामता प्रसाद वर्मा, रामकुमार सिंह ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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संयुक्त किसान विकास मोर्चा, हिंदुस्तान समाज पार्टी, अखिल भारतीय किसान मजदूर संघ, किसान विकास एसोसिएशन, बारबर एसोसिएशन ने विकास भवन में धरना देकर कृषि कानूनों को रद्द किए जाने की मांग उठाई। सभी ने एसडीएम सदर को ज्ञापन सौंपा। संयुक्त किसान विकास मोर्चा के अध्यक्ष अजय वाजपेयी ने कहा कि किसान हितों के लिए से मांग कर रहे किसानों और सरकार के बीच गतिरोध टूटना चाहिए।
प्रधानमंत्री से हमारी मांग है कि वह इस आंदोलन को खत्म करने की दिशा में काम करें तथा जनमानस में सकारात्मक संदेश दें। सभी किसान मजदूर नौजवान के लिए सड़क से संसद तक किसानों की सभी समस्याओं के लिए लगातार संघर्ष जारी रहेगा।
मोर्चे के संरक्षक बीपी तरंग ने कहा कि किसानों ने भी सरकार बनाने में अपना मत दिया। आने वाले समय में चुनाव में फिर वोट देना है। इसलिए किसानों के साथ अन्याय न किया जाए। राष्ट्रीय जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सईब अहमद ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय नहीं चलेगा। सरकार जल्द उनकी मांगों पर विचार करे। इस मौके पर राजू अवस्थी, सिराज अहमद, नागेश्वर श्रीवास्तव, रवींद्र तिवारी मौजूद रहे।
पुलिस की सख्ती, धरना तक सीमित रहा विरोध
तीन घंटे के चक्का जाम किए जाने के आह्वान के मद्देनजर पुलिस अलर्ट रही। पुलिस की सख्ती का असर ये रहा कि किसानों का विरोध धरने तक सीमित रहा। रेलवे स्टेशन पर सीओ सदर डॉ.अंजनी कुमार चतुर्वेदी, सदर कोतवाल अतुल सिंह के अलावा भारी पुलिस बल तैनात रहा। सीओ की अगुवाई में बस स्टेशन, सुपर मार्केट पुलिस ने रूट मार्च भी किया।
ऊंचाहार प्रतिनिधि के मुताबिक कोतवाल विनोद सिंह ने पुलिस ने नगर के कस्बा, बस स्टैंड, चौराहा समेत अन्य स्थानों पर पैदल मार्च करके शांति व्यवस्था बनाए रखने व सौहार्द खराब न करने की अपील की। किसानों के चक्का जाम के मद्देनजर दंगा नियंत्रण उपकरण के साथ ऊंचाहार के जीआरपी चौकी इंचार्ज पप्पू यादव के नेतृत्व में चाक चौबंद व्यवस्था दिखी। एसपी श्लोक कुमार ने बताया कि शहर से लेकर कस्बों तक में पुलिस बल तैनात रहा। पूरा दिन शांतिपूर्ण ढंग से बीता।

किसानों ने लगाई चौपाल
इन्हौना। अमेठी जिले के सिंहपुर ब्लॉक क्षेत्र के इन्हौना कस्बे में समस्याओं को किसान गुटों ने चौपाल लगाई और राष्ट्रपति को समस्याओं से संबंधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी योगेंद्र सिंह को सौंपा। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) और भानू गुट के कार्यकर्ताओं ने चौपाल लगाई। किसान नेता अब्बास फौजी ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है। सरकार को अन्य आयोग की तरह किसान आयोग का भी गठन करने चाहिए। दिल्ली में धरना प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों के साथ हम लोग भी हैं। इस मौके पर सियाराम मिश्र, राघवेंद्र मिश्र, जितेंद्र सिंह, श्रवण पाल मौजूद रहे।
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