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रेलवे क्रॉसिंग बंद करने से खफा ग्रामीणों ने बुलंद की आवाज
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प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- फोटो : RAIBARAILY
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ऊंचाहार (रायबरेली)। सवैया हसन गांव के पास रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे अंडरपास के निकट ग्रामीणों ने शनिवार को प्रदर्शन किया। रेलवे अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की।
ग्रामीणों ने रेलवे पर गांव के रास्ते को बंद कर ज्यादती करने का आरोप लगाया। लोगों ने रास्ते को अंडरपास से जोड़ने की मांग की है।
रायबरेली-प्रयागराज रेलखंड पर सवैया हसन गांव के पास रेलवे क्रॉसिंग है। इस रेलवे क्रॉसिंग से पूरे झाऊ, सवैया हसन, गुलरिहा सहित आसपास के गांव वालों का आना-जाना रहता है।
रेलवे के अधिकारी क्रॉसिंग को बंद करने के लिए अंडरपास का निर्माण करवा रहे हैं। अंडरपास के पश्चिमी छोर से जुड़ा हुआ एक रास्ता पूरे झाऊ गांव की ओर जाता है।
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उस रास्ते को रेलवे ने सर्वे के दौरान अंडरपास से अलग कर दिया है। जानकारी होने पर ग्रामीणों ने इसकी शिकायत स्थानीय प्रशासन सहित रेलवे के अधिकारियों से की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इससे नाराज गांव वालों ने शनिवार को अंडरपास के निकट प्रदर्शन किया और रेलवे अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अजय कुमार, शिव प्रकाश साहू, सज्जन सिंह, राकेश कुमार, सुभाषचंद्र, विजय कुमार, उग्रपाल व संजय ने बताया कि यह रास्ता राजस्व अभिलेखों में भी दर्ज है। इससे प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का आना-जाना होता है।
लोग अपने खेतों में कृषि कार्य के लिए जाते हैं, लेकिन रेलवे इस रास्ते को बंद कर रहा है। इसके बंद होने से पूरे झाऊ गांव का रास्ता अवरूद्ध होने के साथ ही गांव के किसानों को अपने खेत तक पहुंचने के लिए चार किमी. का चक्कर लगाना पड़ेगा।
ग्रामीणों ने रास्ते को अंडरपास से जोड़ने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने मांग पूरी न होने पर बेमियादी धरना देने की चेतावनी दी है। एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर रेलवे के अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। समस्या का निदान कराया जाएगा।
ग्रामीण की मांग पर इस रास्ते को अंडरपास से जोड़ने के लिए एसडीएम राजेश कुमार ने लेखापाल से आख्या मांगी और डीआरएम को पत्र भेजकर रास्ता बनवाने को कहा। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष रंजना चौधरी ने रेलवे डीआरएम को पत्र भेजा। लोगों के हित को देखते हुए समस्या के त्वरित निस्तारण कराने की बात कही, लेकिन रेलवे ने एक नहीं सुनी। रेलवे सिर्फ अपना हित साधने के लिए जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों की बात को अनसुना करने पर उतारू है।
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ग्रामीणों ने रेलवे पर गांव के रास्ते को बंद कर ज्यादती करने का आरोप लगाया। लोगों ने रास्ते को अंडरपास से जोड़ने की मांग की है।
रायबरेली-प्रयागराज रेलखंड पर सवैया हसन गांव के पास रेलवे क्रॉसिंग है। इस रेलवे क्रॉसिंग से पूरे झाऊ, सवैया हसन, गुलरिहा सहित आसपास के गांव वालों का आना-जाना रहता है।
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रेलवे के अधिकारी क्रॉसिंग को बंद करने के लिए अंडरपास का निर्माण करवा रहे हैं। अंडरपास के पश्चिमी छोर से जुड़ा हुआ एक रास्ता पूरे झाऊ गांव की ओर जाता है।
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उस रास्ते को रेलवे ने सर्वे के दौरान अंडरपास से अलग कर दिया है। जानकारी होने पर ग्रामीणों ने इसकी शिकायत स्थानीय प्रशासन सहित रेलवे के अधिकारियों से की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इससे नाराज गांव वालों ने शनिवार को अंडरपास के निकट प्रदर्शन किया और रेलवे अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अजय कुमार, शिव प्रकाश साहू, सज्जन सिंह, राकेश कुमार, सुभाषचंद्र, विजय कुमार, उग्रपाल व संजय ने बताया कि यह रास्ता राजस्व अभिलेखों में भी दर्ज है। इससे प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का आना-जाना होता है।
लोग अपने खेतों में कृषि कार्य के लिए जाते हैं, लेकिन रेलवे इस रास्ते को बंद कर रहा है। इसके बंद होने से पूरे झाऊ गांव का रास्ता अवरूद्ध होने के साथ ही गांव के किसानों को अपने खेत तक पहुंचने के लिए चार किमी. का चक्कर लगाना पड़ेगा।
ग्रामीणों ने रास्ते को अंडरपास से जोड़ने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने मांग पूरी न होने पर बेमियादी धरना देने की चेतावनी दी है। एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर रेलवे के अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। समस्या का निदान कराया जाएगा।
ग्रामीण की मांग पर इस रास्ते को अंडरपास से जोड़ने के लिए एसडीएम राजेश कुमार ने लेखापाल से आख्या मांगी और डीआरएम को पत्र भेजकर रास्ता बनवाने को कहा। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष रंजना चौधरी ने रेलवे डीआरएम को पत्र भेजा। लोगों के हित को देखते हुए समस्या के त्वरित निस्तारण कराने की बात कही, लेकिन रेलवे ने एक नहीं सुनी। रेलवे सिर्फ अपना हित साधने के लिए जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों की बात को अनसुना करने पर उतारू है।