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सीएचसी से गर्भवती को लौटाया, सड़क पर हुआ प्रसव
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बछरावां (रायबरेली)। फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) होने के बाद भी बछरावां सीएचसी में प्रसव के नाम पर लापरवाही और मनमानी सामने आई है। प्रसव के लिए भर्ती कराई गई महिला की हालत गंभीर बताकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
प्रसव से इंकार के बाद महिला पैदल ही अपने पति के साथ घर जाने लगी तो अस्पताल से कुछ ही दूरी पर उसका सामान्य प्रसव हो गया। जच्चा-बच्चा को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां दोनों स्वस्थ हैं। प्रसूता के पति ने अस्पताल के स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
क्षेत्र के खालेगांव मजरे शेषपुर समोधा निवासी औसान ने बृहस्पति को पत्नी सोनी को प्रसव के लिए सीएचसी बछरावां में भर्ती कराया। महिला चिकित्सक डॉ. नमृता सिंह प्रसूता को देखने के बाद कहीं चली गईं।
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स्टाफ नर्स ने प्रसूता को खून की कमी का बहाना करके सामान्य प्रसव कराने से इंकार कर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि प्रसूता ने आर्थिक रूप से कमजोर होने का बात कही तो नर्स ने एंबुलेंस की व्यवस्था कराकर भेजने का भरोसा दिया।
सीएचसी में प्रसव न कराए जाने के बाद औसान अपनी पत्नी को लेकर पैदल ही घर जाने लगा। बछरावां-महराजगंज मार्ग पर सीएचसी से करीब 100 मीटर की दूरी पर ही प्रसव पीड़ा होने के बाद महिला ने बच्ची को जन्म दे दिया।
रास्ते में प्रसव के बाद सीएचसी में हड़कंप मच गया। जच्चा-बच्चा को प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया है। दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं। हालांकि सीएचसी के डॉक्टरों व स्टाफ की मनमानी का कारनामा उजागर होने के बाद लोगों में नाराजगी है।
प्रसूता को एनीमिया था। तबीयत बिगड़ने पर स्टाफ नर्स ने उसे जिला अस्पताल रेफर किया, लेकिन पति उसे घर ले जा रहा था। एंबुलेंस की भी व्यवस्था करा दी गई थी, रास्ते में प्रसव हुआ है। जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं।
- डॉ. प्रभात मिश्रा, प्रभारी अधीक्षक, सीएचसी बछरावां
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प्रसव से इंकार के बाद महिला पैदल ही अपने पति के साथ घर जाने लगी तो अस्पताल से कुछ ही दूरी पर उसका सामान्य प्रसव हो गया। जच्चा-बच्चा को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां दोनों स्वस्थ हैं। प्रसूता के पति ने अस्पताल के स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
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क्षेत्र के खालेगांव मजरे शेषपुर समोधा निवासी औसान ने बृहस्पति को पत्नी सोनी को प्रसव के लिए सीएचसी बछरावां में भर्ती कराया। महिला चिकित्सक डॉ. नमृता सिंह प्रसूता को देखने के बाद कहीं चली गईं।
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स्टाफ नर्स ने प्रसूता को खून की कमी का बहाना करके सामान्य प्रसव कराने से इंकार कर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि प्रसूता ने आर्थिक रूप से कमजोर होने का बात कही तो नर्स ने एंबुलेंस की व्यवस्था कराकर भेजने का भरोसा दिया।
सीएचसी में प्रसव न कराए जाने के बाद औसान अपनी पत्नी को लेकर पैदल ही घर जाने लगा। बछरावां-महराजगंज मार्ग पर सीएचसी से करीब 100 मीटर की दूरी पर ही प्रसव पीड़ा होने के बाद महिला ने बच्ची को जन्म दे दिया।
रास्ते में प्रसव के बाद सीएचसी में हड़कंप मच गया। जच्चा-बच्चा को प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया है। दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं। हालांकि सीएचसी के डॉक्टरों व स्टाफ की मनमानी का कारनामा उजागर होने के बाद लोगों में नाराजगी है।
प्रसूता को एनीमिया था। तबीयत बिगड़ने पर स्टाफ नर्स ने उसे जिला अस्पताल रेफर किया, लेकिन पति उसे घर ले जा रहा था। एंबुलेंस की भी व्यवस्था करा दी गई थी, रास्ते में प्रसव हुआ है। जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं।
- डॉ. प्रभात मिश्रा, प्रभारी अधीक्षक, सीएचसी बछरावां