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दो माह बाद भी 314 पीआरडी जवानों के सामने रोजी का संकट
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रायबरेली। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल होने के बावजूद जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग के 314 पीआरडी जवान दो महीने से बिना काम के घूम रहे हैं।
715 में से महज 401 जवानों की ड्यूटी उप निदेशक के स्तर से दी गई है। काम न मिलने के कारण जवानों के सामने रोजी-रोटी का संकट गहरा रहा है, लेकिन उपनिदेशक के स्तर पर मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
जिला युवा कल्याण व प्रांतीय रक्षक दल विभाग में 715 पीआरडी जवान हैं। अब तक उपनिदेशक कार्यालय से महज 401 जवानों की ड्यूटी ही पास की गई है।
खास बात यह कि लगातार ड्यूटी कर रहे जवानों के नाम सूची से उड़ा दिए गए हैं। इन जवानों के पास परिवार चलाने का कोई और सहारा नहीं है, लेकिन ड्यूटी काट दिए जाने के कारण इनके सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है। 314 जवानों को ड्यूटी न मिलने के कारण इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
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बताते हैं कि ड्यूटी लगाने के नाम पर खेल चल रहा है। इसी कारण सभी जवानों को ड्यूटी नहीं मिल पा रही है। जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी एमएल रमन ने बताया कि उप निदेशक कार्यालय से जवानों के नाम लॉक होने के बाद मिली सूची के आधार पर ड्यूटी लगाई गई है। 314 जवानों की स्वीकृति मिलने के बाद उनकी भी ड्यूटी लगाई जाएगी।
मृतक आश्रित में पहला पीआरडी जवान चयनित
अमावां क्षेत्र के पीआरडी सुंदर लाल की मौत के बाद निदेशालय से बेटे वेद प्रकाश को मृतक आश्रित के रूप में पीआरडी जवान चयनित करने की अनुमति दी गई है। उम्मीद है कि जून तक प्रक्रिया पूरी होने के बाद जवान को ड्यूटी भी मिल जाएगी। जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी एमएल रमन का कहना है कि मृतक आश्रित में यह पहला चयन है। सतांव क्षेत्र का भी एक मामला चल रहा है।
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715 में से महज 401 जवानों की ड्यूटी उप निदेशक के स्तर से दी गई है। काम न मिलने के कारण जवानों के सामने रोजी-रोटी का संकट गहरा रहा है, लेकिन उपनिदेशक के स्तर पर मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
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जिला युवा कल्याण व प्रांतीय रक्षक दल विभाग में 715 पीआरडी जवान हैं। अब तक उपनिदेशक कार्यालय से महज 401 जवानों की ड्यूटी ही पास की गई है।
खास बात यह कि लगातार ड्यूटी कर रहे जवानों के नाम सूची से उड़ा दिए गए हैं। इन जवानों के पास परिवार चलाने का कोई और सहारा नहीं है, लेकिन ड्यूटी काट दिए जाने के कारण इनके सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है। 314 जवानों को ड्यूटी न मिलने के कारण इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
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बताते हैं कि ड्यूटी लगाने के नाम पर खेल चल रहा है। इसी कारण सभी जवानों को ड्यूटी नहीं मिल पा रही है। जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी एमएल रमन ने बताया कि उप निदेशक कार्यालय से जवानों के नाम लॉक होने के बाद मिली सूची के आधार पर ड्यूटी लगाई गई है। 314 जवानों की स्वीकृति मिलने के बाद उनकी भी ड्यूटी लगाई जाएगी।
मृतक आश्रित में पहला पीआरडी जवान चयनित
अमावां क्षेत्र के पीआरडी सुंदर लाल की मौत के बाद निदेशालय से बेटे वेद प्रकाश को मृतक आश्रित के रूप में पीआरडी जवान चयनित करने की अनुमति दी गई है। उम्मीद है कि जून तक प्रक्रिया पूरी होने के बाद जवान को ड्यूटी भी मिल जाएगी। जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी एमएल रमन का कहना है कि मृतक आश्रित में यह पहला चयन है। सतांव क्षेत्र का भी एक मामला चल रहा है।