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पैनलों में नहीं होती ट्रिपिंग, कैसे मिले भरपूर बिजली
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गदागंज (रायबरेली)। उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली देने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इस दावे को विद्युत उपकेंद्र में लगे उपकरण पलीता लगा रहे हैं।
विद्युत उपकेंद्र गदागंज से पांच फीडर निकले हैं। इनके फीडरों की कई सालों से मेंटेनेंस नहीं हुआ है। एक्सईएन से लेकर अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता तक से समस्या को अवगत कराया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुए हैं।
एक ओर जहां उपभोक्ताओं को 18 घंटे में महज 10 से 12 घंटे बिजली मिल रही है, वहीं आए दिन तार टूटने से किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
विद्युत उपकेंद्र से गदागंज से गौरा, अंबारा, धूता, थुलरई और गदागंज फीडर निकले हैं। इन फीडरों के जरिए करीब डेढ़ लाख आबादी को बिजली आपूर्ति होती है।
इन फीडरों के संचालन के लिए उपकेंद्र में लगे पैनल कई साल पुराने हैं, जिनमें आए दिन कोई न कोई दिक्कत होती रहती है। विद्युत उपकेंद्र में लगे उपकरणों की न तो कभी कोई जांच होती और न ही मेंटेनेंस।
अवर अभियंता व कर्मचारी किसी तरह ठोक पीटकर काम चला रहे हैं। फीडरों पर काम करने वाले कर्मचारियों ने भी कई बार लिखित समस्या दर्ज कराई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।
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फॉल्ट आते ही होनी चाहिए ट्रिपिंग
विद्युत उपकेंद्रों में लगे पैनलों में ट्रिपिंग न होने की समस्या घातक हो सकती है। क्योंकि जब कभी लाइन में फॉल्ट आती है या तार टूटता है तो तत्काल ट्रिपिंग होनी चाहिए, ताकि पूरे फीडर की बिजली आपूर्ति बंद हो जाए, लेकिन गदागंज विद्युत उपकेंद्र में लगे पैनलों में ट्रिपिंग ही नहीं होती है।
जब कभी फॉल्ट आता है तो तार टूटता या फिर उपकरण फुंकते हैं। इससे किसी दिन भी उपकेंद्र में आग लग सकती हैं। इसको लेकर विद्युत वितरण खंड ऊंचाहार के अभियंता कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। यहां तैनात संविदा कर्मियों ने कई बार समस्या से अवगत कराया, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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विद्युत उपकेंद्र गदागंज से पांच फीडर निकले हैं। इनके फीडरों की कई सालों से मेंटेनेंस नहीं हुआ है। एक्सईएन से लेकर अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता तक से समस्या को अवगत कराया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुए हैं।
एक ओर जहां उपभोक्ताओं को 18 घंटे में महज 10 से 12 घंटे बिजली मिल रही है, वहीं आए दिन तार टूटने से किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
विद्युत उपकेंद्र से गदागंज से गौरा, अंबारा, धूता, थुलरई और गदागंज फीडर निकले हैं। इन फीडरों के जरिए करीब डेढ़ लाख आबादी को बिजली आपूर्ति होती है।
इन फीडरों के संचालन के लिए उपकेंद्र में लगे पैनल कई साल पुराने हैं, जिनमें आए दिन कोई न कोई दिक्कत होती रहती है। विद्युत उपकेंद्र में लगे उपकरणों की न तो कभी कोई जांच होती और न ही मेंटेनेंस।
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अवर अभियंता व कर्मचारी किसी तरह ठोक पीटकर काम चला रहे हैं। फीडरों पर काम करने वाले कर्मचारियों ने भी कई बार लिखित समस्या दर्ज कराई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।
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फॉल्ट आते ही होनी चाहिए ट्रिपिंग
विद्युत उपकेंद्रों में लगे पैनलों में ट्रिपिंग न होने की समस्या घातक हो सकती है। क्योंकि जब कभी लाइन में फॉल्ट आती है या तार टूटता है तो तत्काल ट्रिपिंग होनी चाहिए, ताकि पूरे फीडर की बिजली आपूर्ति बंद हो जाए, लेकिन गदागंज विद्युत उपकेंद्र में लगे पैनलों में ट्रिपिंग ही नहीं होती है।
जब कभी फॉल्ट आता है तो तार टूटता या फिर उपकरण फुंकते हैं। इससे किसी दिन भी उपकेंद्र में आग लग सकती हैं। इसको लेकर विद्युत वितरण खंड ऊंचाहार के अभियंता कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। यहां तैनात संविदा कर्मियों ने कई बार समस्या से अवगत कराया, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।