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एसडीएम कार्यालय में तैनात चपरासी ने लगाई फांसी
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Tue, 26 Jul 2016 12:06 AM IST
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सूर्य प्रकाश (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
मिल एरिया थाना क्षेत्र के जैतूपुर मोहल्ले में रविवार रात एसडीएम कार्यालय सलोन में तैनात चपरासी ने फांसी लगाकर जान दे दी। सुबह उसका शव रस्सी के सहारे पंखे से लटकता पाए जाने से हड़कंप मच गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि तहसील के अधिकारियों के उत्पीड़न से परेशान चपरासी ने खुदकुशी की है।
जैतूपुर निवासी सूर्य प्रकाश शर्मा (35) एसडीएम सलोन कार्यालय में चपरासी पद पर तैनात था। रात में सूर्य प्रकाश कमरे में जाकर सो गया। सुबह परिवारीजनों ने कमरे में पंखे से उसका शव लटकता देखा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
मां विद्यावती और पत्नी ज्योति शर्मा ने आरोप लगाया कि तहसील के अधिकारी और कर्मचारी सूर्य प्रकाश का उत्पीड़न कर रहे थे। इससे वह परेशान रहता था। इसी वजह से सूर्य प्रकाश ने खुदकुशी की है। मां और पत्नी ने मांग की सूर्य प्रकाश का उत्पीड़न करने वाले अफसरों, कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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थानेदार एके सिंह के मुताबिक चपरासी तीन माह से सस्पेंड चल रहा था। उसका अमेठी स्थानांतरण हो गया था। चपरासी ने फांसी लगाकर जान दी है। तहरीर मिलेगी तो उसके आधार पर उचित कार्रवाई होगी। बेटे की मौत का सदमा बूढ़ी मां विद्यावर्ती बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी।
कभी दहाडे़ मारकर रो पड़ती तो कभी जमीन पर सिर पटकने लगती। साथ ही तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों को बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराती। उसकी जुबां पर यही बात थी कि कहत रहेन बेटवा से, परेशान मत हुउव। अफसरन के पास हम जाब, उनसे चरौरी करब। तुमका माफ कर देहैं। पर बेटवा हमारि बात नाही मान और यह कर डालिस।
एसडीएम सलोन मोतीलाल यादव का कहना है कि चपरासी सूर्य प्रकाश कार्यालय में तैनात जरूर था, लेकिन जब से मैंने यहां जॉइन किया, वह मुझे नहीं दिखा था। उसका किसी ने उत्पीड़न नहीं किया है। बेवजह आरोप लगाए जा रहे हैं।
वहीं डीएम अनुज कुमार झा ने कहा कि एसडीएम कार्यालय में तैनात चपरासी सूर्य प्रकाश शर्मा की मौत का मामला गंभीर है, लेकिन मुझे इस मामले की जानकारी नहीं दी गई है। मृतक के परिवारीजन शिकायत करते हैं तो पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि कोई दोषी होगा तो निश्चित तौर से उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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जैतूपुर निवासी सूर्य प्रकाश शर्मा (35) एसडीएम सलोन कार्यालय में चपरासी पद पर तैनात था। रात में सूर्य प्रकाश कमरे में जाकर सो गया। सुबह परिवारीजनों ने कमरे में पंखे से उसका शव लटकता देखा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
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मां विद्यावती और पत्नी ज्योति शर्मा ने आरोप लगाया कि तहसील के अधिकारी और कर्मचारी सूर्य प्रकाश का उत्पीड़न कर रहे थे। इससे वह परेशान रहता था। इसी वजह से सूर्य प्रकाश ने खुदकुशी की है। मां और पत्नी ने मांग की सूर्य प्रकाश का उत्पीड़न करने वाले अफसरों, कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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थानेदार एके सिंह के मुताबिक चपरासी तीन माह से सस्पेंड चल रहा था। उसका अमेठी स्थानांतरण हो गया था। चपरासी ने फांसी लगाकर जान दी है। तहरीर मिलेगी तो उसके आधार पर उचित कार्रवाई होगी। बेटे की मौत का सदमा बूढ़ी मां विद्यावर्ती बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी।
कभी दहाडे़ मारकर रो पड़ती तो कभी जमीन पर सिर पटकने लगती। साथ ही तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों को बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराती। उसकी जुबां पर यही बात थी कि कहत रहेन बेटवा से, परेशान मत हुउव। अफसरन के पास हम जाब, उनसे चरौरी करब। तुमका माफ कर देहैं। पर बेटवा हमारि बात नाही मान और यह कर डालिस।
एसडीएम सलोन मोतीलाल यादव का कहना है कि चपरासी सूर्य प्रकाश कार्यालय में तैनात जरूर था, लेकिन जब से मैंने यहां जॉइन किया, वह मुझे नहीं दिखा था। उसका किसी ने उत्पीड़न नहीं किया है। बेवजह आरोप लगाए जा रहे हैं।
वहीं डीएम अनुज कुमार झा ने कहा कि एसडीएम कार्यालय में तैनात चपरासी सूर्य प्रकाश शर्मा की मौत का मामला गंभीर है, लेकिन मुझे इस मामले की जानकारी नहीं दी गई है। मृतक के परिवारीजन शिकायत करते हैं तो पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि कोई दोषी होगा तो निश्चित तौर से उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।