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Raebareli News: वारदात के दो दिन पहले की फुटेज खंगाल रही पुलिस
Wed, 09 Jul 2025 01:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Wed, 09 Jul 2025 01:03 AM IST
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खीरों थाना क्षेत्र के महरानीगंज में गल्ला व्यापारी सुखदेव की हत्या के बाद तैनात पुलिस।
- फोटो : खीरों थाना क्षेत्र के महरानीगंज में गल्ला व्यापारी सुखदेव की हत्या के बाद तैनात पुलिस।
रायबरेली। गल्ला व्यापारी सुखदेव लोधी की हत्या में शामिल आरोपी आठ दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। एसओजी और सर्विलांस टीम भी इस बार वारदात के सुराग जुटाने में फिसड्डी साबित हो रही है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि घटना को अंजाम देने वाले आरोपी कितने शातिर थे।
घटना की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस वारदात के दो दिन पहले की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज के जरिए पुलिस पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना को अंजाम देने के पहले आरोपियों ने गल्ला व्यापारी के घर की रेकी तो नहीं की थी। घटना के इन आठ दिनों में पुलिस रायबरेली, उन्नाव, फतेहपुर जिलों में जाकर सुराग जुटाने का प्रयास किया है, लेकिन नतीजा सिफर है।
दरअसल, महरानीगंज निवासी सुखदेव की एक जून की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि उनकी पत्नी सरोजनी देवी को भी घायल कर दिया गया था। पत्नी का एम्स में इलाज अभी चल रहा है। सुखदेव के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में पांच लोग दिखे हैं, लेकिन उनके चेहरे साफ नहीं है। ऐसे में पुलिस को उन तक पहुंचना आसान नहीं है।
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पुलिस संदिग्ध लोगों की पहचान के लिए सभी सीसीटीवी फुटेज जांच के लिए विधिविज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा है। जिले में एसओजी और सर्विलांस टीम गठित की गई है, ताकि वह थाने की पुलिस के अलावा इस तरह के अपराध करने वालों को पकड़ सके। बावजूद एसओजी व सर्विलांस टीम घटना की तह तक नहीं पहुंच पाई है। सूत्रों का दावा है कि लखनऊ में बैठे पुलिस अफसर ने जल्द से जल्द वारदात का खुलासा करने का अल्टीमेटम दे रखा है। सीओ लालगंज गिरजाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए कई बिंदुओं पर तफ्तीश चल रही है। उम्मीद है कि जल्द वारदात का पर्दाफाश होगा।
आसपास के जिलों के हो सकते हैं बदमाश
सूत्र बताते हैं कि पुलिस उन्नाव के बक्सर, भगवंतनगर व बिहार में खास छानबीन कर रही है। कारण, ये क्षेत्र खीरों से लगे हुए हैं और जघन्य अपराधों के लिए जाने जाते हैं। खीरों का लिंक उन्नाव और फतेहपुर से अधिक है। ऐसे में आशंका है कि बदमाश इन्हीं दो जिलों के हो सकते हैं या फिर आगे बढ़ गए हैं। वारदात लूट के इरादे से की गई या फिर कोई दूसरा कारण है, इस पर पुलिस पड़ताल कर रही है। मृतक सुखदेव के भाई आनंदपाल लोधी का कहना है कि जल्द घटना का खुलासा हो।
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घटना की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस वारदात के दो दिन पहले की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज के जरिए पुलिस पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना को अंजाम देने के पहले आरोपियों ने गल्ला व्यापारी के घर की रेकी तो नहीं की थी। घटना के इन आठ दिनों में पुलिस रायबरेली, उन्नाव, फतेहपुर जिलों में जाकर सुराग जुटाने का प्रयास किया है, लेकिन नतीजा सिफर है।
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दरअसल, महरानीगंज निवासी सुखदेव की एक जून की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि उनकी पत्नी सरोजनी देवी को भी घायल कर दिया गया था। पत्नी का एम्स में इलाज अभी चल रहा है। सुखदेव के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में पांच लोग दिखे हैं, लेकिन उनके चेहरे साफ नहीं है। ऐसे में पुलिस को उन तक पहुंचना आसान नहीं है।
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पुलिस संदिग्ध लोगों की पहचान के लिए सभी सीसीटीवी फुटेज जांच के लिए विधिविज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा है। जिले में एसओजी और सर्विलांस टीम गठित की गई है, ताकि वह थाने की पुलिस के अलावा इस तरह के अपराध करने वालों को पकड़ सके। बावजूद एसओजी व सर्विलांस टीम घटना की तह तक नहीं पहुंच पाई है। सूत्रों का दावा है कि लखनऊ में बैठे पुलिस अफसर ने जल्द से जल्द वारदात का खुलासा करने का अल्टीमेटम दे रखा है। सीओ लालगंज गिरजाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए कई बिंदुओं पर तफ्तीश चल रही है। उम्मीद है कि जल्द वारदात का पर्दाफाश होगा।
आसपास के जिलों के हो सकते हैं बदमाश
सूत्र बताते हैं कि पुलिस उन्नाव के बक्सर, भगवंतनगर व बिहार में खास छानबीन कर रही है। कारण, ये क्षेत्र खीरों से लगे हुए हैं और जघन्य अपराधों के लिए जाने जाते हैं। खीरों का लिंक उन्नाव और फतेहपुर से अधिक है। ऐसे में आशंका है कि बदमाश इन्हीं दो जिलों के हो सकते हैं या फिर आगे बढ़ गए हैं। वारदात लूट के इरादे से की गई या फिर कोई दूसरा कारण है, इस पर पुलिस पड़ताल कर रही है। मृतक सुखदेव के भाई आनंदपाल लोधी का कहना है कि जल्द घटना का खुलासा हो।