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पीएल, पीएफ, ग्रेच्युटी न मिलने पर रिटायर 58 कर्मचारियों ने किया विदाई समारोह का बहिष्कार

Sat, 30 Jan 2016 11:59 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 30 Jan 2016 11:59 PM IST
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PL, PF, gratuity not receive retirement farewell ceremony boycotted by 58 employees
आईटीआई (इंडियन टेलीफोन इंडस्ट्री) से शनिवार को रिटायर हुए 58 अधिकारी और कर्मचारियों का गुस्सा उस वक्त भड़क उठा, जब उन्हें पता चला कि संस्थान पीएल, पीएफ और ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं कर रहा है। नाराज अफसरों व कर्मचारियों ने विदाई समारोह का बहिष्कार कर इकाई प्रमुख के कक्ष का घेराव किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
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सुल्तानपुर रोड स्थित आईटीआई से शनिवार को 58 अधिकारी और कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्त हुए लोगों को विदाई देने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के पहले ही अफसरों और कर्मचारियों को पता चला कि संस्थान रिटायरमेंट के दौरान मिलने वाला पीएल, पीएफ और ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं हो रहा है।
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इस पर वे आक्रोशित हो उठे। विदाई कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया और एकत्र होकर इकाई प्रमुख आर. कृष्णन के दफ्तर का घेराव कर नारेबाजी और प्रदर्शन शुरू कर दिया। सेवानिवृत्त अफसरों के मुताबिक तीनों देयों को मिलाकर किसी का 15 लाख तो किसी का 45 लाख रुपये का भुगतान बनता है।
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नियमानुसार ये भुगतान विदाई के साथ ही मिल जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। इकाई प्रमुख ने उच्च अधिकारियों से वार्ता कर शीघ्र भुगतान कराने का आश्वासन देकर अफसरों-कर्मियों को शांत कराया। विदाई कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के परिवारीजन भी संस्थान परिसर में आना चाह रहे थे।

लेकिन आईटीआई के गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें अंदर प्रवेश नहीं दिया। इतना ही नहीं विरोध-प्रदर्शन और घेराव के बाद कुछ रिटायर्ड अफसरों और कर्मियों को भी फैक्ट्री में आने से रोक दिया गया। परिवारीजनों और साथियों को प्रवेश दिलाने को लेकर रिटायर्ड अफसरों-कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच जमकर नोकझोंक हुई।

आईटीआई से रिटायर हुए अफसरों में दिनेश कुमार बाजपेई, मूलचंद चौबे, शिवसहाय, नरेश चंद्र महतो, गंगाराम, राजेंद्र कुमार, छेदाना देवी, सुरेश प्रताप सिंह, राम लखन, रामेश्वर प्रसाद शर्मा, रमेश कुमार, शिव नारायण पाठक, रघुवीर चरन, अनिल कुमार गुप्ता, ब्रजेंद्र भूषण त्रिपाठी, केदार नाथ, दिलीप कुमार श्रीवास्तव, कृष्ण मुरारी शुक्ला, ओम प्रकाश अवस्थी, विजय कुमार, जागेश नारायण मेहरोत्रा, राम, अवधेश कुमार सिंह, अवधेश कुमार दीक्षित, कैलाश प्रसाद, मो. आलम अंसारी, कल्लू प्रसाद, सुबोध सक्सेना, चैतूराम, श्रीपाल सत्यार्थी, राम प्रसाद यादव, राज कुमार, संतोष कुमार श्रीवास्तव आदि शामिल हैं।

आईटीआई से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारी प्रेम शंकर शुक्ला, विजय पाल यादव, राम बिलास सिंह, रामानंद यादव, लालता प्रसाद, जियालाल, कमल शंकर त्रिपाठी, श्रीनिवास त्यागी, कलिंदी सिंह, विनोद कुमार अवस्थी, उमेश प्रसाद, द्वारिका शर्मा, मधुकर रामचंद्र, त्रिभुवन सिंह, राम प्रकाश यादव, राजेंद्र बहादुर सिंह, जितेंद्र बहादुर सिंह, हितशरण सिंह, श्यामलाल चौधरी, अंजनी कुमार, मातादीन यादव, जगदीश प्रसाद, चंद्र कुमार श्रीवास्तव, गुरु प्रसाद शामिल हैं।

रिटायर्ड अफसर मूलचंद्र चौबे, संतोष कुमार श्रीवास्तव, नरेश चंद्र महतो, लालता प्रसाद, अवधेश कुमार ने कहा कि उम्मीद थी कि सेवानिवृत्ति पर फंड मिलेगा तो कई पारिवारिक जिम्मेदारियां पूरी करने में आसानी होगी। लेकिन यहां तो पूरा का पूरा भुगतान ही रोक दिया गया। सभी ने कहा कि यदि भुगतान न हुआ तो घर वालों के साथ आमरण अनशन पर बैठेंगे।


आईटीआई लिमिटेड के डायरेक्टर प्रोडक्शन के. अलगेशन ने बताया कि बजट की कमी के चलते रिटायर्ड अफसरों और कर्मियों के पीएफ व अन्य देयों का भुगतान नहीं हो सका है। धन आते ही ये पेमेंट कर दिए जाएंगे।
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