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पिस्टल लेकर अंदर प्रवेश कर गए ट्रेनी सीओ, मौजमस्ती में रहे पुलिस कर्मी, दो निलंबित
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रायबरेली। पुलिस अधीक्षक की गोपनीय जांच में दीवानी कचहरी की सुरक्षा में चूक उजागर हुई है। ट्रेनी सीओ पिस्टल लेकर कचहरी के अंदर प्रवेश कर गए, लेकिन उनकी तलाशी लेने के बजाय पुलिस कर्मी मौज-मस्ती करते रहे। सीओ की रिपोर्ट पर एसपी ने मुख्य आरक्षी और आरक्षी को सस्पेंड कर दिया है। विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं।
दीवानी कचहरी सुरक्षा के लिहाज से अहम है। इसी माह एसपी ने दीवानी कचहरी का जायजा लेकर वहां की सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत परखी थी। इस दौरान उन्हें सुरक्षा व्यवस्था ठीक नहीं मिली थी।
कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर न्यायालय चौकी में तैनात पुलिस कर्मी कितना मुस्तैद रहते हैं, यह जानने के लिए एसपी ने ट्रेनी सीओ अरुण कुमार से पड़ताल कराई।
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23 जून को सुबह करीब नौ बजे क्षेत्राधिकारी सादी वर्दी में पिस्टल लेकर कचहरी के अंदर चले गए। कुछ देर रुकने के बाद बाहर भी आ गए।
वहां पर तैनात पुलिस कर्मियों को इसकी भनक नहीं लगी। पुलिस अधीक्षक ने जब न्यायालय चौकी में तैनात हेड कांस्टेबल राजेश और कांस्टेबल संजय कुमार को सस्पेंड किया तो जानकारी हो पाई कि क्षेत्राधिकारी सुरक्षा की पड़ताल करने के लिए कचहरी पहुंचे थे।
प्रतिदिन आते हैं पांच हजार वादकारी
दीवानी कचहरी की सुरक्षा अहम मानी जाती है। इसी देखते हुए न्यायालय में चौकी स्थापित की गई है, जिसकी जिम्मेदारी निरीक्षक जितेंद्र मोहन सरोज को सौंपी गई है। प्रतिदिन कचहरी में न्यायालय स्टाफ के अलावा करीब डेढ़ हजार अधिवक्ता और पांच हजार वादकारियों का आना-जाना रहता है। इसके बावजूद कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ढिलाई बरती जा रही है। हर दिन लोग बिना रोकटोक के आते-जाते रहते हैं। वहां पर तैनात पुलिस कर्मी जांच के नाम पर खानापूर्ति करते हैं।
ट्रेनी सीओ से दीवानी कचहरी की सुरक्षा की जांच कराई गई। क्षेत्राधिकारी पिस्टल लेकर कचहरी के अंदर प्रवेश करके लौट आए, लेकिन वहां पर तैनात पुलिस कर्मियों ने उनकी चेकिंग करना उचित नहीं समझा। लापरवाही पाए जाने पर मुख्य आरक्षी और आरक्षी को सस्पेंड कर दिया गया है।
आलोक प्रियदर्शी, पुलिस अधीक्षक
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दीवानी कचहरी सुरक्षा के लिहाज से अहम है। इसी माह एसपी ने दीवानी कचहरी का जायजा लेकर वहां की सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत परखी थी। इस दौरान उन्हें सुरक्षा व्यवस्था ठीक नहीं मिली थी।
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कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर न्यायालय चौकी में तैनात पुलिस कर्मी कितना मुस्तैद रहते हैं, यह जानने के लिए एसपी ने ट्रेनी सीओ अरुण कुमार से पड़ताल कराई।
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23 जून को सुबह करीब नौ बजे क्षेत्राधिकारी सादी वर्दी में पिस्टल लेकर कचहरी के अंदर चले गए। कुछ देर रुकने के बाद बाहर भी आ गए।
वहां पर तैनात पुलिस कर्मियों को इसकी भनक नहीं लगी। पुलिस अधीक्षक ने जब न्यायालय चौकी में तैनात हेड कांस्टेबल राजेश और कांस्टेबल संजय कुमार को सस्पेंड किया तो जानकारी हो पाई कि क्षेत्राधिकारी सुरक्षा की पड़ताल करने के लिए कचहरी पहुंचे थे।
प्रतिदिन आते हैं पांच हजार वादकारी
दीवानी कचहरी की सुरक्षा अहम मानी जाती है। इसी देखते हुए न्यायालय में चौकी स्थापित की गई है, जिसकी जिम्मेदारी निरीक्षक जितेंद्र मोहन सरोज को सौंपी गई है। प्रतिदिन कचहरी में न्यायालय स्टाफ के अलावा करीब डेढ़ हजार अधिवक्ता और पांच हजार वादकारियों का आना-जाना रहता है। इसके बावजूद कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ढिलाई बरती जा रही है। हर दिन लोग बिना रोकटोक के आते-जाते रहते हैं। वहां पर तैनात पुलिस कर्मी जांच के नाम पर खानापूर्ति करते हैं।
ट्रेनी सीओ से दीवानी कचहरी की सुरक्षा की जांच कराई गई। क्षेत्राधिकारी पिस्टल लेकर कचहरी के अंदर प्रवेश करके लौट आए, लेकिन वहां पर तैनात पुलिस कर्मियों ने उनकी चेकिंग करना उचित नहीं समझा। लापरवाही पाए जाने पर मुख्य आरक्षी और आरक्षी को सस्पेंड कर दिया गया है।
आलोक प्रियदर्शी, पुलिस अधीक्षक