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Raebareli News: गर्मी में बिजली कटौती से लोग बेहाल
Tue, 15 Sep 2026 01:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Tue, 15 Sep 2026 01:03 AM IST
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रायबरेली। अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर में फॉल्ट और ट्रिपिंग की समस्या है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित कटौती उमस भरी गर्मी में लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। रोहनियां और हरचंदपुर क्षेत्र में स्थिति अधिक खराब है। बिजली कटौती से जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
शहर में ट्रिपिंग की समस्या लगातार बनी हुई है। रात में भी बिजली गुल रहने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। रोहनियां उपखंड क्षेत्र में रोहनियां, ईटौरा बुजुर्ग और रसूलपुर उपकेंद्र हैं। इन दिनों अघोषित बिजली कटौती से इन उपकेंद्रों से जुड़े उपभोक्ता परेशान हैं। बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली गुल हो जाती है।
स्थानीय उपभोक्ता मदन यादव, धर्मेंद्र, गोविंद सिंह, सुशील चौरसिया, प्रदीप तिवारी, संजय और महेश चौरसिया समेत अन्य लोगों का कहना है कि बिजली कटौती का कोई निश्चित समय नहीं है। अनियमित आपूर्ति के कारण सबसे बड़ी समस्या पेयजल की हो गई है। समय पर बिजली न मिलने से पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शासनादेश है, लेकिन यहां बमुश्किल आठ से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
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अवर अभियंता अभिनव पटेल ने बताया कि ऊपर से जितनी बिजली मिल रही है, उतनी ही उपभोक्ताओं को दी जा रही है। उपकेंद्र स्तर से बिजली कटौती नहीं की जाती है।
बिजली कटौती से व्यापार प्रभावित
हरचंदपुर। क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती और बार-बार ट्रिपिंग से उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भीषण गर्मी में रात-रात भर बिजली गुल रहने से लोग परेशान हैं। व्यापारी आशीष अवस्थी ने कहा कि 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जाता है, लेकिन मुश्किल से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। कारोबार प्रभावित हो रहा है।
सतांव : रात में दो घंटे हो रही कटौती
सतांव। विकास क्षेत्र में पांच विद्युत उपकेंद्र हैं। रोस्टिंग के नाम पर रात में करीब दो घंटे की अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीणों में आक्रोश है। क्षेत्र में अटौरा बुजुर्ग, पोरई, दरीबा, कृष्णपुर ताला और गुरुबख्शगंज उपकेंद्र हैं। इनसे करीब 400 गांवों की दो लाख से अधिक आबादी जुड़ी है, जो बिजली कटौती से परेशान है। उपखंड अधिकारी पीएस राना ने बताया कि बिजली की कटौती रोस्टिंग के निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ही हो रही है। कभी-कभी फॉल्ट ठीक करने के लिए शटडाउन लेना पड़ता है।
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शहर में ट्रिपिंग की समस्या लगातार बनी हुई है। रात में भी बिजली गुल रहने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। रोहनियां उपखंड क्षेत्र में रोहनियां, ईटौरा बुजुर्ग और रसूलपुर उपकेंद्र हैं। इन दिनों अघोषित बिजली कटौती से इन उपकेंद्रों से जुड़े उपभोक्ता परेशान हैं। बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली गुल हो जाती है।
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स्थानीय उपभोक्ता मदन यादव, धर्मेंद्र, गोविंद सिंह, सुशील चौरसिया, प्रदीप तिवारी, संजय और महेश चौरसिया समेत अन्य लोगों का कहना है कि बिजली कटौती का कोई निश्चित समय नहीं है। अनियमित आपूर्ति के कारण सबसे बड़ी समस्या पेयजल की हो गई है। समय पर बिजली न मिलने से पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शासनादेश है, लेकिन यहां बमुश्किल आठ से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
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अवर अभियंता अभिनव पटेल ने बताया कि ऊपर से जितनी बिजली मिल रही है, उतनी ही उपभोक्ताओं को दी जा रही है। उपकेंद्र स्तर से बिजली कटौती नहीं की जाती है।
बिजली कटौती से व्यापार प्रभावित
हरचंदपुर। क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती और बार-बार ट्रिपिंग से उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भीषण गर्मी में रात-रात भर बिजली गुल रहने से लोग परेशान हैं। व्यापारी आशीष अवस्थी ने कहा कि 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जाता है, लेकिन मुश्किल से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। कारोबार प्रभावित हो रहा है।
सतांव : रात में दो घंटे हो रही कटौती
सतांव। विकास क्षेत्र में पांच विद्युत उपकेंद्र हैं। रोस्टिंग के नाम पर रात में करीब दो घंटे की अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीणों में आक्रोश है। क्षेत्र में अटौरा बुजुर्ग, पोरई, दरीबा, कृष्णपुर ताला और गुरुबख्शगंज उपकेंद्र हैं। इनसे करीब 400 गांवों की दो लाख से अधिक आबादी जुड़ी है, जो बिजली कटौती से परेशान है। उपखंड अधिकारी पीएस राना ने बताया कि बिजली की कटौती रोस्टिंग के निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ही हो रही है। कभी-कभी फॉल्ट ठीक करने के लिए शटडाउन लेना पड़ता है।