{"_id":"683df7bfc945f8361b0716df","slug":"people-are-sweating-profusely-due-to-inability-to-build-sub-centres-raebareli-news-c-101-1-slko1032-134340-2025-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raebareli News: उपकेंद्रों के न बन पाने से छूट रहा पसीना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raebareli News: उपकेंद्रों के न बन पाने से छूट रहा पसीना
Tue, 03 Jun 2025 12:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Tue, 03 Jun 2025 12:43 AM IST
विज्ञापन
रायबरेली में त्रिपुला स्थित निर्माणाधीन विद्युत उपकेंद्र का भवन।
रायबरेली। उपकेंद्रों के निर्माण में देरी और सुस्त प्रगति के कारण लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं। शहर के डिग्री कॉलेज के पास प्रस्तावित उपकेंद्र का काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है। त्रिपुला में उपकेंद्र का निर्माण कार्य काफी सुस्त गति से चल रहा है। जबकि आठ महीने पहले दोनों उपकेंद्रों की टेंडर प्रक्रिया हो गई थी।
शहर व ग्रामीण क्षेत्र की करीब एक लाख आबादी को बिजली संकट से राहत नहीं मिल पा रही है। शहर में डिग्री कॉलेज चौराहे के पास उपकेंद्र प्रस्तावित है। यहां उपकेंद्र बनने पर प्रगतिपुरम और इंदिरा नगर उपकेंद्र का लोड बांटा जाएगा, पर इसका निर्माण अभी शुरू नहीं हो पाया है। त्रिपुला में 33 केवी उपकेंद्र 132 केवी ट्रांसमिशन परिसर में चल रहा है। 33 केवी उपकेंद्र को बाहर किया जाना है, जिसका निर्माण ट्रांसमिशन परिसर में चल रहा है। बाउंड्रीवाल और कंट्रोल रूम का निर्माण सिविल डिवीजन लखनऊ को कराना है।
दोनों उपकेंद्रों के निर्माण में एक करोड़ 25 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। मार्च तक दोनों जगह भवन बनकर तैयार होने जाने थे, लेकिन अब तक कार्य अधर में होने से लोगों के पसीना छूट रहा है। यही वजह है कि करीब एक लाख लोग गर्मी में लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या से जूझ रहे हैं।
विज्ञापन
विरोध के बाद भी चहेती फर्म को दिया गया काम
सिविल डिवीजन लखनऊ के अधिकारियों ने चहेती फर्म को काम दिया। इसका विरोध भी हुआ, लेकिन अभियंता काम देने में कामयाब हो गए। चहेती फर्म होने के कारण अभियंता काम में तेजी लाने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। एजेंसी पर भी कोई नियंत्रण नहीं है। अगर इसी तरह काम कराया गया, तो उपकेंद्र बनकर तैयार होने में एक साल से ज्यादा समय लग सकता है।
त्रिपुला में जल्द पड़ेगी छत
डिग्री कॉलेज चौराहे के पास बनने वाले उपकेंद्र की जमीन का कुछ विवाद है। यही वजह है कि यहां का काम बंद है। त्रिपुला में काम चल रहा है। शटरिंग लग गई है। जल्द ही छत डालने का काम शुरू होगा।
-मोइन खान, अधीक्षण अभियंता सिविल डिवीजन लखनऊ
विज्ञापन
शहर व ग्रामीण क्षेत्र की करीब एक लाख आबादी को बिजली संकट से राहत नहीं मिल पा रही है। शहर में डिग्री कॉलेज चौराहे के पास उपकेंद्र प्रस्तावित है। यहां उपकेंद्र बनने पर प्रगतिपुरम और इंदिरा नगर उपकेंद्र का लोड बांटा जाएगा, पर इसका निर्माण अभी शुरू नहीं हो पाया है। त्रिपुला में 33 केवी उपकेंद्र 132 केवी ट्रांसमिशन परिसर में चल रहा है। 33 केवी उपकेंद्र को बाहर किया जाना है, जिसका निर्माण ट्रांसमिशन परिसर में चल रहा है। बाउंड्रीवाल और कंट्रोल रूम का निर्माण सिविल डिवीजन लखनऊ को कराना है।
विज्ञापन
दोनों उपकेंद्रों के निर्माण में एक करोड़ 25 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। मार्च तक दोनों जगह भवन बनकर तैयार होने जाने थे, लेकिन अब तक कार्य अधर में होने से लोगों के पसीना छूट रहा है। यही वजह है कि करीब एक लाख लोग गर्मी में लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या से जूझ रहे हैं।
विज्ञापन
विरोध के बाद भी चहेती फर्म को दिया गया काम
सिविल डिवीजन लखनऊ के अधिकारियों ने चहेती फर्म को काम दिया। इसका विरोध भी हुआ, लेकिन अभियंता काम देने में कामयाब हो गए। चहेती फर्म होने के कारण अभियंता काम में तेजी लाने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। एजेंसी पर भी कोई नियंत्रण नहीं है। अगर इसी तरह काम कराया गया, तो उपकेंद्र बनकर तैयार होने में एक साल से ज्यादा समय लग सकता है।
त्रिपुला में जल्द पड़ेगी छत
डिग्री कॉलेज चौराहे के पास बनने वाले उपकेंद्र की जमीन का कुछ विवाद है। यही वजह है कि यहां का काम बंद है। त्रिपुला में काम चल रहा है। शटरिंग लग गई है। जल्द ही छत डालने का काम शुरू होगा।
-मोइन खान, अधीक्षण अभियंता सिविल डिवीजन लखनऊ