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दीवाली से पहले 16 हजार पेंशनरों के खातों में पहुंची पेंशन
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रायबरेली। दिवाली से 16 हजार पेंशनरों के खातों में पेंशन के रूप में करीब 40 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। इसके अलावा अन्य विभागों के कर्मचारियों का वेतन भी दे दिया गया है।
शासन ने दिवाली से पहले पेंशनरों को हरहाल में पेंशन देने के आदेश दिए गए थे। इसके लिए कोषागार में पिछले महीने ही पेंशन भेजने की प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है।
दो दिन में सभी 16 हजार पेंशनरों के खातों में पेंशन भेजी जा चुकी है। वरिष्ठ कोषाधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि कोषागार ने जिन रिटायर्ड कर्मचारियों को पेंशन मिल रही है, उनके खातों में दिवाली से पहले पेंशन भेज दी गई है।
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करीब 16 लाख पेंशनरों के खातों में करीब 40 करोड़ रुपये पेंशन के रूप में भेजे गए हैं। विभागों से वेतन से संबंधित जो भी बिल आए थे, उनमें भी वेतन कर्मचारियों के खातों में भेज दिया गया है।
गांव के डाकघर से दे सकते हैं जीवित प्रमाणपत्र
जिले के पेंशनरों को साल में एक बार जीवित होने का प्रमाणपत्र देना होता है। अब साल भर में किसी भी महीने में यह प्रमाणपत्र दिया जा सकता है।
वरिष्ठ कोषाधिकारी जितेंद्र सिंह का कहना है कि पेंशनरों को कोषागार आने की जरूरत नहीं है। वे अपने गांव के ही पोस्ट ऑफिस से अपना जीवित प्रमाणपत्र कोषाकार को ऑनलाइन भेजवा सकते हैं। डाकघर न होने की दशा में किसी भी साइबर कैफे से ही जीवित प्रमाणपत्र ऑनलाइन दे सकते हैं।
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शासन ने दिवाली से पहले पेंशनरों को हरहाल में पेंशन देने के आदेश दिए गए थे। इसके लिए कोषागार में पिछले महीने ही पेंशन भेजने की प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है।
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दो दिन में सभी 16 हजार पेंशनरों के खातों में पेंशन भेजी जा चुकी है। वरिष्ठ कोषाधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि कोषागार ने जिन रिटायर्ड कर्मचारियों को पेंशन मिल रही है, उनके खातों में दिवाली से पहले पेंशन भेज दी गई है।
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करीब 16 लाख पेंशनरों के खातों में करीब 40 करोड़ रुपये पेंशन के रूप में भेजे गए हैं। विभागों से वेतन से संबंधित जो भी बिल आए थे, उनमें भी वेतन कर्मचारियों के खातों में भेज दिया गया है।
गांव के डाकघर से दे सकते हैं जीवित प्रमाणपत्र
जिले के पेंशनरों को साल में एक बार जीवित होने का प्रमाणपत्र देना होता है। अब साल भर में किसी भी महीने में यह प्रमाणपत्र दिया जा सकता है।
वरिष्ठ कोषाधिकारी जितेंद्र सिंह का कहना है कि पेंशनरों को कोषागार आने की जरूरत नहीं है। वे अपने गांव के ही पोस्ट ऑफिस से अपना जीवित प्रमाणपत्र कोषाकार को ऑनलाइन भेजवा सकते हैं। डाकघर न होने की दशा में किसी भी साइबर कैफे से ही जीवित प्रमाणपत्र ऑनलाइन दे सकते हैं।