फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   panchayat election

एमएससी व बीबीए की डिग्री ली, नौकरी नहीं मिली तो चुनाव में उतरे, पहली बार में ही बने प्रधान

Wed, 05 May 2021 10:40 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 05 May 2021 10:40 PM IST
विज्ञापन
panchayat election
रायबरेली। पंचायत चुनाव में अधिकतर सीटों पर इस बार युवाओं ने परचम लहराया है। नौकरी की तलाश पूरी नहीं हुई तो उनकी उम्मीदें नहीं टूटीं। उन्होंने गांवों का विकास करने का सपना मन में ठाना और उसे हकीकत में बदलने के लिए पंचायती चुनाव में हाथ आजमाया।
विज्ञापन

चुनाव मैदान में उतरे तो जनता ने हाथोंहाथ लिया और उन्हें जीत हासिल हुई। वहीं कुछ ऐसे उम्मीदवार रहे, जो दूसरी बार भी जनता की कसौटी पर खरे उतरे। अमर उजाला ने पहली बार प्रधान बने और दूसरी बार चुनाव जीतने वाले विजेता दावेदारों से बात की तो उनका कहना है कि गांवों की तस्वीर बदलने के साथ विकास कराएंगे।
विज्ञापन

उच्च शिक्षा हासिल कर राजनीति में उतरी
खीरों। निहस्था गांव से ग्राम प्रधान चुनी गईं नेहा सिंह ने एमएससी व बीएड किया। नौकरी नहीं मिली तो राजनीति में आईं। 27 साल की उम्र में प्रधान चुनी गईं। नेहा कहती हैं कि अब गांव की राजनीति में आने के बाद अपना संपूर्ण ध्यान गांव में केंद्रित करके गांव का विकास करना चाहती हूं, ताकि गांव की तस्वीर बदल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

कुसंडी ग्राम सभा से पूजा मिश्रा प्रधान चुनी गईं। वह महज 23 वर्ष की हैं। वह खीरों ब्लॉक की सबसे कम उम्र की प्रधान हैं। पूजा मिश्रा ने बीएससी के बाद बीटीसी की डिग्री हासिल की। वह एलएलबी करके वकालत करना चाहती थीं, लेकिन वह गांव का विकास करने के लिए राजनीति में आ गईं। पहली बार लड़ीं और चुनाव भी जीत लिया।
मैदान में कूदे, जनता ने सिर आंखों पर बैठाया
राही ब्लॉक की सुलखियापुर से शत्रोह्न लाल यादव प्रधान चुने गए। वह कहते हैं कि गांव का विकास कराना उनका मकसद है। जनता की सेवा करने का मन में ख्याल आया तो मैदान में कूदा और जीत हासिल हुई।
राही ग्राम पंचायत से अमन जायसवाल को प्रधान चुना गया है। उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद जब नौकरी नहीं मिली तो अमन ने राजनीति में आने का संकल्प लिया। जनता के आशीर्वाद से वह प्रधान चुने गए। कहते हैं कि जनता की कसौटी पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। विकास का पहिया तेजी के साथ दौड़ाएंगे। विकास में भेदभाव नहीं बरतेंगे।
बछरावां ब्लॉक की नीमटीकर ग्राम पंचायत से नीलम वर्मा ने पहली बार में ही प्रधान पद की कुर्सी पर कब्जा कर लिया। नीलम कहती हैं कि जनता के कसौटी पर खरा उतरने का प्रयास किया जाएगा। पात्रों को योजनाएं का लाभ दिलाएंगे। राही ब्लॉक की सेमरा ग्राम पंचायत से निशा सिंह पहली बार प्रधान का चुनाव जीता। कहती हैं कि विकास कराएंगे। जनता की तकलीफों को दूर कराएंगे।
दूसरी बार भी बने प्रधान, कराएंगे विकास
अमावां की डिडौली से पूनम सिंह दूसरी बार गांव की प्रधान चुनी गईं। कहती हैं कि जनता की कसौटी पर खरा उतरेंगे और विकास कराएंगे। राही ब्लॉक की मधुपुरी गांव से प्रेमलली पांडेय ने तीसरी बार प्रधान पद का चुनाव जीता।
प्रेमलली कहती हैं कि जब जनता ने मौका दिया। गांव का विकास कराया। वर्ष 2012 में विकास कराने पर राष्ट्रपति के हाथों उन्हें पुरस्कार मिला। इस बार भी विकास कराना लक्ष्य है।

सलोन ब्लॉक के बराडीह से आलोक सिंह, अमावां ब्लॉक के गढ़ी खास से लक्ष्मीकांत दूसरी बार प्रधान चुन गए हैं। लक्ष्मीकांत और आलोक कहते हैं कि शुरुआती दौर में नौकरी की तलाश की। नौकरी नहीं मिल पाई। गांव की राजनीति में उतरे। पहली बार में ही जनता ने साथ दिया। इस बार दोबारा चुनाव मैदान में आया तो जनता ने फिर साथ दिया। गांव का विकास कराना पहली प्राथमिकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed