{"_id":"61671f70c2b6926b232a4b7e","slug":"orthopedic-and-tb-chest-specialists-deployed-in-chc-raibaraily-news-lko5999861115","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएचसी में हड्डी रोग व टीबी चेस्ट विशेषज्ञों की हुई तैनाती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएचसी में हड्डी रोग व टीबी चेस्ट विशेषज्ञों की हुई तैनाती
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लालगंज (रायबरेली)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्षों से विशेषज्ञों की कमी झेल रहे क्षेत्रीय लोगों के लिए राहत भरी खबर है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने संविदा के आधार पर टीबी व चेस्ट रोग विशेषज्ञ और हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती की है।
दोनों डॉक्टरों ने ज्वॉइन भी कर लिया है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आरके तिवारी ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह ने टीबी व चेस्ट रोग विशेषज्ञ के रूप में डॉ. अमित राज शर्मा और हड्डी रोग विशेषज्ञ के रूप में डॉ. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव को तैनात किया है। बुधवार को दोनों चिकित्सकों ने मरीजों को देखा।
अखर रही सर्जन और बाल रोग विशेषज्ञ की कमी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक नियमित सर्जन और बच्चों के डॉक्टर की कमी अखर रही है। कई वर्षों से अस्पताल में न कोई नियमित सर्जन की नियुक्ति नहीं हुई है और न ही बच्चों के रोग का विशेषज्ञ ही तैनात किया गया, जिससे मरीजों को सर्जरी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दोनों डॉक्टरों ने ज्वॉइन भी कर लिया है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आरके तिवारी ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह ने टीबी व चेस्ट रोग विशेषज्ञ के रूप में डॉ. अमित राज शर्मा और हड्डी रोग विशेषज्ञ के रूप में डॉ. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव को तैनात किया है। बुधवार को दोनों चिकित्सकों ने मरीजों को देखा।
विज्ञापन
अखर रही सर्जन और बाल रोग विशेषज्ञ की कमी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक नियमित सर्जन और बच्चों के डॉक्टर की कमी अखर रही है। कई वर्षों से अस्पताल में न कोई नियमित सर्जन की नियुक्ति नहीं हुई है और न ही बच्चों के रोग का विशेषज्ञ ही तैनात किया गया, जिससे मरीजों को सर्जरी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन