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Raebareli News: मलेरिया निरीक्षक के खाते से पत्नी को भरण-पोषण राशि देने का आदेश
Sun, 01 Mar 2026 01:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 01 Mar 2026 01:01 AM IST
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रायबरेली। प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय द्वितीय से गुजारा-भत्ता देने का आदेश होने के बाद भी महिला को भरण-पोषण नहीं मिल पा रहा है। इससे नाराज कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग में मलेरिया निरीक्षक के पद पर कार्यरत कर्मचारी के खाते से हर माह 10 हजार रुपये की कटौती करके कर्मचारी की पत्नी के खाते में भेजने के आदेश दिया है। इस संबंध में प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय द्वितीय ने सीएमओ को एक पत्र भेजकर वेतन से निर्धारित धनराशि की कटौती शुरू कराने के लिए निर्देशित भी किया है।
स्वास्थ्य विभाग में मलेरिया निरीक्षक के पद पर कार्यरत हिमालय यादव की पत्नी निशू यादव का प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय द्वितीय कोर्ट में वाद चल रहा था। मामले में 15 जनवरी 2025 को कोर्ट ने महिला के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कर्मचारी हिमालय को हर माह 10 हजार रुपये भरण-पोषण देने का आदेश दिया था। आदेश के बाद भी कर्मचारी ने पत्नी को हर माह भरण पोषण की धनराशि देने में लापरवाही बरती। महिला ने इसकी सूचना कोर्ट को दी। अब तक भरण पोषण की 3.50 लाख रुपये की राशि बकाया हो चुकी है।
कोर्ट ने सीएमओ को बकाया धनराशि की व्यवस्था भी कर्मचारी से दिलाने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि मामले में पत्र आने के बाद कर्मचारी के खाते से भरण-पोषण की कटौती कराकर उसकी पत्नी की खाते में ट्रांसफर कराने की व्यवस्था कराई जा रही है।
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स्वास्थ्य विभाग में मलेरिया निरीक्षक के पद पर कार्यरत हिमालय यादव की पत्नी निशू यादव का प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय द्वितीय कोर्ट में वाद चल रहा था। मामले में 15 जनवरी 2025 को कोर्ट ने महिला के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कर्मचारी हिमालय को हर माह 10 हजार रुपये भरण-पोषण देने का आदेश दिया था। आदेश के बाद भी कर्मचारी ने पत्नी को हर माह भरण पोषण की धनराशि देने में लापरवाही बरती। महिला ने इसकी सूचना कोर्ट को दी। अब तक भरण पोषण की 3.50 लाख रुपये की राशि बकाया हो चुकी है।
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कोर्ट ने सीएमओ को बकाया धनराशि की व्यवस्था भी कर्मचारी से दिलाने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि मामले में पत्र आने के बाद कर्मचारी के खाते से भरण-पोषण की कटौती कराकर उसकी पत्नी की खाते में ट्रांसफर कराने की व्यवस्था कराई जा रही है।
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