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Raebareli News: ऑनलाइन व्यापार ने छोटे दुकानदारों की तोड़ी कमर
Sun, 31 May 2026 01:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 31 May 2026 01:09 AM IST
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अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में अपनी बात रखते व्यापारी।
रायबरेली। ऑनलाइन व्यापार ने जिले के व्यापारियों को खासा नुकसान पहुंचाया है। छोटे और मंझोले दुकानदारों की कमर टूट गई है। जरूरत है कि इस पर कारगर कदम सरकार के स्तर से उठाए जाएं। यह बात अमर उजाला संवाद में व्यापारियों के साथ हुई बातचीत में सामने आई।
सराफा व्यापार को लेकर व्यापारियों ने बताया कि टैक्स ड्यूटी बढ़ाई गई है, जिससे छोटे दुकानदारों की दुकान की बोहनी नहीं हो रही है। दवा व्यापारियों ने बताया कि काॅर्पोरेट से नॉरकोटिक्स की दवा को बंद किया जाए। चिह्नित फार्मा कंपनी की दवा को बंद किया जाए।
व्यापारी नेता बसंत सिंह बग्गा ने कहा कि ऑनलाइन व्यापार हर किसी के लिए खराब है। ऑफलाइन व्यापारी घाटा सहन कर रहा है तो ग्राहकों की जेब से अधिक पैसा वसूला जा रहा है। असल में ऑनलाइन कंपनियां पहले से ही रेट बढ़ाकर बेचती हैं और उस पर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए छूट देती हैं। जबकि छूट केवल बहाना होता है। बढ़े दाम में वस्तुओं को बेचा जाता है।
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उन्होंने बताया कि शहर में पार्किंग की कोई जगह नहीं है और यातायात पुलिस चालान काटती है। इससे ग्राहकों के साथ व्यापारियों को भी चपत लग रही है। सुपर मार्केट के जीर्णोद्धार में रही देरी पर कहा कि ईओ की अनदेखी से अभी तक इसका जीर्णोद्धार नहीं हो रहा है। बारिश शुरू होने वाली है और मार्केट की दशा खस्ताहाल है। ऐसे में हादसे की संभावना बनी हुई है।
केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष त्रिपाठी ने बताया कि एक ही फर्म की दवा आपूर्ति की जा रही है। नारकोटिक्स की दवा चिकित्सक के पर्चे पर लिखी जा रही है जिसके बाद मेडिकल स्टोर संचालक उसे देते हैं। वहीं ऑनलाइन में इसका कोई रिकार्ड नहीं होता है। उनका कहना है कि अस्पताल चौराहा के पास एक शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही पानी के पानी के लिए वाॅटर कूलर की व्यवस्था हो।
महामंत्री राजेश शर्मा का कहना है कि ऑनलाइन बाजार के फैक्ट चेक जरूर चेक कराए जाएं। ऑनलाइन कंपनियां डिस्काउंट देकर लोगों को बेवकूफ बना रही हैं और इसी के बहाने बढ़े दाम में प्रोडक्ट को बेचा जा रहा है। ऑनलाइन व्यापार से जिले का व्यापार चौपट हो रहा है। यह खेल लंबे समय से चल रहा है।
होटल व्यवसायी सिमरन दीप सिंह ने बताया कि कॉमर्शियल सिलिंडर के दाम बहुत अधिक हो गए हैं। इस कारण छोटे होटल और ढाबा संचालकों को व्यापार बंद करना पड़ा है। होटल व्यवसाय इस समय संकट के दौर से गुजर रहा है।
मुकेश रस्तोगी ने कहा कि कारीगर तबका के पास काम नहीं बचा है। वह क्या कमाए और क्या खाए, उसके सामने प्रश्न बनकर खड़ा है। सड़कों का हाल यह है कि रतापुर से गल्ला मंडी तक की सड़क गड्ढे में तब्दील है। इससे व्यापार बहुत अधिक प्रभावित है। शहर में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है।
सराफा व्यापारी राजेश सोनी ने बताया कि जब से सोना एक साल के लिए न खरीदा जाए और टैक्स ड्यूटी बढ़ा दी गई है, उस दौरान से सराफा व्यापार बंदी की कगार पर आ गया है। छोटे सराफा व्यापारियों के सामने घर खर्च चलाने की भी समस्या है।
व्यापारी मनोज गुप्ता ने कहा कि कचहरी रोड पर व्यापार करने वाले व्यापारी पूरे दिन वकीलाें की बाइक और कार की भीड़ से ही परेशान रहते हैं। अतिक्रमण इस कदर है कि व्यापार होता ही नहीं है। शाम को ही थोड़ी दुकानदारी हो पाती है। कई बार इसके लिए आवाज उठाई गई लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं हो सका।
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सराफा व्यापार को लेकर व्यापारियों ने बताया कि टैक्स ड्यूटी बढ़ाई गई है, जिससे छोटे दुकानदारों की दुकान की बोहनी नहीं हो रही है। दवा व्यापारियों ने बताया कि काॅर्पोरेट से नॉरकोटिक्स की दवा को बंद किया जाए। चिह्नित फार्मा कंपनी की दवा को बंद किया जाए।
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व्यापारी नेता बसंत सिंह बग्गा ने कहा कि ऑनलाइन व्यापार हर किसी के लिए खराब है। ऑफलाइन व्यापारी घाटा सहन कर रहा है तो ग्राहकों की जेब से अधिक पैसा वसूला जा रहा है। असल में ऑनलाइन कंपनियां पहले से ही रेट बढ़ाकर बेचती हैं और उस पर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए छूट देती हैं। जबकि छूट केवल बहाना होता है। बढ़े दाम में वस्तुओं को बेचा जाता है।
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उन्होंने बताया कि शहर में पार्किंग की कोई जगह नहीं है और यातायात पुलिस चालान काटती है। इससे ग्राहकों के साथ व्यापारियों को भी चपत लग रही है। सुपर मार्केट के जीर्णोद्धार में रही देरी पर कहा कि ईओ की अनदेखी से अभी तक इसका जीर्णोद्धार नहीं हो रहा है। बारिश शुरू होने वाली है और मार्केट की दशा खस्ताहाल है। ऐसे में हादसे की संभावना बनी हुई है।
केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष त्रिपाठी ने बताया कि एक ही फर्म की दवा आपूर्ति की जा रही है। नारकोटिक्स की दवा चिकित्सक के पर्चे पर लिखी जा रही है जिसके बाद मेडिकल स्टोर संचालक उसे देते हैं। वहीं ऑनलाइन में इसका कोई रिकार्ड नहीं होता है। उनका कहना है कि अस्पताल चौराहा के पास एक शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही पानी के पानी के लिए वाॅटर कूलर की व्यवस्था हो।
महामंत्री राजेश शर्मा का कहना है कि ऑनलाइन बाजार के फैक्ट चेक जरूर चेक कराए जाएं। ऑनलाइन कंपनियां डिस्काउंट देकर लोगों को बेवकूफ बना रही हैं और इसी के बहाने बढ़े दाम में प्रोडक्ट को बेचा जा रहा है। ऑनलाइन व्यापार से जिले का व्यापार चौपट हो रहा है। यह खेल लंबे समय से चल रहा है।
होटल व्यवसायी सिमरन दीप सिंह ने बताया कि कॉमर्शियल सिलिंडर के दाम बहुत अधिक हो गए हैं। इस कारण छोटे होटल और ढाबा संचालकों को व्यापार बंद करना पड़ा है। होटल व्यवसाय इस समय संकट के दौर से गुजर रहा है।
मुकेश रस्तोगी ने कहा कि कारीगर तबका के पास काम नहीं बचा है। वह क्या कमाए और क्या खाए, उसके सामने प्रश्न बनकर खड़ा है। सड़कों का हाल यह है कि रतापुर से गल्ला मंडी तक की सड़क गड्ढे में तब्दील है। इससे व्यापार बहुत अधिक प्रभावित है। शहर में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है।
सराफा व्यापारी राजेश सोनी ने बताया कि जब से सोना एक साल के लिए न खरीदा जाए और टैक्स ड्यूटी बढ़ा दी गई है, उस दौरान से सराफा व्यापार बंदी की कगार पर आ गया है। छोटे सराफा व्यापारियों के सामने घर खर्च चलाने की भी समस्या है।
व्यापारी मनोज गुप्ता ने कहा कि कचहरी रोड पर व्यापार करने वाले व्यापारी पूरे दिन वकीलाें की बाइक और कार की भीड़ से ही परेशान रहते हैं। अतिक्रमण इस कदर है कि व्यापार होता ही नहीं है। शाम को ही थोड़ी दुकानदारी हो पाती है। कई बार इसके लिए आवाज उठाई गई लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं हो सका।