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घर-घर पहुंचे अफसर, फिर भी दहशत बरकरार
अमर उजाला ब्यूरो/रायबरेली
Updated Fri, 14 Oct 2016 11:16 PM IST
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shimla police
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ताजिया जुलूस निकालने को लेकर रोखा गांव में बुधवार हुए बवाल के बाद लोगों में व्याप्त दशहत को मिटाने के लिए प्रशासन ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को अफसर घर-घर पहुंचे। लोगों से मुलाकात की और उनके डर को खत्म करने की कोशिश की। हालांकि कुछ दुकानें और स्कूल तो खुले, लेकिन हालात पूरी तरह से सामान्य नहीं हो सके।
गांव में बुधवार को ताजिया जुलूस निकालने को लेकर दो समुदाय आमने-सामने आ गए थे। जमकर तोड़फोड़ और बवाल हुआ था। इसमें डीह थानेदार समेत आधा दर्जन लोग घायल हो गए थे। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी।
घटना में 190 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। लोग दहशत की वजह से घरों में कैद हो गए थे। स्कूलों और बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ था। शुक्रवार को बीडीओ अरुण सिंह और थानेदार पवन त्रिवेदी भारी पुलिस फोर्स और पीएसी के साथ गांव पहुंचे। लोगों के दरवाजे जाकर उनसे बातचीत की।
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समझाकर उनके खौफ को समाप्त करने की कोशिश की। अफसरों के प्रयास के बाद दुकानें और स्कूल खुले। इसके तमाम लोगों ने अब भी गांव छोड़ कर रिश्तेदारों या कहीं अन्य जगहों पर शरण ले रखी है। सीओ सलोन चरन सिंह और एसडीएम प्रदीप कुमार ने भी दिन में कई बार गांव पहुंच कर हालात का जायजा लिया।
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गांव में बुधवार को ताजिया जुलूस निकालने को लेकर दो समुदाय आमने-सामने आ गए थे। जमकर तोड़फोड़ और बवाल हुआ था। इसमें डीह थानेदार समेत आधा दर्जन लोग घायल हो गए थे। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी।
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घटना में 190 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। लोग दहशत की वजह से घरों में कैद हो गए थे। स्कूलों और बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ था। शुक्रवार को बीडीओ अरुण सिंह और थानेदार पवन त्रिवेदी भारी पुलिस फोर्स और पीएसी के साथ गांव पहुंचे। लोगों के दरवाजे जाकर उनसे बातचीत की।
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समझाकर उनके खौफ को समाप्त करने की कोशिश की। अफसरों के प्रयास के बाद दुकानें और स्कूल खुले। इसके तमाम लोगों ने अब भी गांव छोड़ कर रिश्तेदारों या कहीं अन्य जगहों पर शरण ले रखी है। सीओ सलोन चरन सिंह और एसडीएम प्रदीप कुमार ने भी दिन में कई बार गांव पहुंच कर हालात का जायजा लिया।