{"_id":"5d30c5598ebc3e6ca06b66de","slug":"no-attack-attempt-on-aditi-raibaraily-news-lko471497860","type":"story","status":"publish","title_hn":"फोरेंसिक लैब में खुलासा, हमला नहीं हुआ, आपस में टकराई थीं सदर विधायक की गाडि़यां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फोरेंसिक लैब में खुलासा, हमला नहीं हुआ, आपस में टकराई थीं सदर विधायक की गाडि़यां
विज्ञापन
एसपी सुनील कुमार सिंह।
- फोटो : RAIBARAILY
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। जिले में 14 मई को लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई हिंसा के मामले में एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह, उनके भाई जिला पंचायत अध्यक्ष अवधेश सिंह, गणेश सिंह समेत अन्य आरोपियों को जांच में क्लीनचिट दे दी गई है। लखनऊ फोरेंसिक लैब की जांच में खुलासा हुआ है कि सदर विधायक अदिति सिंह पर हमला नहीं किया गया था, बल्कि उनकी गाड़ी टकराई थी। फोरेंसिक लैब में इस बात की पुष्टि होने के बाद हरचंदपुर पुलिस ने इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी है।
जिला पंचायत अध्यक्ष के अविश्वास को लेकर 14 मई 2019 को जिले में हाईवे पर हिंसा हुई थी। मिल एरिया थाना क्षेत्र के लालूपुर चौहान की रहने वाली पूर्व विधायक अखिलेश सिंह की बेटी सदर विधायक अदिति सिंह ने 25 मई को हरचंदपुर थाने में लिखाई एफआईआर में कहा था कि 14 मई को वो लखनऊ से रायरेली की तरफ आ रही थीं। हरचंदपुर थाना क्षेत्र में महावीर महाविद्यालय के निकट उन्हें जान से मारने की नियत से उनकी गाड़ी में मिनी ट्रक से टक्कर मार दी, जिससे उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई।
आरोप था कि मौैके पर मौजूद एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह ने जान से मारने की नियत से हमला किया। उन्होंने पीछे से आ रही गाड़ियों में बैठकर भागकर अपनी जान बचाई। इस मामले में एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष अवधेश सिंह, गणेश सिंह के अलावा अभिषेक सिंह और 10-12 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ जान से मारने की नियत से हमला समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
इस मामले की जांच हरचंदपुर थाने में तैनात एसआई महेंद्र प्रताप सिंह ने की। सदर विधायक पर हमला किया गया था या फिर वह हादसे का शिकार हुई थी, इसकी जांच फोरेंसिक टीम कर रही थी। टीम ने घटनास्थल का जायजा लेकर साक्ष्य एकत्र किए थे। विधि विज्ञान प्रयोगशाला महानगर (लखनऊ) की जांच में पाया गया कि फॉर्च्युनर, स्कार्पियो व होंडा अमेज के आपस में टकराने के कारण घटना हुई।
फोरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक विधायक पर हमला नहीं किया गया था, बल्कि हाईवे पर उनके साथ हुई घटना एक हादसा थी। इस पर हरचंदपुर पुलिस इस मुकदमे को खारिज करते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी है। ऐसे में एमएलसी, उनके भाइयों समेत अन्य को क्लीनचिट मिल गई है।
इंसाफ के लिए कानूनी लड़ाई लड़ूंगी : अदिति
हरचंदपुर थाने में लिखाए गए मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगाए जाने की जानकारी हुई है। पुलिस अफसरों की मनमानी से ऐसा हुआ है। फाइनल रिपोर्ट लगाए जाने से जाहिर है कि यहां पर कानून व्यवस्था की क्या हालत हो गई है। मैं एक पढ़ी लिखी विधायक हूं। इंसाफ पाने की खातिर हथियार उठाकर नहीं, बल्कि कानूनी लड़ाई लड़ूंगी। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाऊंगी। - अदिति सिंह, विधायक, सदर
जांच में हुई पुष्टि हमला नहीं हादसा था : सीओ
सदर विधायक अदिति सिंह की ओर से हरचंदपुर थाने में दर्ज कराए गए मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट मेरे पदभार संभालने से पहले लगाई गई है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की जांच में विधायक पर जानलेवा हमले के बजाय हादसे की पुष्टि की है। फोरेंसिक टीम की ओर से जांच की गई है तो सही रिपोर्ट है। -विनीत सिंह, सीओ, महराजगंज
फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर लगी फाइनल रिपोर्ट : एसपी
विधि विज्ञान प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि अदिति सिंह पर जानलेवा हमला नहीं किया गया था, बल्कि वह हादसे की चपेट में आई। फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ही मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाई गई है। -सुनील कुमार सिंह, एसपी
विज्ञापन
जिला पंचायत अध्यक्ष के अविश्वास को लेकर 14 मई 2019 को जिले में हाईवे पर हिंसा हुई थी। मिल एरिया थाना क्षेत्र के लालूपुर चौहान की रहने वाली पूर्व विधायक अखिलेश सिंह की बेटी सदर विधायक अदिति सिंह ने 25 मई को हरचंदपुर थाने में लिखाई एफआईआर में कहा था कि 14 मई को वो लखनऊ से रायरेली की तरफ आ रही थीं। हरचंदपुर थाना क्षेत्र में महावीर महाविद्यालय के निकट उन्हें जान से मारने की नियत से उनकी गाड़ी में मिनी ट्रक से टक्कर मार दी, जिससे उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई।
विज्ञापन
आरोप था कि मौैके पर मौजूद एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह ने जान से मारने की नियत से हमला किया। उन्होंने पीछे से आ रही गाड़ियों में बैठकर भागकर अपनी जान बचाई। इस मामले में एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष अवधेश सिंह, गणेश सिंह के अलावा अभिषेक सिंह और 10-12 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ जान से मारने की नियत से हमला समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
इस मामले की जांच हरचंदपुर थाने में तैनात एसआई महेंद्र प्रताप सिंह ने की। सदर विधायक पर हमला किया गया था या फिर वह हादसे का शिकार हुई थी, इसकी जांच फोरेंसिक टीम कर रही थी। टीम ने घटनास्थल का जायजा लेकर साक्ष्य एकत्र किए थे। विधि विज्ञान प्रयोगशाला महानगर (लखनऊ) की जांच में पाया गया कि फॉर्च्युनर, स्कार्पियो व होंडा अमेज के आपस में टकराने के कारण घटना हुई।
फोरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक विधायक पर हमला नहीं किया गया था, बल्कि हाईवे पर उनके साथ हुई घटना एक हादसा थी। इस पर हरचंदपुर पुलिस इस मुकदमे को खारिज करते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी है। ऐसे में एमएलसी, उनके भाइयों समेत अन्य को क्लीनचिट मिल गई है।
इंसाफ के लिए कानूनी लड़ाई लड़ूंगी : अदिति
हरचंदपुर थाने में लिखाए गए मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगाए जाने की जानकारी हुई है। पुलिस अफसरों की मनमानी से ऐसा हुआ है। फाइनल रिपोर्ट लगाए जाने से जाहिर है कि यहां पर कानून व्यवस्था की क्या हालत हो गई है। मैं एक पढ़ी लिखी विधायक हूं। इंसाफ पाने की खातिर हथियार उठाकर नहीं, बल्कि कानूनी लड़ाई लड़ूंगी। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाऊंगी। - अदिति सिंह, विधायक, सदर
जांच में हुई पुष्टि हमला नहीं हादसा था : सीओ
सदर विधायक अदिति सिंह की ओर से हरचंदपुर थाने में दर्ज कराए गए मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट मेरे पदभार संभालने से पहले लगाई गई है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की जांच में विधायक पर जानलेवा हमले के बजाय हादसे की पुष्टि की है। फोरेंसिक टीम की ओर से जांच की गई है तो सही रिपोर्ट है। -विनीत सिंह, सीओ, महराजगंज
फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर लगी फाइनल रिपोर्ट : एसपी
विधि विज्ञान प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि अदिति सिंह पर जानलेवा हमला नहीं किया गया था, बल्कि वह हादसे की चपेट में आई। फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ही मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाई गई है। -सुनील कुमार सिंह, एसपी

सदर विधायक अदिति सिंह।- फोटो : RAIBARAILY

रायबरेली में लखनऊ-प्रयागराज राजमार्ग पर टूटी लग्जरी वाहन। (फाइल फोटो)- फोटो : RAIBARAILY