{"_id":"69863f472e13e841130deb9d","slug":"nipun-survey-completed-abilities-of-class-1-2-children-tested-raebareli-news-c-101-1-slko1034-150568-2026-02-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raebareli News: निपुण सर्वे पूरा, कक्षा एक-दो के बच्चों की परखी काबिलियत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raebareli News: निपुण सर्वे पूरा, कक्षा एक-दो के बच्चों की परखी काबिलियत
Sat, 07 Feb 2026 12:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 07 Feb 2026 12:51 AM IST
विज्ञापन
रायबरेली। जिले के समस्त 1937 परिषदीय विद्यालयों में निपुण सर्वे पूरा हो गया है। अंतिम दिन शुक्रवार को 55 स्कूलों में डायट की टीमें पहुंची और बच्चों से सवाल पूछे। सर्वे के दौरान सभी विद्यालयों में डायट की टीमों ने कक्षा एक और दो के बच्चों से निपुण लक्ष्य एप के जरिए सवाल पूछे, जिससे उनकी भाषा और गणित की समझ का पता लगाने का प्रयास किया गया। सर्वे के नतीजों से पता चलेगा कि बच्चे कितना काबिल बने हैं। पढ़ाई में कमजोर मिलने पर सुधार लाने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि आगे की पढ़ाई में कोई दिक्कत न आने पाए और अपनी कक्षा के अनुरूप काबिल बन सकें।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) ने डीएलएड प्रशिक्षुओं की 143 टीमें बनाई थीं। हर टीम में दो सदस्य शामिल थे। इन टीमों को 27 जनवरी से विद्यालय भेजा जाने लगा, ताकि तय समय में सर्वे कार्य पूरा कराया जा सके। सर्वे के लिए 6 फरवरी तक का समय दिया गया था। इसीलिए शुरूआत में ज्यादा विद्यालयों में टीमें पहुंचती रहीं, जिससे अंतिम दिन सिर्फ 55 स्कूल बाकी थे, जहां टीमों ने पहुंचकर काम पूरा करा दिया।
सर्वे नोडल एवं डायट प्रवक्ता अभिवेक श्रीवास्तव ने बताया कि निपुण आकलन के जरिए कक्षा एक एवं दो के बच्चों की भाषा एवं गणित में बुनियादी दक्षताओं की वास्तविक स्थिति का पता लगाया गया है। इससे भविष्य की शैक्षिक योजना, शिक्षण रणनीति, उपचारात्मक शिक्षण तथा निपुण लक्ष्य पाने में मदद मिलेगी। कमजोर बच्चों की पहचान कर उन्हें जरूरी शैक्षणिक सहयोग दिया जा सकेगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
विज्ञापन
डायट प्राचार्य दीपिका चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में टेक्निकल टीम भी बनाई गई, जिसने सर्वे टीमों की सहायता की। यही वजह रही कि तय शेड्यूल में काम पूरा हो गया। टेक्निकल टीम में शामिल ऋषभ, हेमंत रमन, प्रखर चौरसिया, गौरव, आशीष कुमार, सर्वेश पांडेय, कुलदीप वर्मा आदि ने सर्वे के दौरान टीमों को लोकेशन, नेटवर्क, यू-डायस, बच्चों के नाम न होने या प्रश्नपत्र डाउनलोड न होने जैसी समस्याओं का निस्तारण कराया।
विज्ञापन
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) ने डीएलएड प्रशिक्षुओं की 143 टीमें बनाई थीं। हर टीम में दो सदस्य शामिल थे। इन टीमों को 27 जनवरी से विद्यालय भेजा जाने लगा, ताकि तय समय में सर्वे कार्य पूरा कराया जा सके। सर्वे के लिए 6 फरवरी तक का समय दिया गया था। इसीलिए शुरूआत में ज्यादा विद्यालयों में टीमें पहुंचती रहीं, जिससे अंतिम दिन सिर्फ 55 स्कूल बाकी थे, जहां टीमों ने पहुंचकर काम पूरा करा दिया।
विज्ञापन
सर्वे नोडल एवं डायट प्रवक्ता अभिवेक श्रीवास्तव ने बताया कि निपुण आकलन के जरिए कक्षा एक एवं दो के बच्चों की भाषा एवं गणित में बुनियादी दक्षताओं की वास्तविक स्थिति का पता लगाया गया है। इससे भविष्य की शैक्षिक योजना, शिक्षण रणनीति, उपचारात्मक शिक्षण तथा निपुण लक्ष्य पाने में मदद मिलेगी। कमजोर बच्चों की पहचान कर उन्हें जरूरी शैक्षणिक सहयोग दिया जा सकेगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
विज्ञापन
डायट प्राचार्य दीपिका चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में टेक्निकल टीम भी बनाई गई, जिसने सर्वे टीमों की सहायता की। यही वजह रही कि तय शेड्यूल में काम पूरा हो गया। टेक्निकल टीम में शामिल ऋषभ, हेमंत रमन, प्रखर चौरसिया, गौरव, आशीष कुमार, सर्वेश पांडेय, कुलदीप वर्मा आदि ने सर्वे के दौरान टीमों को लोकेशन, नेटवर्क, यू-डायस, बच्चों के नाम न होने या प्रश्नपत्र डाउनलोड न होने जैसी समस्याओं का निस्तारण कराया।