फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   Nestle's Maggi noodles found Adomank

नेस्ले के मैगी नूडल्स मिली अधोमानक

Sun, 27 Dec 2015 12:00 AM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 27 Dec 2015 12:00 AM IST
विज्ञापन
इससे पहले भी गोल्डी और आईटीसी के नूडल्स मानक के विपरीत पाए गए थे। मशहूर ब्रांड के नूडल्स फेल होने के बाद हड़कंप मच गया है।
विज्ञापन


नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद एफएसडीए ने दुकानदारों को नोटिस थमा दिया है। एफएसडीए की टीम ने सितंबर 2015 में अभियान चलाकर अलग-अलग कस्बों में दुकानों से नेस्ले कंपनी के मैगी नूडल्स के नमूने भरे थे।

हरचंदपुर में मो. कफील व सलोन में अशोक की दुकान से मैगी का नमूना भरा गया था। शहर में कैपरगंज स्थित सुरेश की दुकान से मैगी का नमूना भरा गया था।

जांच में तीनों नमूनों के नूडल्स में एश की मात्रा तय मानक एक प्रतिशत से अधिक पाई गई है। एफएसडीए ने दुकानदारों व कंपनियों पर मुकदमे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विज्ञापन


एफएसडीए की टीम पवन स्वीट्स से पनीर का नमूना भरा था। जांच में पनीर में फैट की मात्रा कम पाई गई है। बटी रेस्टोरेंट से भी दूध और पनीर का नमूना लिया गया था। दोनों नमूने जांच में फेल पाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


किलौली में गिरजाशंकर की मिठाई की दुकान से बरफी, गदागंज में शिवशंकर की दुकान से छेना, अशोक गुप्ता की दुकान से पेड़ा, गूढ़ा बाजार में रामशंकर मिश्रा की दुकान से आइसक्रीम, गोल चौराहा रायबरेली में सुनील कुमार की दुकान से लड्डू, कैपरगंज में खेमचंद्र की दुकान से केक, खीरों में शिवम की दुकान से पेड़ा और लालगंज में सतीश की गाड़ी से गंगा मोटी सेवई का नमूना लिया गया था। ये नमूने भी जांच में फेल आए हैं।

सभी को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। एफएसडीए के अभिहित अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि मैगी में राख की मात्रा एक प्रतिशत से अधिक पाई गई है।

हालांकि कितनी अधिक है यह रिपोर्ट में नहीं लिखा है। यह मात्रा एक प्रतिशत से कम होनी चाहिए। दुकानदारों व कंपनियों पर मुकदमे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. बीरबल के अनुसार मानक के विपरीत खाद्य पदार्थ सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं। मैगी नूडल्स हो या फिर अन्य खाद्य पदार्थ।

यदि मानकों पर खरे नहीं हैं तो वे सीधे लिवर व आंतों को प्रभावित करते हैं। इससे पेट की बीमारियां बढ़ सकती है। इसलिए मानकों पर खरे खाद्य पदार्थों का ही सेवन करना चाहिए।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed