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नैय्या नाला उफनाया, सुलखिया गांव का संपर्क कटा
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महराजगंज (रायबरेली)। दो दिनों से रुक-रुककर हो रही मूसलाधार बारिश से नैय्या नाला उफना गया है। सुखलिया गांव से संपर्क कट गया है। गांव तक आने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। गांव में पानी भरने से बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है।
खेतों में खड़ी धान की फसल भी पानी में डूब गई है। मामला जानकारी में आने के बाद रविवार को तहसील प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को आने-जाने के लिए नाव की व्यवस्था कराई गई।
वहीं अन्य गांवों की तरफ नाले का पानी बढ़ रहा है। इससे लोगों में हाहाकार मचा है। वहीं महराजगंज क्षेत्र में बारिश के चलते 250 मकान जमींदोज हुए हैं। एक मवेशी की भी मौत हुई है।
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लखनऊ जिले के मोहनलालगंज तहसील के हुलासखेड़ा झील से निकला 129 किलोमीटर लंबा नैय्या नाला जिले में आकर तहसील महराजगंज के लगभग 100 गांव के बीच से निकलकर सई नदी में गिरता है।
क्षेत्र में छोटी बड़ी कई अन्य ड्रेनें भी जगह-जगह पर नैय्या नाला में गिरती हैं। काफी समय बाद बारिश के चलते नैय्या नाला उफना गया। इसके चलते सुखलिया गांव पानी से चारों तरफ से घिर चुका है। संपर्क मार्ग पानी में डूबे हैं।
ग्रामीणों के आवागमन की समस्या को देखते हुए उपजिलाधिकारी सविता यादव और तहसीलदार अनिल कुमार पाठक ने गांव का दौरा किया। आवागमन बहाल करने के लिए तत्काल डलमऊ से नाव मंगाकर लोगों को मुहैया कराई गई। ग्रामीणों को राशन समेत अन्य आवश्यक सामग्री मुहैया कराने के लिए राजस्व कर्मियों सहित अन्य लोगों को तैनात कर दिया गया।
नैय्या नाला के उफनाने से कैलाशपुर, दरियावगंज, लालगंज, भुजिहा, कैर, अतरेहटा, पहरावा, पूरे मेहरबान, ओया गांव में आबादी की ओर पानी बढ़ रहा है। सैकड़ों बीघा धान की तैयार फसल डूब गई है।
दो दिनों से हो रही बारिश के चलते क्षेत्र में 250 मकान जमींदोज हो गए हैं। इसमें 46 परिवारों को सहायता राशि दी जा चुकी है। डीहा नरई मजरे बावन बुजुर्ग बल्ला में कच्ची दीवार ढहने से घायल हुए एक परिवार के चार सदस्यों को आर्थिक सहायता दी गई।
वहीं मऊ गांव में घर गिरने से एक बकरी की मौत हो जाने पर पशु मालिक को भी सहायता दी गई। विलास मजरे जमुरावां में धर्मपाल, अयोध्या प्रसाद, हरिशंकर के मकान जमींदोज हो गए हैं।
दरियावगंज मदनिया कैलाशपुर में भी 13 लोगों के मकान पिछले 24 घंटे के अंदर जमींदोज हो गए। मौके पर तहसीलदार अनिल कुमार पाठक और क्षेत्रीय कानूनगो श्रीकांत पांडेय की अगुवाई में पहुंची टीम ने पीड़ित परिवारों को मदद पहुंचाई। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शत्रोहन लोधी ने प्रशासन से पीड़ितों की मदद कराने की गुहार लगाई है।
उडंवा गांव के पास बही सड़क, ग्रामीणों में दहशत
जगतपुर (रायबरेली)। क्षेत्र में शनिवार की राचत उडंवा सिंघापुर भटौली संपर्क मार्ग पर उडंवा गांव के निकट 30 फीट एक गड्ढा हो गया है। इससे गांव के लोगों में दहशत मच गई। ग्रामीण तेजई, उषा, सुभाष, सुशीला, दिनेश, सुधीर, सत्यम, सुजीत, राम प्रसाद ने बताया कि सड़क किनारे गड्ढा हो गया है। गनीमत रही कि रात का वक्त था, वरना कोई हादसा हो सकता था।
ग्राम प्रधान रमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि गांव को जाने वाले संपर्क मार्ग बंद कर दिया गया। ग्रामीणों को सचेत कर दिया गया है कि गड्ढे के आसपास कोई न जाए। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। शीघ्र ही अवर अभियंता और ठेकेदार को भेज कर मौके की जांच कराई जाएगी।
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खेतों में खड़ी धान की फसल भी पानी में डूब गई है। मामला जानकारी में आने के बाद रविवार को तहसील प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को आने-जाने के लिए नाव की व्यवस्था कराई गई।
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वहीं अन्य गांवों की तरफ नाले का पानी बढ़ रहा है। इससे लोगों में हाहाकार मचा है। वहीं महराजगंज क्षेत्र में बारिश के चलते 250 मकान जमींदोज हुए हैं। एक मवेशी की भी मौत हुई है।
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लखनऊ जिले के मोहनलालगंज तहसील के हुलासखेड़ा झील से निकला 129 किलोमीटर लंबा नैय्या नाला जिले में आकर तहसील महराजगंज के लगभग 100 गांव के बीच से निकलकर सई नदी में गिरता है।
क्षेत्र में छोटी बड़ी कई अन्य ड्रेनें भी जगह-जगह पर नैय्या नाला में गिरती हैं। काफी समय बाद बारिश के चलते नैय्या नाला उफना गया। इसके चलते सुखलिया गांव पानी से चारों तरफ से घिर चुका है। संपर्क मार्ग पानी में डूबे हैं।
ग्रामीणों के आवागमन की समस्या को देखते हुए उपजिलाधिकारी सविता यादव और तहसीलदार अनिल कुमार पाठक ने गांव का दौरा किया। आवागमन बहाल करने के लिए तत्काल डलमऊ से नाव मंगाकर लोगों को मुहैया कराई गई। ग्रामीणों को राशन समेत अन्य आवश्यक सामग्री मुहैया कराने के लिए राजस्व कर्मियों सहित अन्य लोगों को तैनात कर दिया गया।
नैय्या नाला के उफनाने से कैलाशपुर, दरियावगंज, लालगंज, भुजिहा, कैर, अतरेहटा, पहरावा, पूरे मेहरबान, ओया गांव में आबादी की ओर पानी बढ़ रहा है। सैकड़ों बीघा धान की तैयार फसल डूब गई है।
दो दिनों से हो रही बारिश के चलते क्षेत्र में 250 मकान जमींदोज हो गए हैं। इसमें 46 परिवारों को सहायता राशि दी जा चुकी है। डीहा नरई मजरे बावन बुजुर्ग बल्ला में कच्ची दीवार ढहने से घायल हुए एक परिवार के चार सदस्यों को आर्थिक सहायता दी गई।
वहीं मऊ गांव में घर गिरने से एक बकरी की मौत हो जाने पर पशु मालिक को भी सहायता दी गई। विलास मजरे जमुरावां में धर्मपाल, अयोध्या प्रसाद, हरिशंकर के मकान जमींदोज हो गए हैं।
दरियावगंज मदनिया कैलाशपुर में भी 13 लोगों के मकान पिछले 24 घंटे के अंदर जमींदोज हो गए। मौके पर तहसीलदार अनिल कुमार पाठक और क्षेत्रीय कानूनगो श्रीकांत पांडेय की अगुवाई में पहुंची टीम ने पीड़ित परिवारों को मदद पहुंचाई। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शत्रोहन लोधी ने प्रशासन से पीड़ितों की मदद कराने की गुहार लगाई है।
उडंवा गांव के पास बही सड़क, ग्रामीणों में दहशत
जगतपुर (रायबरेली)। क्षेत्र में शनिवार की राचत उडंवा सिंघापुर भटौली संपर्क मार्ग पर उडंवा गांव के निकट 30 फीट एक गड्ढा हो गया है। इससे गांव के लोगों में दहशत मच गई। ग्रामीण तेजई, उषा, सुभाष, सुशीला, दिनेश, सुधीर, सत्यम, सुजीत, राम प्रसाद ने बताया कि सड़क किनारे गड्ढा हो गया है। गनीमत रही कि रात का वक्त था, वरना कोई हादसा हो सकता था।
ग्राम प्रधान रमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि गांव को जाने वाले संपर्क मार्ग बंद कर दिया गया। ग्रामीणों को सचेत कर दिया गया है कि गड्ढे के आसपास कोई न जाए। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। शीघ्र ही अवर अभियंता और ठेकेदार को भेज कर मौके की जांच कराई जाएगी।