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सोनिया के क्षेत्र में पीएम आदर्श ग्राम बने सात गांवों के नाम गलत
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रायबरेली। सांसद सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत चुने गए सात गांवों के नाम ही गलत है। पोर्टल पर सही नाम न होने के कारण गांवों में विकास कार्य आरंभ कराने के लिए वीडीपी (विलेज डेवलपमेंट प्रोग्राम) तैयार करने में रोड़ा खड़ा हो गया है।
मामले में अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम को पत्र भेजकर चयनित गांवों के सही नाम नाम पोर्टल पर फीड कराने का अनुरोध किया गया है, जिससे संबंधित गांवों को आदर्श बनाया जा सके।
केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद सभी सांसदों ने एक-एक गांव गोद लिया था। सांसद सोनिया गांधी ने जगतपुर ब्लॉक के उडंवा, अमेठी के सांसद रहे राहुल गांधी ने डीह क्षेत्र के जगदीशपुर और राज्यसभा सदस्य रहे कैप्टन सतीश शर्मा ने सरेनी ब्लॉक के सरेनी गांव को गोद लिया था।
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बाद में शासन 50 प्रतिशत से अधिक दलित आबादी वाले गांवों को प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम के लिए चयनित करने का निर्णय लिया। करीब दो साल में जिले में 157 दलित बाहुल्य गांवों को चुना गया है। चयनित गांवों में 20-20 लाख रुपये से विकास कार्य कराने का लक्ष्य है।
जिले में आदर्श ग्राम चयनित सात गांवों के नाम ही गलत हैं। इसमें हरचंदपुर ब्लॉक में छतैया के स्थान पर हतैया, शिवगढ़ में बदावर के स्थान पर बदवीर, जगतपुर में कोड़िया के स्थान पर कोरिया, बैरीहार के स्थान पर बैरीहाट, डलमऊ में पकरा अमरिया की जगह अमरनपुर पकरा, कुढ़ाचक सगुनपुर की जगह कढ़ाचक सगुनपुर और बछरावां ब्लॉक में पीठन की जगह पीरुन गांव के नाम पोर्टल पर दर्ज कर दिए गए हैं।
ऐसी स्थिति में विकास योजना ही तैयार नहीं हो पा रही है। मामले में समाज कल्याण अधिकारी (विकास) ने अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम को सही गांवों की सूची भेजकर पोर्टल पर फीड कराने का अनुरोध किया है, जिससे विकास योजना तैयार की जा सके।
पहले चरण में चुने गए 20 गांवों को बजट की दरकार
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के लिए दो साल पहले चिन्ह्ति किए गए 20 गांवों को अब तक बजट नहीं मिला है। इन गांवों में विकास की योजना को पास कराकर शासन को भेज भी दिया गया था, लेकिन अब तक बजट नहीं मिला है। बछरावां ब्लॉक के बहादुरनगर, बन्नावां, जींगो, कन्नावां, कुंडौली, कसरावां, रानीखेड़ा, तिलेंडा, छतोह ब्लॉक के बेढ़ौना, शिवगढ़ ब्लॉक के देहली, सिवली, सूरजपुर, खीरों ब्लॉक के डुमटहर, डलमऊ ब्लॉक के खलीलपुर, रायपुर टप्पा हवेली, सुरसना, सलोन ब्लॉक के खमरिया पूरे कुशल, अमावां ब्लॉक के पहरेमऊ, संदीनागिन, महराजगंज ब्लॉक के तौली गांवों को पहले चरण में चुना गया है।
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत जिले में 50 प्रतिशत से अधिक दलित आबादी वाले अब तक 157 गांवों को चुना गया है। इसमें सात गांवों के नाम गलत होने के कारण गांवों के विकास की योजना तैयार कराने में समस्या आ रही है। पोर्टल पर सही नाम दर्ज कराने के लिए गांवों की सूची शासन को भेजी गई है। सभी गांवों में 20-20 लाख रुपये से विकास कार्य कराया जाना है।
- सुनीता सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास)
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मामले में अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम को पत्र भेजकर चयनित गांवों के सही नाम नाम पोर्टल पर फीड कराने का अनुरोध किया गया है, जिससे संबंधित गांवों को आदर्श बनाया जा सके।
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केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद सभी सांसदों ने एक-एक गांव गोद लिया था। सांसद सोनिया गांधी ने जगतपुर ब्लॉक के उडंवा, अमेठी के सांसद रहे राहुल गांधी ने डीह क्षेत्र के जगदीशपुर और राज्यसभा सदस्य रहे कैप्टन सतीश शर्मा ने सरेनी ब्लॉक के सरेनी गांव को गोद लिया था।
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बाद में शासन 50 प्रतिशत से अधिक दलित आबादी वाले गांवों को प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम के लिए चयनित करने का निर्णय लिया। करीब दो साल में जिले में 157 दलित बाहुल्य गांवों को चुना गया है। चयनित गांवों में 20-20 लाख रुपये से विकास कार्य कराने का लक्ष्य है।
जिले में आदर्श ग्राम चयनित सात गांवों के नाम ही गलत हैं। इसमें हरचंदपुर ब्लॉक में छतैया के स्थान पर हतैया, शिवगढ़ में बदावर के स्थान पर बदवीर, जगतपुर में कोड़िया के स्थान पर कोरिया, बैरीहार के स्थान पर बैरीहाट, डलमऊ में पकरा अमरिया की जगह अमरनपुर पकरा, कुढ़ाचक सगुनपुर की जगह कढ़ाचक सगुनपुर और बछरावां ब्लॉक में पीठन की जगह पीरुन गांव के नाम पोर्टल पर दर्ज कर दिए गए हैं।
ऐसी स्थिति में विकास योजना ही तैयार नहीं हो पा रही है। मामले में समाज कल्याण अधिकारी (विकास) ने अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम को सही गांवों की सूची भेजकर पोर्टल पर फीड कराने का अनुरोध किया है, जिससे विकास योजना तैयार की जा सके।
पहले चरण में चुने गए 20 गांवों को बजट की दरकार
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के लिए दो साल पहले चिन्ह्ति किए गए 20 गांवों को अब तक बजट नहीं मिला है। इन गांवों में विकास की योजना को पास कराकर शासन को भेज भी दिया गया था, लेकिन अब तक बजट नहीं मिला है। बछरावां ब्लॉक के बहादुरनगर, बन्नावां, जींगो, कन्नावां, कुंडौली, कसरावां, रानीखेड़ा, तिलेंडा, छतोह ब्लॉक के बेढ़ौना, शिवगढ़ ब्लॉक के देहली, सिवली, सूरजपुर, खीरों ब्लॉक के डुमटहर, डलमऊ ब्लॉक के खलीलपुर, रायपुर टप्पा हवेली, सुरसना, सलोन ब्लॉक के खमरिया पूरे कुशल, अमावां ब्लॉक के पहरेमऊ, संदीनागिन, महराजगंज ब्लॉक के तौली गांवों को पहले चरण में चुना गया है।
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत जिले में 50 प्रतिशत से अधिक दलित आबादी वाले अब तक 157 गांवों को चुना गया है। इसमें सात गांवों के नाम गलत होने के कारण गांवों के विकास की योजना तैयार कराने में समस्या आ रही है। पोर्टल पर सही नाम दर्ज कराने के लिए गांवों की सूची शासन को भेजी गई है। सभी गांवों में 20-20 लाख रुपये से विकास कार्य कराया जाना है।
- सुनीता सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास)