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दुष्कर्म के आरोपी बेटे को बचाने को मां ने रची पति के अपहरण की साजिश
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रायबरेली। दुष्कर्म के आरोपी बेटे को बचाने के लिए मां ने अपने पति के अपहरण की झूठी साजिश रच दी। सीओ सलोन विनीत सिंह ने जांच शुरू की तो फर्जी अपहरण की साजिश का खुलासा हुआ। जांच में पाया गया कि जिस व्यक्ति के अपहरण की एफआईआर कोतवाली में दर्ज कराई गई थी, वह शहर में ही घूम रहा था।
सीओ ने बेटे को पकड़वाकर पूछताछ शुरू की तो शहर में घूम रहा व्यक्ति कोतवाली पहुंच गया और बताया कि पड़ोसियों को फर्जी मामले में फंसाने के लिए यह सब किया। सीओ ने फर्जी मुकदमा लिखवाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके सलोन पुलिस को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सलोन कोतवाली क्षेत्र के गांव की रहने वाली महिला ने 24 जनवरी को सलोन कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी कि उसके पति घर से निकले थे, जो अब तक घर लौटकर नहीं आए हैं। आशंका है कि मेरे पड़ोसियों ने पति का अपहरण कर लिया है। पुलिस ने मामले में चार लोगों के खिलाफ अपहरण समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया था।
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मामले की जांच सीओ सलोन विनीत सिंह ने शुरू की। सीओ की जांच में अपहरण का मामला फर्जी पाया। सीओ ने बताया कि जिन लोगों पर अपहरण का मुकदमा लिखाया गया, उसमें से एक व्यक्ति की पत्नी के साथ वादी महिला के बेटे ने दुष्कर्म किया था। इस समय महिला का बेटा जमानत पर बाहर चल रहा है।
दुष्कर्म के आरोपी बेटे को बचाने के लिए महिला ने पति के अपहरण की फर्जी एफआईआर कोतवाली में लिखाई थी। सीओ का कहना है कि महिला के बेटे कोतवाली लाया गया। इस बात की खबर महिला ने अपने पति को फोन करके बता दी। इस पर स्वयं उसका पति कोतवाली पहुंचा और अपने अपहरण की झूठी कहानी के बारे में बताया और कहा कि वह शहर में ही घूम रहा था।
उन्होंने बताया कि इस मामले में अपहरण के मामले में नामजद किए गए चार आरोपियों को क्लीन चिट दी जाएगी, वहीं फर्जी मुकदमा लिखाने के मामले में महिला व उसके पति, बेटे के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सलोन कोतवाली में दर्ज कराए गए सामूहिक दुष्कर्म का मामला भी सीओ सलोन की जांच में झूठा पाया गया।
सीओ विनीत सिंह के मुताबिक कोतवाली में कोर्ट के आदेश पर दलित महिला की तहरीर पर तीन युवकों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कराया गया था। इस मामले की जांच शुरू कराई गई। जांच में मोबाइल फोन की सीडीआर ली गई। मुकदमे में घटनास्थल जो दर्शाया गया था, वहां पर जाकर लोगों के बयान दर्ज कराए गए।
जांच में महिला की ओर से आरोपी कांशीराम कॉलोनी निवासी सतनाम, विपिन चौधरी, अमेठी जिले के तिलोई क्षेत्र के निहाल सिंह का पुरवा निवासी शिवम पर लगाए गए आरोप सही नहीं मिले। सीओ ने बताया कि मामले की वादिनी ने आरोपी शिवम से कम दाम में प्लॉट देने की बात कही थी।
प्लॉट न देने के चलते दोनों में गालीगलौज हुई थी। इसी वजह से महिला ने शिवम व उसके साथियों पर केस लिखवाया था। सीओ ने बताया कि तीनों आरोपियों को क्लीनचिट दी जाएगी। झूठा मुकदमा लिखाने पर महिला के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
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सीओ ने बेटे को पकड़वाकर पूछताछ शुरू की तो शहर में घूम रहा व्यक्ति कोतवाली पहुंच गया और बताया कि पड़ोसियों को फर्जी मामले में फंसाने के लिए यह सब किया। सीओ ने फर्जी मुकदमा लिखवाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके सलोन पुलिस को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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सलोन कोतवाली क्षेत्र के गांव की रहने वाली महिला ने 24 जनवरी को सलोन कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी कि उसके पति घर से निकले थे, जो अब तक घर लौटकर नहीं आए हैं। आशंका है कि मेरे पड़ोसियों ने पति का अपहरण कर लिया है। पुलिस ने मामले में चार लोगों के खिलाफ अपहरण समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया था।
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मामले की जांच सीओ सलोन विनीत सिंह ने शुरू की। सीओ की जांच में अपहरण का मामला फर्जी पाया। सीओ ने बताया कि जिन लोगों पर अपहरण का मुकदमा लिखाया गया, उसमें से एक व्यक्ति की पत्नी के साथ वादी महिला के बेटे ने दुष्कर्म किया था। इस समय महिला का बेटा जमानत पर बाहर चल रहा है।
दुष्कर्म के आरोपी बेटे को बचाने के लिए महिला ने पति के अपहरण की फर्जी एफआईआर कोतवाली में लिखाई थी। सीओ का कहना है कि महिला के बेटे कोतवाली लाया गया। इस बात की खबर महिला ने अपने पति को फोन करके बता दी। इस पर स्वयं उसका पति कोतवाली पहुंचा और अपने अपहरण की झूठी कहानी के बारे में बताया और कहा कि वह शहर में ही घूम रहा था।
उन्होंने बताया कि इस मामले में अपहरण के मामले में नामजद किए गए चार आरोपियों को क्लीन चिट दी जाएगी, वहीं फर्जी मुकदमा लिखाने के मामले में महिला व उसके पति, बेटे के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सलोन कोतवाली में दर्ज कराए गए सामूहिक दुष्कर्म का मामला भी सीओ सलोन की जांच में झूठा पाया गया।
सीओ विनीत सिंह के मुताबिक कोतवाली में कोर्ट के आदेश पर दलित महिला की तहरीर पर तीन युवकों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कराया गया था। इस मामले की जांच शुरू कराई गई। जांच में मोबाइल फोन की सीडीआर ली गई। मुकदमे में घटनास्थल जो दर्शाया गया था, वहां पर जाकर लोगों के बयान दर्ज कराए गए।
जांच में महिला की ओर से आरोपी कांशीराम कॉलोनी निवासी सतनाम, विपिन चौधरी, अमेठी जिले के तिलोई क्षेत्र के निहाल सिंह का पुरवा निवासी शिवम पर लगाए गए आरोप सही नहीं मिले। सीओ ने बताया कि मामले की वादिनी ने आरोपी शिवम से कम दाम में प्लॉट देने की बात कही थी।
प्लॉट न देने के चलते दोनों में गालीगलौज हुई थी। इसी वजह से महिला ने शिवम व उसके साथियों पर केस लिखवाया था। सीओ ने बताया कि तीनों आरोपियों को क्लीनचिट दी जाएगी। झूठा मुकदमा लिखाने पर महिला के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।