{"_id":"69de9b80332e48bfbd079f5d","slug":"monkeys-create-havoc-leave-young-man-bleeding-raebareli-news-c-101-1-slko1033-155455-2026-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raebareli News: बंदरों का उत्पात, युवक को किया लहूलुहान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raebareli News: बंदरों का उत्पात, युवक को किया लहूलुहान
Wed, 15 Apr 2026 01:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Wed, 15 Apr 2026 01:24 AM IST
विज्ञापन
जिला अस्पताल में कुत्ता के काटने से घायल बच्चे के घाव को देखते चिकित्सक।
रायबरेली। जिले में कुत्तों के साथ ही बंदरों का उत्पात भी बढ़ गया है। मंगलवार की सुबह गुरुबख्शगंज के डोमापुर में बंदर ने युवक पर हमला करके लहूलुहान कर दिया।
युवक को जतुआ-टप्पा सीएचसी पहुंचाया गया, लेकिन पैर में घाव अधिक होने के कारण उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां चिकित्सक की सलाह के बाद युवक को एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) के साथ ही सीरम इंजेक्शन भी लगाया गया। दिन भर में 33 से अधिक नए मरीजों को एआरवी लगवाने के लिए जिला अस्पताल लाया गया।
गांमंगलवार को डोमापुर निवासी अनूप कुमार (35) पर बंदर ने हमला बोल दिया। बंदर के काटने से युवक के पैर में बड़ा घाव बन गया। बंदर ने गांव के कई और लोगों पर भी हमला किया। युवक को सीएचसी के बाद जिला अस्पताल लाया गया। चिकित्सक डॉ. सौरभ शर्मा से चिकित्सीय सलाह लेने के बाद युवक के एआरवी के साथ सीरम इंजेक्शन लगाया गया। इसके अलावा कुत्तों और बंदरों के हमले के बाद 33 से अधिक नए मरीजों ने भी जिला अस्पताल पहुंचकर एआरवी लगवाई।
विज्ञापन
चिकित्सक डॉ. सौरभ शर्मा का कहना है कि कुत्ता, बंदर, बिल्ली के हमले के बाद मरीजों को समय से एआरवी लगवाना जरूरी होता है। कुत्ते या बंदर के काटने के बाद घर पर ही घाव को तुरंत साबुन और पानी से धोना चाहिए। इसके बाद बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क कर एआरवी की पूरी खुराक लेनी चाहिए। 72 घंटे में पहली डोज ले लेनी चाहिए।
विज्ञापन
युवक को जतुआ-टप्पा सीएचसी पहुंचाया गया, लेकिन पैर में घाव अधिक होने के कारण उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां चिकित्सक की सलाह के बाद युवक को एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) के साथ ही सीरम इंजेक्शन भी लगाया गया। दिन भर में 33 से अधिक नए मरीजों को एआरवी लगवाने के लिए जिला अस्पताल लाया गया।
विज्ञापन
गांमंगलवार को डोमापुर निवासी अनूप कुमार (35) पर बंदर ने हमला बोल दिया। बंदर के काटने से युवक के पैर में बड़ा घाव बन गया। बंदर ने गांव के कई और लोगों पर भी हमला किया। युवक को सीएचसी के बाद जिला अस्पताल लाया गया। चिकित्सक डॉ. सौरभ शर्मा से चिकित्सीय सलाह लेने के बाद युवक के एआरवी के साथ सीरम इंजेक्शन लगाया गया। इसके अलावा कुत्तों और बंदरों के हमले के बाद 33 से अधिक नए मरीजों ने भी जिला अस्पताल पहुंचकर एआरवी लगवाई।
विज्ञापन
चिकित्सक डॉ. सौरभ शर्मा का कहना है कि कुत्ता, बंदर, बिल्ली के हमले के बाद मरीजों को समय से एआरवी लगवाना जरूरी होता है। कुत्ते या बंदर के काटने के बाद घर पर ही घाव को तुरंत साबुन और पानी से धोना चाहिए। इसके बाद बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क कर एआरवी की पूरी खुराक लेनी चाहिए। 72 घंटे में पहली डोज ले लेनी चाहिए।