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2023 तक 62 हजार आशियाने रोशन करने की तैयारी
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रायबरेली। आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में मंगलवार को पावर कॉर्पोरेशन और जिला प्रशासन की ओर से उज्ज्वल भारत और उज्ज्वल भविष्य के संकल्प के साथ बिजली महोत्सव मनाया गया।
इसमें बिजली आपूर्ति व्यवस्था में किए जा रहे सुधार के साथ ही इसे और बेहतर बनाने के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि मार्च 2023 तक जारी होने वाले नए कनेक्शनों से 62 हजार आशियाना रोशन होंगे।
बिजली महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने किया। इस अवसर पर डीएम माला श्रीवास्तव और एनटीपीसी के मुख्य महाप्रबंधक अभय कुमार समैयार भी मौजूद रहे।
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इस मौके पर राज्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार निरंतर बिजली के क्षेत्र में बेहतर काम कर रही है। इसी कारण उपभोक्ताओं को बिना किसी कटौती के बिजली सप्लाई मिल रही है।
बिजली सप्लाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए इसके समुचित उपयोग और समय पर बिजली बिलों का भुगतान किए जाने की जरूरत है।
जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव ने जिले में सौभाग्य योजना से कराए गए विद्युतीकरण समेत अन्य कार्यों की सराहना करते हुए बताया कि गांवों में जर्जर तार की जगह एबीसी केबल लगाने का काम किया जा रहा है।
एनटीपीसी के मुख्य महाप्रबंधक अभय कुमार समैयार ने कहा कि वर्ष 2014 में बिजली उत्पादन की जो क्षमता 2.48 लाख मेगावाट थी, वह अब बढ़कर 4 लाख मेगावाट तक हो गयी है। उत्पादन बेहतर होने से ही भारत अब अपने पड़ोसी देशों को बिजली का निर्यात भी करने लगा है।
अधीक्षण अभियंता विवेक अग्रवाल व वाईएन राम ने बताया कि उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सुविधा देने के लिए जिले में दो मंडल और सात विद्युत वितरण खंड बनाए गए। इसके साथ 54 विद्युत उपकेंद्रों से लोगों को बेहतर बिजली मिल रही है। उन्होंने बताया कि 2016 से 2021 के बीच कई विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण, 33 केवीए लाइनें, जर्जर लाइनों की जगह एबीसी केबल समेत अन्य विकास कार्यों को पूरी कुशलता के साथ कराया गया।
बेहतर प्रस्तुति देकर मन मोहा
बिजली महोत्सव कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने बेहतर प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। इस दौरान किसी ने डांस तो किसी ने समूह नृत्य करके मौजूद लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके अलावा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नुक्कड़ नाटक और बिजली के क्षेत्र से जुड़ी लघु फिल्मों की स्क्रीनिंग भी दिखाई गई। अंत में विभिन्न योजनाओं का लाभ पाने वाले उपभोक्ताओं को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
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इसमें बिजली आपूर्ति व्यवस्था में किए जा रहे सुधार के साथ ही इसे और बेहतर बनाने के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि मार्च 2023 तक जारी होने वाले नए कनेक्शनों से 62 हजार आशियाना रोशन होंगे।
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बिजली महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने किया। इस अवसर पर डीएम माला श्रीवास्तव और एनटीपीसी के मुख्य महाप्रबंधक अभय कुमार समैयार भी मौजूद रहे।
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इस मौके पर राज्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार निरंतर बिजली के क्षेत्र में बेहतर काम कर रही है। इसी कारण उपभोक्ताओं को बिना किसी कटौती के बिजली सप्लाई मिल रही है।
बिजली सप्लाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए इसके समुचित उपयोग और समय पर बिजली बिलों का भुगतान किए जाने की जरूरत है।
जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव ने जिले में सौभाग्य योजना से कराए गए विद्युतीकरण समेत अन्य कार्यों की सराहना करते हुए बताया कि गांवों में जर्जर तार की जगह एबीसी केबल लगाने का काम किया जा रहा है।
एनटीपीसी के मुख्य महाप्रबंधक अभय कुमार समैयार ने कहा कि वर्ष 2014 में बिजली उत्पादन की जो क्षमता 2.48 लाख मेगावाट थी, वह अब बढ़कर 4 लाख मेगावाट तक हो गयी है। उत्पादन बेहतर होने से ही भारत अब अपने पड़ोसी देशों को बिजली का निर्यात भी करने लगा है।
अधीक्षण अभियंता विवेक अग्रवाल व वाईएन राम ने बताया कि उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सुविधा देने के लिए जिले में दो मंडल और सात विद्युत वितरण खंड बनाए गए। इसके साथ 54 विद्युत उपकेंद्रों से लोगों को बेहतर बिजली मिल रही है। उन्होंने बताया कि 2016 से 2021 के बीच कई विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण, 33 केवीए लाइनें, जर्जर लाइनों की जगह एबीसी केबल समेत अन्य विकास कार्यों को पूरी कुशलता के साथ कराया गया।
बेहतर प्रस्तुति देकर मन मोहा
बिजली महोत्सव कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने बेहतर प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। इस दौरान किसी ने डांस तो किसी ने समूह नृत्य करके मौजूद लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके अलावा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नुक्कड़ नाटक और बिजली के क्षेत्र से जुड़ी लघु फिल्मों की स्क्रीनिंग भी दिखाई गई। अंत में विभिन्न योजनाओं का लाभ पाने वाले उपभोक्ताओं को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।