{"_id":"5d925a998ebc3e0148603f21","slug":"mattan-drain-burial-water-entered-in-30-villages-raibaraily-news-lko484479716","type":"story","status":"publish","title_hn":"मट्टन नाला उफनाया, 30 गांवों में घुसा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मट्टन नाला उफनाया, 30 गांवों में घुसा पानी
विज्ञापन
रायबरेली। अमेठी जिले के बहादुरपुर विकास खंड क्षेत्र में लगातार हुई बारिश की वजह से मट्टन नाला उफना गया है। इससे आसपास के करीब 30 गांवों में पानी घुस गया है। आवागमन की समस्या पैदा हो गई है।
कई गांवों में तो घरों के भीतर भी पानी घुसने से जनजीवन प्रभावित है। डेढ़ हजार बीघा धान की फसल डूब गई है। सरकारी स्कूल पानी से लबालब है।
गनीमत है कि अमेठी जिलाधिकारी ने 2 अक्तूबर तक छुट्टी घोषित कर रखी है, वरना बच्चों का स्कूलों तक पहुंचना मुमकिन नहीं था। रायबरेली जिले से निकला हुआ मट्टन नाला अमेठी जिले के तिलोई ब्लॉक क्षेत्र के लालगंज बारकोट, सबितापुर से होता हुआ बहादुरपुर विकास क्षेत्र में आता है।
यह नाला नाला उफना गया। बहादुरपुर विकास क्षेत्र में जिधर से होकर गुजरा है, उसके इर्द-गिर्द बसे गांवों में व खेतों में पानी घुस गया है। कई गांवों में घरों के भीतर तक पहुंच गया है। परिषदीय विद्यालयों में भी पानी लबालब है।
विज्ञापन
आवागमन प्रभावित हो गया है। विकास क्षेत्र के गांव सैमसी, दौलतपुर, सिघरिया, आस्था नगर, मोहना, पूरे रूहशाह, सराय महेशा, पूरे तहौर, पूरे कालका, उदवत का पुरवा, वादेराय, पूरे कोलई, खरौली, आलमपुर, पूरे चौहान, पूरे लगड़ी, मवई आलमपुर समेत कई गांव के लोग जलभराव से परेशान हैं।
इन गांवों में घरों के भीतर तक पानी घुस जाने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरवंशगंज में स्कूल परिसर ही नहीं, यहां पहुंचने वाले रास्ते भी पानी से लबालब है।
सुरक्षित स्थान होने की वजह से कई परिवारों ने यहां डेरा डाल रखा है और तालाब बन चुके स्कूल परिसर में ही कपड़े भी धुलते हैं। इसी तरह विकास क्षेत्र के 25 परिषदीय विद्यालय तालाब बन चुके हैं।
चारो तरफ पानी भरा है। आने जाने का रास्ता भी जलभराव से अछूता नहीं है। गांव पूरे गंगाराम, जवाहरगंज, बरखुर्दारपुर, कोलवा, कआसरापुर समेत कई गाँवों के किसानों की लगभग डेढ़ हजार बीघा धान की फसल पानी में डूबी हुई है।
जिससे फसल नष्ट होने का अंदेशा बढ़ता जा रहा है। उपजिलाधिकारी तिलोई सुनील कुमार त्रिवेदी ने बताया कि तिलोई तहसील की पूरी टीम को आपदा से पीड़ित लोगों की मदद के लिए लगा दिया है।
जिन लोगों के घरों में पानी घुस गया है, उनको सरकारी स्कूलों व पंचायत घरों में सुरक्षित पहुंचाया जा रहा है। जिन पीड़ितों के मकान ढह गए हैं, उनकी तत्काल रिपोर्ट मांगी गई है, ताकि उन्हें आर्थिक सहायता दिलवाई जा सके।
विज्ञापन
कई गांवों में तो घरों के भीतर भी पानी घुसने से जनजीवन प्रभावित है। डेढ़ हजार बीघा धान की फसल डूब गई है। सरकारी स्कूल पानी से लबालब है।
गनीमत है कि अमेठी जिलाधिकारी ने 2 अक्तूबर तक छुट्टी घोषित कर रखी है, वरना बच्चों का स्कूलों तक पहुंचना मुमकिन नहीं था। रायबरेली जिले से निकला हुआ मट्टन नाला अमेठी जिले के तिलोई ब्लॉक क्षेत्र के लालगंज बारकोट, सबितापुर से होता हुआ बहादुरपुर विकास क्षेत्र में आता है।
विज्ञापन
यह नाला नाला उफना गया। बहादुरपुर विकास क्षेत्र में जिधर से होकर गुजरा है, उसके इर्द-गिर्द बसे गांवों में व खेतों में पानी घुस गया है। कई गांवों में घरों के भीतर तक पहुंच गया है। परिषदीय विद्यालयों में भी पानी लबालब है।
विज्ञापन
आवागमन प्रभावित हो गया है। विकास क्षेत्र के गांव सैमसी, दौलतपुर, सिघरिया, आस्था नगर, मोहना, पूरे रूहशाह, सराय महेशा, पूरे तहौर, पूरे कालका, उदवत का पुरवा, वादेराय, पूरे कोलई, खरौली, आलमपुर, पूरे चौहान, पूरे लगड़ी, मवई आलमपुर समेत कई गांव के लोग जलभराव से परेशान हैं।
इन गांवों में घरों के भीतर तक पानी घुस जाने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरवंशगंज में स्कूल परिसर ही नहीं, यहां पहुंचने वाले रास्ते भी पानी से लबालब है।
सुरक्षित स्थान होने की वजह से कई परिवारों ने यहां डेरा डाल रखा है और तालाब बन चुके स्कूल परिसर में ही कपड़े भी धुलते हैं। इसी तरह विकास क्षेत्र के 25 परिषदीय विद्यालय तालाब बन चुके हैं।
चारो तरफ पानी भरा है। आने जाने का रास्ता भी जलभराव से अछूता नहीं है। गांव पूरे गंगाराम, जवाहरगंज, बरखुर्दारपुर, कोलवा, कआसरापुर समेत कई गाँवों के किसानों की लगभग डेढ़ हजार बीघा धान की फसल पानी में डूबी हुई है।
जिससे फसल नष्ट होने का अंदेशा बढ़ता जा रहा है। उपजिलाधिकारी तिलोई सुनील कुमार त्रिवेदी ने बताया कि तिलोई तहसील की पूरी टीम को आपदा से पीड़ित लोगों की मदद के लिए लगा दिया है।
जिन लोगों के घरों में पानी घुस गया है, उनको सरकारी स्कूलों व पंचायत घरों में सुरक्षित पहुंचाया जा रहा है। जिन पीड़ितों के मकान ढह गए हैं, उनकी तत्काल रिपोर्ट मांगी गई है, ताकि उन्हें आर्थिक सहायता दिलवाई जा सके।