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Raebareli News: मकर संक्रांति पर गंगा में लगाई आस्था की डुबकी
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ऊंचाहार क्षेत्र के गोकना घाट पर मकर संक्रांति पर गंगा स्नान करते श्रद्धालु।
- फोटो : RAIBARAILY
डलमऊ/ऊंचाहार/सरेनी (रायबरेली)। डलमऊ, ऊंचाहार, सरेनी क्षेत्र स्थित गंगा घाटों पर रविवार को मकर संक्रांति पर स्नानार्थियों की भीड़ उमड़ी। सभी ने गंगा मइया के जयकारों के साथ आस्था की डुबकी लगाई। गंगा तट स्थित शिवालयों और मंदिरों में पूजा-अर्चना की और दान दिया।
डलमऊ के विभिन्न गंगा घाटों जैसे सड़क घाट, किलाघाट, रानी शिवाला घाट, वीआईपी घाट, पक्का घाट, संकट मोचन घाट, पथवारी घाट पर भोर से ही श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगने लगा और स्नान का क्रम शुरू हो गया। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने तीर्थ पुरोहितों को खिचड़ी, गुड़, तिल आदि दान किया।
मंदिरों और शिवालयों में पूजा-अर्चना की। पं. शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि मकर संक्रांति को सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रवेश करता है। गंगा स्नान के बाद खिचड़ी, घी, गुड़ आदि दान करने का विशेष महत्व है।
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ऊंचाहार क्षेत्र के गोकना, बादशाहपुर, पूरे तीर मजरे खरौली, कोटरा बहादुरगंज, कल्यानी, गोला आदि घाटों पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। मां गंगे की पूजा और आरती की। मंदिरों में जलाभिषेक किया। तीर्थ पुरोहितों को खिचड़ी का दान किया।
सर्द हवा के बीच मकर संक्रांति पर श्रद्धालु गंगा घाटों पहुंचे और डुबकी लगाई। अपने परिवार की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। मां गंगा जनकल्याण सेवा समिति के सचिव जितेंद्र द्विवेदी ने बताया कि भोर से ही घाट पर श्रद्धालु जुटने लगे। एसडीएम आशीष मिश्रा, तहसीलदार अजय गुप्ता भी मौजूद रहे।
सरेनी क्षेत्र के गेंगासो, रालपुर, कलइया खेड़ा स्थित गंगा घाटों पर स्नानार्थियों ने आस्था की डुबकी लगाई। मां संकठा देवी मंदिर में पूजा अर्चना की। श्रद्धालुओं ने घाटों पर तिल, लड्डू दान किया। सुबह स्नानार्थी कम रहे, लेकिन धूप खिलते ही स्नानार्थियों की काफी भीड़ जुटने लगी। कोतवाल हरिकेश सिंह ने बताया कि मकर संक्रांति के स्नान पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रही।
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डलमऊ के विभिन्न गंगा घाटों जैसे सड़क घाट, किलाघाट, रानी शिवाला घाट, वीआईपी घाट, पक्का घाट, संकट मोचन घाट, पथवारी घाट पर भोर से ही श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगने लगा और स्नान का क्रम शुरू हो गया। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने तीर्थ पुरोहितों को खिचड़ी, गुड़, तिल आदि दान किया।
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मंदिरों और शिवालयों में पूजा-अर्चना की। पं. शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि मकर संक्रांति को सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रवेश करता है। गंगा स्नान के बाद खिचड़ी, घी, गुड़ आदि दान करने का विशेष महत्व है।
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ऊंचाहार क्षेत्र के गोकना, बादशाहपुर, पूरे तीर मजरे खरौली, कोटरा बहादुरगंज, कल्यानी, गोला आदि घाटों पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। मां गंगे की पूजा और आरती की। मंदिरों में जलाभिषेक किया। तीर्थ पुरोहितों को खिचड़ी का दान किया।
सर्द हवा के बीच मकर संक्रांति पर श्रद्धालु गंगा घाटों पहुंचे और डुबकी लगाई। अपने परिवार की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। मां गंगा जनकल्याण सेवा समिति के सचिव जितेंद्र द्विवेदी ने बताया कि भोर से ही घाट पर श्रद्धालु जुटने लगे। एसडीएम आशीष मिश्रा, तहसीलदार अजय गुप्ता भी मौजूद रहे।
सरेनी क्षेत्र के गेंगासो, रालपुर, कलइया खेड़ा स्थित गंगा घाटों पर स्नानार्थियों ने आस्था की डुबकी लगाई। मां संकठा देवी मंदिर में पूजा अर्चना की। श्रद्धालुओं ने घाटों पर तिल, लड्डू दान किया। सुबह स्नानार्थी कम रहे, लेकिन धूप खिलते ही स्नानार्थियों की काफी भीड़ जुटने लगी। कोतवाल हरिकेश सिंह ने बताया कि मकर संक्रांति के स्नान पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रही।