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महराजगंज ड्रेन उफनाई, 150 गांव पानी से घिरे

Mon, 30 Sep 2019 12:15 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 30 Sep 2019 12:15 AM IST
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Maharajganj drain burial, 150 villages surrounded by water
रायबरेली। महराजगंज तहसील क्षेत्र से निकली महराजगंज ड्रेन के उफनाने से करीब 150 गांव पानी से घिर गए हैं। दो हजार बीघा धान की फसल डूब गई है। ग्राम वासियों का कहना है कि स्थिति यही रही तो आवागमन बाधित हो जाएगा। हालांकि इसको लेकर तहसील प्रशासन चौकन्ना है।
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लखनऊ जिले की मोहनलालगंज तहसील के हुलास खेड़ा से हुलास झील से नइया नाला निकला है। इस नइया नाला केे जिले में प्रवेश करने पर इसे महराजगंज ड्रेन कहा जाता है। तहसील क्षेत्र के शिवगढ़ ब्लॉक से होते हुए बछरांवा, महराजगंज और सदर तहसील क्षेत्र के अमांवा ब्लॉक क्षेत्र के 150 गांवों से होकर गुजरती है। यह ड्रेन सई नदी में जाकर गिरती है।
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बरसात की वजह से महराजगंज ड्रेन उफना गई है। इससे महराजगंज ब्लॉक के कुशिहा, कुसुड़ी सागरपुर, बसकटा, हसनपुर, जियापुर, भुजिहा, लालगंज, मोन, कैर, मैरा, कैलाशपुर, दरियावगंज, मदनिया, छिटनी का पुरवा होते हुए गरीब का पुरवा, अञेहटा, सधई का पुरवा, पहरांवा, देवरी, ओया समेत अन्य ब्लॉकों के करीब 150 गांव पानी से घिर गए हैं।
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इन गांवों के किसानों की दो हजार बीघा धान की फसल डूब गई है। पानी लगातार बढ़ रहा है। इससे गांवों के अंदर पानी घुस सकता है। ड्रेन के किनारे बसों गांवों के लोगों में दहशत व्याप्त है। बच्चे तो घर से नहीं निकल रहे हैं। सिंहपुर ब्लॉक क्षेत्र के इन्हौना-रायबरेली मार्ग पर स्थित नइया नाला के उफनाने से 10 गांवों का आवागमन बाधित हो गया।
इससे पूरे गंगई, झलिहा, मैनझार, कुटी, लोकई का पुरवा, लंगोटीपुर, कनपुरियन का पुरवा, रतवलिया, परसौना, पूरे संत, पूरे चित्ता गांव के लोगों को आवागमन में दुश्वारी हो रही है। मदनियां गांव के रहने वाले जगमोहन पासी कहते हैं कि दो दिन से महराजगंज ड्रेन में जलस्तर काफी बढ़ गया है। पानी गांव को जाने वाली डामर रोड पर पहुंच गया है।
लालगंज मजरे मोन के रहने वाले कृष्ण चौहान का कहना है कि ड्रेन का पानी कई वर्षों बाद लालगंज गांव के पास पहुंच गया है और निचले इलाकों में पुरानिही झील लबालब हो गई है। धान की फसल पानी से डूब गई है। जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण पुरासी के सुखलिया गांव के टापू बन जाने की आशंका पैदा हो गई है।
इसी तरह और कुबना, कैर, सधई का पुरवा के पुलों के पास भी जलस्तर की भयावह स्थिति देखी जा सकती है। अधिकतर किसानों का मानना है कि अगर यही हालत रही तो निचले इलाकों में लगा पूरा का पूरा धान जलमग्न होकर बर्बाद हो जाएगा। गांवों के लोगों ने तहसील प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।

एसडीएम, महराजगंज विनय कुमार सिंह ने बताया कि महराजगंज ड्रेन के उफनाने की जानकारी मिली है। इसे गंभीरता से लेते हुए राजस्व की टीम गांवों की निगरानी के लिए लगा दी गई है। निर्देश जारी किए गए हैं कि गांवों के लोगों को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होने पाए। जरूरत पड़ने पर नाव भी लगवा दी जाएगी। स्वयं इन गांवों पर नजर रख रहा हूं।
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