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शराब पार्टी ने दिया कभी न भूलने वाला दिया जख्म
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रायबरेली में बुधवार को महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के पहाड़पुर गांव में शराब पीने मृतक मिश्रीलाल क
- फोटो : RAIBARAILY
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महराजगंज (रायबरेली)। शराब पार्टी से न सिर्फ परिवारों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है, बल्कि उन्हें कभी न भूलने वाला जख्म मिल गया है। बेटी के निकासन कार्यक्रम की खुशियां गम में इस तरह तब्दील हो जाएंगी, यह शायद किसी ने सोचा नहीं था। एक के बाद एक मौतों से गांवों में जहां सन्नाटा पसरा है, वहीं परिवारीजनों में चीख पुकार मची है। नाते-रिश्तेदारों के घर पहुंचते ही रोने की आवाजों से हर आंखें गमगीन हो जाती हैं। नए साल के पहले माह में ही जिस तरह से यह घटना हुुई, उसने लोगों को झकझोर करके रख दिया है। लोगों में गम के साथ ही गुस्सा भी है।
पहाड़पुर गांव की रहने वाली 55 वर्षीय सुखरानी की पोती खुशी के निकासन कार्यक्रम को लेकर मंगलवार की सुबह से ही तैयारियां चल रही थीं। नाते-रिश्तेदारों का घर आना जाना लगा था। शाम होते-होते ही खुशियां अपने शबाब पर थीं। इसी दौरान पास के ठेके से लाकर लोगों ने शराब पी। सुखरानी भी इससे अछूती नहीं रही और उसने भी शराब पी। देर रात होते ही एक-एक करके लोगों की हालत बिगड़ने लगी। कुछ देर में ही मौतों का सिलसिला शुरू हो गया। पहाड़पुर के अलावा डेढ़उवा, छत्ता का पुरवा आदि गांवों के लोगों की शराब पीने से मौत हो गई। पोती के जन्म की खुशी से चहक रही सुखरानी ने भी दम तोड़ दिया। कइयों की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल और वहां से लखनऊ उन्हें भेज दिया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
एक साथ कई लोगों की मौत से शराब पार्टी और पोती के जन्म के निकासन कार्यक्रम की खुशी गम में तब्दील हो गई। अचानक हुई घटना से कार्यक्रम रुक गया। लोगों में हड़कंप मच गया। हर किसी को पार्टी में शामिल होने वाले अपने लोगों की चिंता होने लगी। घटना के बाद से गांवों में चीख पुकार मची है। लोगों के आंसू नहीं थम रहे हैं और उनके मन में सवाल चल रहा है कि यह सब कैसे हो गया। मृतकों के परिवारीजनों के अलावा हर कोई इस घटना से गमगीन है। शराब पार्टी के अलावा जिन दो लोगों की मौतें हुई हैं, वह भट्ठा श्रमिक थे। वह बाहर से यहां भट्ठे में मजदूरी करके पैसा कमाने की खातिर आए थे। बताते हैं कि भट्ठा श्रमिक पार्टी में शामिल नहीं हुए थे। इन लोगों ने स्वयं ठेके पर जाकर शराब खरीदी थी और पी ली थी। फिलहाल इन मौतों के बाद से गांवों का माहौल गमगीन है। अपनों को खो चुके लोगों के आंसू नहीं थम रहे हैं।
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पहाड़पुर गांव की रहने वाली 55 वर्षीय सुखरानी की पोती खुशी के निकासन कार्यक्रम को लेकर मंगलवार की सुबह से ही तैयारियां चल रही थीं। नाते-रिश्तेदारों का घर आना जाना लगा था। शाम होते-होते ही खुशियां अपने शबाब पर थीं। इसी दौरान पास के ठेके से लाकर लोगों ने शराब पी। सुखरानी भी इससे अछूती नहीं रही और उसने भी शराब पी। देर रात होते ही एक-एक करके लोगों की हालत बिगड़ने लगी। कुछ देर में ही मौतों का सिलसिला शुरू हो गया। पहाड़पुर के अलावा डेढ़उवा, छत्ता का पुरवा आदि गांवों के लोगों की शराब पीने से मौत हो गई। पोती के जन्म की खुशी से चहक रही सुखरानी ने भी दम तोड़ दिया। कइयों की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल और वहां से लखनऊ उन्हें भेज दिया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
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एक साथ कई लोगों की मौत से शराब पार्टी और पोती के जन्म के निकासन कार्यक्रम की खुशी गम में तब्दील हो गई। अचानक हुई घटना से कार्यक्रम रुक गया। लोगों में हड़कंप मच गया। हर किसी को पार्टी में शामिल होने वाले अपने लोगों की चिंता होने लगी। घटना के बाद से गांवों में चीख पुकार मची है। लोगों के आंसू नहीं थम रहे हैं और उनके मन में सवाल चल रहा है कि यह सब कैसे हो गया। मृतकों के परिवारीजनों के अलावा हर कोई इस घटना से गमगीन है। शराब पार्टी के अलावा जिन दो लोगों की मौतें हुई हैं, वह भट्ठा श्रमिक थे। वह बाहर से यहां भट्ठे में मजदूरी करके पैसा कमाने की खातिर आए थे। बताते हैं कि भट्ठा श्रमिक पार्टी में शामिल नहीं हुए थे। इन लोगों ने स्वयं ठेके पर जाकर शराब खरीदी थी और पी ली थी। फिलहाल इन मौतों के बाद से गांवों का माहौल गमगीन है। अपनों को खो चुके लोगों के आंसू नहीं थम रहे हैं।
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