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हत्या के एक आरोपी को आजीवन कारावास
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हत्या के एक आरोपी को आजीवन कारावास
साक्ष्य के अभाव में दो आरोपी बरी
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। कोतवाली नगर क्षेत्र से जुड़े हत्या के एक मामले में कोर्ट ने एक अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दो आरोपियों को बरी कर दिया। यह फैसला बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित कोर्ट संख्या नौ के अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार तिवारी ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) उमानाथ सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट शहर के नाला किनारे, खालिसहाट की रहने वाली कम्मो ने कोतवाली नगर में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 14 सितंबर 2014 की रात करीब साढ़े आठ बजे वादिनी का पति रईस मस्जिद से नमाज पढ़कर निकला था। तभी मोहल्ले के ही राजू ने उसे चाकू मार दिया। गंभीर हालत में लोगों ने रईस को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई। एक दिन पहले राजू के भाई पप्पू व पप्पू की पत्नी ने धमकी दी थी।
पुलिस ने विवेचना के बाद राजू, पप्पू व रशीदा बानो के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर राजू उर्फ अयूब को हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद व अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में आरोपी पप्पू व रशीदा बानो को बरी कर दिया। कोर्ट ने अर्थदंड जमा होने पर आधी राशि वादिनी को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का भी निर्देश दिया है।
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साक्ष्य के अभाव में दो आरोपी बरी
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। कोतवाली नगर क्षेत्र से जुड़े हत्या के एक मामले में कोर्ट ने एक अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दो आरोपियों को बरी कर दिया। यह फैसला बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित कोर्ट संख्या नौ के अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार तिवारी ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) उमानाथ सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट शहर के नाला किनारे, खालिसहाट की रहने वाली कम्मो ने कोतवाली नगर में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 14 सितंबर 2014 की रात करीब साढ़े आठ बजे वादिनी का पति रईस मस्जिद से नमाज पढ़कर निकला था। तभी मोहल्ले के ही राजू ने उसे चाकू मार दिया। गंभीर हालत में लोगों ने रईस को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई। एक दिन पहले राजू के भाई पप्पू व पप्पू की पत्नी ने धमकी दी थी।
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पुलिस ने विवेचना के बाद राजू, पप्पू व रशीदा बानो के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर राजू उर्फ अयूब को हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद व अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में आरोपी पप्पू व रशीदा बानो को बरी कर दिया। कोर्ट ने अर्थदंड जमा होने पर आधी राशि वादिनी को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का भी निर्देश दिया है।
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