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दीवार ढहने से मलबे में दबकर श्रमिक की मौत
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ऊंचाहार (रायबरेली)। थाना क्षेत्र में शनिवार को दीवार ढहने से मलबे में दबकर एक श्रमिक की मौत हो गई। खास बात ये है कि घटना के बाद भवन मालिक ने श्रमिक के शव को मलबे से बाहर निकालकर उसके घर के पास चारपाई पर फेंक आया। इससे पीड़ित पक्ष में नाराजगी है। पीड़ित परिवार ने भवन मालिक के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है। पुलिस ने घटना की जांच की है।
ऊंचाहार थाना क्षेत्र के नेवादा मजरे सावापुर नेवादा गांव निवासी आशाराम (50) कस्बा ऊंचाहार में एक भवन निर्माण का कार्य कर रहा था। अचानक निर्माणाधीन भवन की बन रही दीवार आशाराम के ऊपर ढह गई, जिसमें दबकर उनकी मौत हो गई। श्रमिक की मौत की घटना से हड़कंप मच गया। काम करने वाले अन्य श्रमिक बाल-बाल बच गए। ग्रामीणों के अनुसार घटना के बाद भवन स्वामी ने मजदूर का शव अपनी निजी गाड़ी पर लादा और उस गाड़ी को लेकर नगर से करीब छह किलोमीटर दूर उसके गांव पहुंचा।
उस समय मृतक के घर पर उसके परिवारीजन भी नहीं थे। भवन स्वामी ने मजदूर के शव को उसके घर के सामने पड़ी चारपाई पर फेंक दिया और भाग गया। जब ग्रामीणों ने शव को देखा तो गांव में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों और परिवारीजनों ने ग्राम प्रधान जगदीश यादव को फोन पर सूचना दी।
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मृतक की पत्नी उर्मिला का कहना है कि लापरवाही के चलते उसके पति की मौत हुई है। भवन मालिक खुर्शीद सलमानी का कहना है कि घटना के बाद मजदूर को इलाज के बाद उसके घर ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में उसकी मौत हुई। शव को चारपाई पर नहीं फेंका। थानेदार धर्मेद्र दुबे का कहना है कि कार्रवाई की जाएगी।
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ऊंचाहार थाना क्षेत्र के नेवादा मजरे सावापुर नेवादा गांव निवासी आशाराम (50) कस्बा ऊंचाहार में एक भवन निर्माण का कार्य कर रहा था। अचानक निर्माणाधीन भवन की बन रही दीवार आशाराम के ऊपर ढह गई, जिसमें दबकर उनकी मौत हो गई। श्रमिक की मौत की घटना से हड़कंप मच गया। काम करने वाले अन्य श्रमिक बाल-बाल बच गए। ग्रामीणों के अनुसार घटना के बाद भवन स्वामी ने मजदूर का शव अपनी निजी गाड़ी पर लादा और उस गाड़ी को लेकर नगर से करीब छह किलोमीटर दूर उसके गांव पहुंचा।
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उस समय मृतक के घर पर उसके परिवारीजन भी नहीं थे। भवन स्वामी ने मजदूर के शव को उसके घर के सामने पड़ी चारपाई पर फेंक दिया और भाग गया। जब ग्रामीणों ने शव को देखा तो गांव में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों और परिवारीजनों ने ग्राम प्रधान जगदीश यादव को फोन पर सूचना दी।
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मृतक की पत्नी उर्मिला का कहना है कि लापरवाही के चलते उसके पति की मौत हुई है। भवन मालिक खुर्शीद सलमानी का कहना है कि घटना के बाद मजदूर को इलाज के बाद उसके घर ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में उसकी मौत हुई। शव को चारपाई पर नहीं फेंका। थानेदार धर्मेद्र दुबे का कहना है कि कार्रवाई की जाएगी।