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रायबरेली: 50 स्कूलों में विकसित होंगे किचन गार्डन, उगाएंगे मौसमी सब्जियां
Thu, 09 Feb 2023 12:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Thu, 09 Feb 2023 12:36 AM IST
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रायबरेली। मध्याह्न भोजन योजना के तहत जिले में चिह्नित 50 परिषदीय विद्यालयों में ढाई लाख रुपये से किचन गार्डन विकसित किए जाएंगे। प्रत्येक विद्यालय को पांच हजार रुपये दिए गए हैं। किचन गार्डन में उगाई गईं सब्जियों का प्रयोग मध्याह्न भोजन में किया जाएगा, ताकि बच्चों को मिलने वाले भोजन को और अधिक पौष्टिक बनाया जा सके। किचन गार्डन विकसित करने का मकसद बच्चों को मौसमी सब्जियों की उपयोगिता व उनमें पाए जाने वाले पोषण तत्वों के बारे में जानकारी देना है।
अमावां, बछरावां, छतोह, डीह, दीनशाह गौरा, हरचंदपुर, जगतपुर, खीरों, लालगंज, महराजगंज, रोहनिया, सलोन, सरेनी, सतांव, शिवगढ़, ऊंचाहार विकास क्षेत्र में तीन-तीन और राही विकास क्षेत्र में दो विद्यालयों को पांच-पांच हजार रुपये किचन गार्डन के लिए भेजे गए हैं। बीएसए ने संबंधित बीईओ को किचन गार्डन विकसित करने के संबंध में निर्देश दिए हैं। चयनित विद्यालयों में 15 दिनों के भीतर किचन गार्डन विकसित कर रिपोर्ट मांगी है। जिलाधिकारी ने प्रत्येक विद्यालय में किचन गार्डन विकसित करने से पहले और बाद के फोटोग्राफ सुरक्षित रखने, आय-व्यय का ब्योरा रखे जाने को कहा है।
बीईओ को बनाया नोडल अफसर
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि किचन गार्डन विकसित कराने व रखरखाव के लिए विकास खंड स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी नोडल अफसर होंगे, जो ग्राम्य विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, उद्यान विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से समन्वय स्थापित कर योजना का क्रियान्वयन कराएंगे। विद्यालय के छात्र समूह, रसोइये आदि पौधों को नियमित रूप से पानी देंगे। पौधों की सुरक्षा के लिए विद्यालय परिसर की बाउंड्रीवाॅल, गेट की व्यवस्था ऑपरेशन कायाकल्प के तहत कराई जाएगी।
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तीनों सीजन की सब्जियों के नाम
जिला समन्वयक (एमडीएम) विनय कुमार तिवारी ने बताया कि प्रदेश की जलवायु के अनुसार तीन सीजन में सब्जियां उगाईं जाती हैं। सीजन को देखते हुए सब्जियों को किचन गार्डन में उगाया जाएगा। जायद फसल में भिंडी, पालक, लोबिया, लौकी, करेला, खीरा, कद्दू, चुकंदर, गाजर व मूली, खरीफ फसल में चौलाई, भिंडी, बैगन, लोबिया, करेला, तुरई, अरबी, सेम, प्याज, रबी फसल में टमाटर, मटर, मिर्च, पत्ता गोभी, फूल गोभी, पालक, धनिया, बथुवा, शिमला मिर्च, प्याज, शलजम, गाजर, मूली शामिल है।
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अमावां, बछरावां, छतोह, डीह, दीनशाह गौरा, हरचंदपुर, जगतपुर, खीरों, लालगंज, महराजगंज, रोहनिया, सलोन, सरेनी, सतांव, शिवगढ़, ऊंचाहार विकास क्षेत्र में तीन-तीन और राही विकास क्षेत्र में दो विद्यालयों को पांच-पांच हजार रुपये किचन गार्डन के लिए भेजे गए हैं। बीएसए ने संबंधित बीईओ को किचन गार्डन विकसित करने के संबंध में निर्देश दिए हैं। चयनित विद्यालयों में 15 दिनों के भीतर किचन गार्डन विकसित कर रिपोर्ट मांगी है। जिलाधिकारी ने प्रत्येक विद्यालय में किचन गार्डन विकसित करने से पहले और बाद के फोटोग्राफ सुरक्षित रखने, आय-व्यय का ब्योरा रखे जाने को कहा है।
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बीईओ को बनाया नोडल अफसर
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि किचन गार्डन विकसित कराने व रखरखाव के लिए विकास खंड स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी नोडल अफसर होंगे, जो ग्राम्य विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, उद्यान विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से समन्वय स्थापित कर योजना का क्रियान्वयन कराएंगे। विद्यालय के छात्र समूह, रसोइये आदि पौधों को नियमित रूप से पानी देंगे। पौधों की सुरक्षा के लिए विद्यालय परिसर की बाउंड्रीवाॅल, गेट की व्यवस्था ऑपरेशन कायाकल्प के तहत कराई जाएगी।
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तीनों सीजन की सब्जियों के नाम
जिला समन्वयक (एमडीएम) विनय कुमार तिवारी ने बताया कि प्रदेश की जलवायु के अनुसार तीन सीजन में सब्जियां उगाईं जाती हैं। सीजन को देखते हुए सब्जियों को किचन गार्डन में उगाया जाएगा। जायद फसल में भिंडी, पालक, लोबिया, लौकी, करेला, खीरा, कद्दू, चुकंदर, गाजर व मूली, खरीफ फसल में चौलाई, भिंडी, बैगन, लोबिया, करेला, तुरई, अरबी, सेम, प्याज, रबी फसल में टमाटर, मटर, मिर्च, पत्ता गोभी, फूल गोभी, पालक, धनिया, बथुवा, शिमला मिर्च, प्याज, शलजम, गाजर, मूली शामिल है।