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जेल रोड ओवरब्रिज पर 20 दिन के लिए यातायात पर ब्रेक
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रायबरेली। उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के निर्देश पर शहर के मामा चौराहा रेल क्रॉसिंग पर 35 करोड़ की लागत से बने ओवरब्रिज की मरम्मत के आदेश सोमवार को दिए गए। यह ब्रिज दो साल में ही बदहाल हो गया।
डीएम वैभव श्रीवास्तव ने सोमवार को ब्रिज का निरीक्षण करके सेतु निगम के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल ओवरब्रिज को दुरुस्त कराने के आदेश दिए। डीएम के आदेश पर 22 दिसंबर से ओवरब्रिज के मरम्मत का काम शुरू होगा।
इसके लिए 20 दिन के लिए यातायात पर रोक लगा दी गई है। रूट डायवर्जन कर दिया गया है। इससे कानपुर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ व अमेठी आदि जिलों से आने वाले यातायात को अब शहर के बीच से गुजरा जाएगा।
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इस ब्रिज का निर्माण शहर को जाम से छुटकारा दिलाने के लिए कराया गया था। जो मकसद में कामयाब होने से पहले ही ध्वस्त हो गया। दिसंबर 2018 में ही इस ओवरब्रिज का शुभारंभ हुआ था, लेकिन कुछ ही दिनों में एक्सपेंशन ज्वॉइंट की सरिया और लोहे की प्लेटें टूट गईं।
निर्माण के समय मानकों को ताक पर रखा गया। यही वजह है कि बीच में अधिक मोड़ दे दिए जाने के कारण एक साथ भारी वाहन नहीं निकल पाते हैं। इसकी वजह से एक साथ भारी वाहनों के निकलने पर रोक है। एक्सपेंशन ज्वॉइंट खराब होने के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
पिछले सप्ताह उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के सामने ओवरब्रिज का मामला उठा था। उन्होंने डीएम को ओवरब्रिज को ठीक करवाने के आदेश दिए थे। डिप्टी सीएम के आदेश पर सोमवार को डीएम के साथ एडीएम (प्रशासन) राम अभिलाष व अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ओवरब्रिज की जांच की।
जगह-जगह दरार पड़ने व ज्वॉइंट टूटने व खुले होने पर सेतु निगम के अधिकारियों को फटकारा और उन्हें ठीक करवाने के आदेश दिए। 22 दिसंबर से ओवरब्रिज के मरम्मत का काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए जेल रोड से निकलने वाले यातायात को डायवर्ट कर दिया गया है।
एडीएम (प्रशासन) राम अभिलाष ने बताया कि शहर के कैनाल रोड, डिग्री कॉलेज चौराहा होते हुए सिविल लाइंस (लखनऊ-प्रयागराज हाइवे) पर जाने वाले वाहनों को रोकने के लिए जेल रोड पर मामा चौराहे पर ओवरब्रिज बनवाया गया। इस ब्रिज से कानपुर, सुल्तानपुर, उन्नाव आदि जिलों की ओर से आने वाले बड़े वाहनों को शहर के बाहर से निकाला जाता था, ताकि शहर को जाम से राहत मिले।
ब्रिज बदहाल होने से रूट डायवर्जन करके वाहनों को जेल रोड के ब्रिज से निकालने के बजाय कैनाल रोड से होकर ओवरब्रिज पार करके सिविल लाइंस पर निकाला जाएगा। 20 दिन तक वाहन व आने जाने वाले लोग कैनाल रोड मार्ग से निकलेंगे।
प्रतापगढ़ से कानपुर की ओर जाने वाले बड़े वाहनों को मुंशीगंज से डलमऊ के रास्ते भेजा जाएगा। जाम की समस्या से निपटने के लिए बंदोबस्त किए गए हैं। ओवरब्रिज निर्माण के बाद सेतु निगम इसे हैंडओवर करने के लिए लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई और नगर पालिका को पत्राचार कर चुका हैं।
लेकिन कोई विभाग इसे हैंडओवर नहीं कर रहा है। इससे साफ जाहिर है कि ब्रिज के निर्माण में मानकों को ताक पर रखकर बनवाया गया है। कोई भी विभाग इस ब्रिज को लेकर संतुष्ट नहीं है।
शहर को जाम से छुटकारा दिलाने के लिए करोड़ों की लागत से बनवाया गया ओवरब्रिज दो साल में ही बदहाल हो गया। इस मामले को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से उठाते हुए माई सिटी में 30 अक्तूबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया।
इसके बाद जिले से होकर गुजरे उपमुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के सामने मामले को प्रमुखता से उठाया। इसको भी 14 दिसंबर के अंक में प्रकाशित किया। ‘अमर उजाला’ का प्रयास रंग लाया। डिप्टी सीएम के आदेश पर ब्रिज का मरम्मत का कार्य शुरू होने जा रहा है।
ब्रिज कॉर्पोरेशन के अवर अभियंता विजय त्रिपाठी का कहना है कि मामा चौराहा स्थित ओवरब्रिज के एक्सपेंशन ज्वॉइंट की सरिया और टूटी प्लेटें को दुरुस्त करने के लिए 22 दिसंबर से काम शुरू कराया जाएगा। इस काम में 14 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
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डीएम वैभव श्रीवास्तव ने सोमवार को ब्रिज का निरीक्षण करके सेतु निगम के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल ओवरब्रिज को दुरुस्त कराने के आदेश दिए। डीएम के आदेश पर 22 दिसंबर से ओवरब्रिज के मरम्मत का काम शुरू होगा।
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इसके लिए 20 दिन के लिए यातायात पर रोक लगा दी गई है। रूट डायवर्जन कर दिया गया है। इससे कानपुर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ व अमेठी आदि जिलों से आने वाले यातायात को अब शहर के बीच से गुजरा जाएगा।
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इस ब्रिज का निर्माण शहर को जाम से छुटकारा दिलाने के लिए कराया गया था। जो मकसद में कामयाब होने से पहले ही ध्वस्त हो गया। दिसंबर 2018 में ही इस ओवरब्रिज का शुभारंभ हुआ था, लेकिन कुछ ही दिनों में एक्सपेंशन ज्वॉइंट की सरिया और लोहे की प्लेटें टूट गईं।
निर्माण के समय मानकों को ताक पर रखा गया। यही वजह है कि बीच में अधिक मोड़ दे दिए जाने के कारण एक साथ भारी वाहन नहीं निकल पाते हैं। इसकी वजह से एक साथ भारी वाहनों के निकलने पर रोक है। एक्सपेंशन ज्वॉइंट खराब होने के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
पिछले सप्ताह उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के सामने ओवरब्रिज का मामला उठा था। उन्होंने डीएम को ओवरब्रिज को ठीक करवाने के आदेश दिए थे। डिप्टी सीएम के आदेश पर सोमवार को डीएम के साथ एडीएम (प्रशासन) राम अभिलाष व अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ओवरब्रिज की जांच की।
जगह-जगह दरार पड़ने व ज्वॉइंट टूटने व खुले होने पर सेतु निगम के अधिकारियों को फटकारा और उन्हें ठीक करवाने के आदेश दिए। 22 दिसंबर से ओवरब्रिज के मरम्मत का काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए जेल रोड से निकलने वाले यातायात को डायवर्ट कर दिया गया है।
एडीएम (प्रशासन) राम अभिलाष ने बताया कि शहर के कैनाल रोड, डिग्री कॉलेज चौराहा होते हुए सिविल लाइंस (लखनऊ-प्रयागराज हाइवे) पर जाने वाले वाहनों को रोकने के लिए जेल रोड पर मामा चौराहे पर ओवरब्रिज बनवाया गया। इस ब्रिज से कानपुर, सुल्तानपुर, उन्नाव आदि जिलों की ओर से आने वाले बड़े वाहनों को शहर के बाहर से निकाला जाता था, ताकि शहर को जाम से राहत मिले।
ब्रिज बदहाल होने से रूट डायवर्जन करके वाहनों को जेल रोड के ब्रिज से निकालने के बजाय कैनाल रोड से होकर ओवरब्रिज पार करके सिविल लाइंस पर निकाला जाएगा। 20 दिन तक वाहन व आने जाने वाले लोग कैनाल रोड मार्ग से निकलेंगे।
प्रतापगढ़ से कानपुर की ओर जाने वाले बड़े वाहनों को मुंशीगंज से डलमऊ के रास्ते भेजा जाएगा। जाम की समस्या से निपटने के लिए बंदोबस्त किए गए हैं। ओवरब्रिज निर्माण के बाद सेतु निगम इसे हैंडओवर करने के लिए लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई और नगर पालिका को पत्राचार कर चुका हैं।
लेकिन कोई विभाग इसे हैंडओवर नहीं कर रहा है। इससे साफ जाहिर है कि ब्रिज के निर्माण में मानकों को ताक पर रखकर बनवाया गया है। कोई भी विभाग इस ब्रिज को लेकर संतुष्ट नहीं है।
शहर को जाम से छुटकारा दिलाने के लिए करोड़ों की लागत से बनवाया गया ओवरब्रिज दो साल में ही बदहाल हो गया। इस मामले को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से उठाते हुए माई सिटी में 30 अक्तूबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया।
इसके बाद जिले से होकर गुजरे उपमुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के सामने मामले को प्रमुखता से उठाया। इसको भी 14 दिसंबर के अंक में प्रकाशित किया। ‘अमर उजाला’ का प्रयास रंग लाया। डिप्टी सीएम के आदेश पर ब्रिज का मरम्मत का कार्य शुरू होने जा रहा है।
ब्रिज कॉर्पोरेशन के अवर अभियंता विजय त्रिपाठी का कहना है कि मामा चौराहा स्थित ओवरब्रिज के एक्सपेंशन ज्वॉइंट की सरिया और टूटी प्लेटें को दुरुस्त करने के लिए 22 दिसंबर से काम शुरू कराया जाएगा। इस काम में 14 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।