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Raebareli News: गुजरात से आए संदिग्ध प्रमाणपत्र की जांच शुरू, रिपोर्ट तलब

Thu, 19 Feb 2026 12:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Thu, 19 Feb 2026 12:51 AM IST
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Investigation begins into suspicious certificates from Gujarat, report sought
रायबरेली। जिले में बने 52 हजार से अधिक जाली जन्म प्रमाणपत्रों को निरस्त करने का काम पूरा भी नहीं हुआ कि गुजरातमें प्रमाणपत्र के दुरुपयोग का एक और संदिग्ध मामला उजागर हुआ है। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण में वोटर बनने के लिए यह प्रमाणपत्र लगाया गया।
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17 नवंबर 1980 को जन्म दिखाकर वर्ष 2011 में दीनशाह गौरा ब्लॉक के बेहीखोर निवासी दिखाकर नंद किशोर उर्फ धर्मेंद्र कुमार के नाम मैनुअली प्रमाणपत्र बनाया गया है। आशंका होने पर गुजरात से आए जन्म प्रमाणपत्र की जांच शुरू कराई गई है। जांच करके अधिकारियों को रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं।
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जिले के सलाेन ब्लॉक के गांवों में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए गए हैं। जांच में पुष्टि के बाद प्रमाणपत्रों को निरस्त करने का काम चल रहा है। अब तक नौ हजार से अधिक प्रमाणपत्र निरस्त किए जा चुके हैं। वर्तमान में मतदाता सूची के प्रगाढ़ पुनरीक्षण का काम चल रहा है। एसआईआर का फाइनल ड्राफ्ट जारी होने के बाद संदिग्ध वोटरों को नोटिस देकर सुनवाई चल रही है।
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गुजरात प्रांत के अहमदाबाद में रहने वाले नंद किशोर उर्फ धर्मेंद्र कुमार ने वहां वोटर बनने के लिए अधिकारियों के सामने जन्म प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया है। प्रमाणपत्र के अनुसार, इसे वर्ष 2011 में रायबरेली जिले के बेहीखोर गांव से मैनुअली जारी किया है। हालांकि यह जन्म प्रमाणपत्र 15 साल तक अब तक ऑनलाइन नहीं है।

गुजरात में प्रमाणपत्र पर की सत्यता पर आशंका होने पर उसे जांच के लिए भेजा गया है। प्रमाणपत्र यहां आने के बाद अफरातफरी का माहौल है। एडीएम प्रशासन ने दीनशाह गौरा के अधिकारियों को प्रमाणपत्र की सत्यता की जांच करके रिपोर्ट देने के निर्देश दिए, जिससे रिपोर्ट गुजरात को भेजा जा सके।

ब्लॉक में खंगाले जा रहे 15 साल पुराने दस्तावेज
गुजरात प्रांत से संदिग्ध जन्म प्रमाणपत्र आने के बाद दीनशाह गौरा ब्लॉक के पुराने दस्तावेजों को खंगालने का काम शुरू हो गया है। चूंकि यह प्रमाणपत्र 15 साल पहले बनाए जाने की आशंका है। इसी कारण पुराने अभिलेखों को चेक कराया जा रहा है। चर्चा है कि धर्मेंद्र कुमार नाम का कोई भी व्यक्ति बेहीखोर गांव में नहीं है।

घुसपैठियों को नागरिकता दिलाने की साजिश हो चुकी विफल
जिले के सलोन ब्लॉक के गांवों में 52 हजार से अधिक जाली जन्म प्रमाणपत्र बनाकर बांग्लादेशी, रोहिंग्या व संदिग्ध पाकिस्तानी घुसपैठियों को भारतीय नागरिकता दिलाने की साजिश पहले ही विफल हो चुकी है। सलोन में पाकिस्तान सीमा से जुडे़ राज्यों गुजरात, पंजाब और राजस्थान के पते से कई प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं, जिन्हें निरस्त करने का काम चल रहा है। आरोपी ग्राम विकास अधिकारी विजय यादव की आईडी व पासवर्ड से सलोन ब्लॉक के नुरुद्दीनपुर, पाल्हीपुर, दुबहन, औनानीश, पृथ्वीपुर, माधौपुर निनैया समेत 12 ग्राम पंचायतों में 52, 846 से अधिक फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए थे।


एसआईआर के तहत जो भी प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए जा रहे हैं, आशंका होने पर उनकी सत्यता की जांच कराई जाती है। यह सामान्य प्रक्रिया है। प्रयास किया जा रहा है कि वोटर बनने के लिए कोई जाली प्रमाणपत्रों का दुरुपयोग न करने पाए। मैनुअल बने प्रमाणपत्रों के मामले में विशेष सतर्कता बरती जाती है।
सिद्धार्थ, एडीएम प्रशासन
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