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पुलिस की छवि कैसी है...पहले डर लगता था, अब नहीं
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रायबरेली में सोमवार को महिला थाने में निरीक्षण के दौरान बच्चों से बातचीत करतीं राज्यपाल आनंदी ब?
- फोटो : RAIBARAILY
रायबरेली। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने महिला थाने के निरीक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं से पूछा कि पुलिस की छवि कैसी है...। इस पर छात्र-छात्राओं ने कहा कि पहले पुलिस से बहुत डर लगता था।
थाने जाने की कौन कहे, पुलिस को देखकर ही घबराहट होने लगती थी। लेकिन अब डर नहीं लगता। हम अपनी बात बेहिचक कह सकते हैं। राज्यपाल ने बच्चों से महिला थाने के कार्यों पर निबंध भी लिखवाया।
अपने एक दिवसीय दौरे में राज्यपाल ने महिला थाने का कामकाज देखा। हेल्प डेस्क पर आने वाले प्रार्थनापत्र का रजिस्टर, थानेदार कक्ष, कार्यालय, हवालात, मालखाना, कंप्यूटर कक्ष व अपराध रजिस्टर भी चेक किया।
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महिला अपराध की स्थिति जानी। राज्यपाल ने महिला थानेदार संतोष कुमारी से सवाल किया कि जिस व्यक्ति को सजा हो जाती है, उसके बाद क्या किया जाता है। थानेदार ने बताया कि सजा होने के बाद उस व्यक्ति का रिकॉर्ड मेनटेन रखा जाता है। उसकी निगरानी की जाती है।
राज्यपाल ने यह भी पूछा कि अधिकारियों का दबाव रहता है। कैसे काम होता है। थानेदार ने जवाब दिया कि अधिकारियों का कोई दबाव नहीं रहता है। हर कार्य को अच्छे ढंग से निपटाया जाता है, ताकि पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल सके।
इसके बाद छात्र-छात्राओं को फल वितरण किया। छात्र-छात्राओं को पहले ही महिला थाने का निरीक्षण कराया गया था। राज्यपाल ने बच्चों से पूछा कि आप सबने महिला थाना देखा क्या अनुभव किया। बच्चों ने कहा कि कंप्यूटर कक्ष देखा, जहां पर एफआईआर लिखी जाती है।
काउंसलिंग कैसे होती है, इस बारे में भी जाना। महिला थानेदार ने बच्चों को एंटी रोमियो, परामर्श केंद्र आदि की जानकारी दी। कहा कि यदि उन्हें कोई परेशान करे तो उसे सहन करने के बजाय तत्काल सूचना दें। बच्चों को साइबर सेल की जानकारी भी दी गई। इस मौके पर डीएम-एसपी के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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थाने जाने की कौन कहे, पुलिस को देखकर ही घबराहट होने लगती थी। लेकिन अब डर नहीं लगता। हम अपनी बात बेहिचक कह सकते हैं। राज्यपाल ने बच्चों से महिला थाने के कार्यों पर निबंध भी लिखवाया।
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अपने एक दिवसीय दौरे में राज्यपाल ने महिला थाने का कामकाज देखा। हेल्प डेस्क पर आने वाले प्रार्थनापत्र का रजिस्टर, थानेदार कक्ष, कार्यालय, हवालात, मालखाना, कंप्यूटर कक्ष व अपराध रजिस्टर भी चेक किया।
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महिला अपराध की स्थिति जानी। राज्यपाल ने महिला थानेदार संतोष कुमारी से सवाल किया कि जिस व्यक्ति को सजा हो जाती है, उसके बाद क्या किया जाता है। थानेदार ने बताया कि सजा होने के बाद उस व्यक्ति का रिकॉर्ड मेनटेन रखा जाता है। उसकी निगरानी की जाती है।
राज्यपाल ने यह भी पूछा कि अधिकारियों का दबाव रहता है। कैसे काम होता है। थानेदार ने जवाब दिया कि अधिकारियों का कोई दबाव नहीं रहता है। हर कार्य को अच्छे ढंग से निपटाया जाता है, ताकि पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल सके।
इसके बाद छात्र-छात्राओं को फल वितरण किया। छात्र-छात्राओं को पहले ही महिला थाने का निरीक्षण कराया गया था। राज्यपाल ने बच्चों से पूछा कि आप सबने महिला थाना देखा क्या अनुभव किया। बच्चों ने कहा कि कंप्यूटर कक्ष देखा, जहां पर एफआईआर लिखी जाती है।
काउंसलिंग कैसे होती है, इस बारे में भी जाना। महिला थानेदार ने बच्चों को एंटी रोमियो, परामर्श केंद्र आदि की जानकारी दी। कहा कि यदि उन्हें कोई परेशान करे तो उसे सहन करने के बजाय तत्काल सूचना दें। बच्चों को साइबर सेल की जानकारी भी दी गई। इस मौके पर डीएम-एसपी के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।