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नदारद रहते डॉक्टर और स्टाफ, कैसे हो मरीजों की सेहत का इलाज
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रायबरेली। संक्रामक रोगों का कहर बढ़ने से जिला अस्पताल के अधिकतर वार्ड भरे हैं। इससे स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा गईं हैं। ऊपर से रविवार की छुट्टी भर्ती मरीजों पर भारी पड़ रही है। छुट्टी के दिन वार्डों में भर्ती मरीज नर्सों के भरोसे रहते हैं। तबीयत बिगड़ने पर इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर से काम चलाया जा रहा है। डेंगू, बुखार के रोगियों की संख्या में हर दिन इजाफा हो रहा है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं आ पा रही हैं।
जिला अस्पताल में 105 बेड हैं। इसमें से 11 बेड का डेंगूू वार्ड बनाया गया है। इन दिनों डेंगू, बुखार के अलावा सर्दी के मौसम में सांस के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। अमर उजाला ने रविवार को वृद्धजन वार्ड में सांस के रोगियों की संख्या ज्यादा मिली। इस वार्ड में एक तीमारदार जमीन पर लेटा था।
तीमारदार का कहना था कि उसके मरीज को सांस की शिकायत है। सुबह से लेकर रात नौ बजे तक कोई डॉक्टर अभी तक देखने नहीं आया है। ऐसे में उसके मरीज की जान जा सकती है। हालांकि तीमारदार ने मरीज का नाम इसलिए नहीं बताया कि कहीं चिकित्सक उसके मरीज का इलाज न करना बंद कर दें।
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बच्चा वार्ड में नवजात भी भर्ती किए जाते हैं, लेकिन रात के वक्त स्टाफ नदारद था। स्टाफ कक्ष में खाली कुर्सियां लापरवाही को बता रही थीं। वार्ड नंबर तीन में तीमारदार डॉक्टर का इंतजार करते रहे, लेकिन चिकित्सक रात 10 बजे तक मरीजों का इलाज करने नहीं पहुंचे। डेंगू वार्ड में मरीज तो भर्ती है, लेकिन न तो साफ-सफाई ठीक से की गई है और न ही मच्छर भगाने के लिए दवा का छिड़काव कराया गया है। यही हाल अन्य वार्डों में भर्ती मरीजों का है।
उधर, सीएमएस डॉ. महेंद्र मौर्या ने बताया कि चाहे अस्पताल में तैनात चिकित्सक हों या फिर अन्य स्टाफ। सभी से ड्यूटी करने के लिए कहा गया है। यदि कोई लापरवाही बरत रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। डेंगू के रोगियों के लिए इलाज के सभी इंतजाम कराए गए हैं।
शिवगढ़ की युवती कोरोना संक्रमित
शिवगढ़ क्षेत्र के क्षेत्र के गांव की रहने वाली 18 वर्षीय युवती रविवार को कोरोना संक्रमित पाई गई। जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि युवती को होम आइसोलेट कराया गया है। युवती कोरोना पॉजिटिव मिली है।
रोगियों की संख्या बढ़ी तो बढ़ाए जाएंगे 20 बेड
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. महेंद्र मौर्या का कहना है कि डेंगू रोगियों के भर्ती के लिए अभी 11 वार्ड हैं। डेंगू की रोगियों की संख्या यदि बढ़ती है तो 20 बेड और बढ़ाए जाने का खाका तैयार किया गया है। मौसम में बदलाव हो रहा है। इसलिए लोगों को डेंगू, बुखार समेत अन्य बीमारियों से सतर्क रहने की जरूरत है।
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जिला अस्पताल में 105 बेड हैं। इसमें से 11 बेड का डेंगूू वार्ड बनाया गया है। इन दिनों डेंगू, बुखार के अलावा सर्दी के मौसम में सांस के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। अमर उजाला ने रविवार को वृद्धजन वार्ड में सांस के रोगियों की संख्या ज्यादा मिली। इस वार्ड में एक तीमारदार जमीन पर लेटा था।
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तीमारदार का कहना था कि उसके मरीज को सांस की शिकायत है। सुबह से लेकर रात नौ बजे तक कोई डॉक्टर अभी तक देखने नहीं आया है। ऐसे में उसके मरीज की जान जा सकती है। हालांकि तीमारदार ने मरीज का नाम इसलिए नहीं बताया कि कहीं चिकित्सक उसके मरीज का इलाज न करना बंद कर दें।
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बच्चा वार्ड में नवजात भी भर्ती किए जाते हैं, लेकिन रात के वक्त स्टाफ नदारद था। स्टाफ कक्ष में खाली कुर्सियां लापरवाही को बता रही थीं। वार्ड नंबर तीन में तीमारदार डॉक्टर का इंतजार करते रहे, लेकिन चिकित्सक रात 10 बजे तक मरीजों का इलाज करने नहीं पहुंचे। डेंगू वार्ड में मरीज तो भर्ती है, लेकिन न तो साफ-सफाई ठीक से की गई है और न ही मच्छर भगाने के लिए दवा का छिड़काव कराया गया है। यही हाल अन्य वार्डों में भर्ती मरीजों का है।
उधर, सीएमएस डॉ. महेंद्र मौर्या ने बताया कि चाहे अस्पताल में तैनात चिकित्सक हों या फिर अन्य स्टाफ। सभी से ड्यूटी करने के लिए कहा गया है। यदि कोई लापरवाही बरत रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। डेंगू के रोगियों के लिए इलाज के सभी इंतजाम कराए गए हैं।
शिवगढ़ की युवती कोरोना संक्रमित
शिवगढ़ क्षेत्र के क्षेत्र के गांव की रहने वाली 18 वर्षीय युवती रविवार को कोरोना संक्रमित पाई गई। जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि युवती को होम आइसोलेट कराया गया है। युवती कोरोना पॉजिटिव मिली है।
रोगियों की संख्या बढ़ी तो बढ़ाए जाएंगे 20 बेड
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. महेंद्र मौर्या का कहना है कि डेंगू रोगियों के भर्ती के लिए अभी 11 वार्ड हैं। डेंगू की रोगियों की संख्या यदि बढ़ती है तो 20 बेड और बढ़ाए जाने का खाका तैयार किया गया है। मौसम में बदलाव हो रहा है। इसलिए लोगों को डेंगू, बुखार समेत अन्य बीमारियों से सतर्क रहने की जरूरत है।