{"_id":"62488998629e66132a597749","slug":"hospital-raibaraily-news-lko6242972139","type":"story","status":"publish","title_hn":"एफआरयू बनीं सीएचसी, पांच-पांच सिजेरियन प्रसव के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एफआरयू बनीं सीएचसी, पांच-पांच सिजेरियन प्रसव के आदेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए जिले को दो और फर्स्ट रेफरल यूनिटें (एफआरयू) मिलीं हैं।
सलोन और डलमऊ सीएचसी को एफआरयू बनाया गया है। इससे पहले लालगंज, बछरावां और ऊंचाहार सीएचसी फर्स्ट रेफरल यूनिट के रूप में काम कर रही हैं।
शनिवार शाम सीएमओ कार्यालय में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर निदेशक डॉ. जीएस बाजपेई ने एफआरयू की समीक्षा की।
उन्होंने सभी एफआरयू प्रभारियों को माह में कम से कम पांच-पांच सिजेरियन प्रसव कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही गंभीर मरीजों का एफआरयू में भर्ती करके इलाज किया जाए। मरीजों को जिला अस्पताल रेफर न किया जाए। उन्होंने सीएमओ को एफआरयू में सभी सेवाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए।
अपर निदेशक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएं। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। खासकर एफआयू बनी सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सलोन और डलमऊ को भी एफआरयू बनाया गया है।
एक सप्ताह में यहां भी सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। जांच के साथ ही मरीजों के इलाज के साथ ही ऑपरेशन तक के बंदोबस्त हरहाल में किए जाएं। सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने अपर निदेशक ने जिले में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और प्रगति में बारे में जानकारी दी। बैठक में एसीएमओ पीके बैसवार, अरविंद कुमार, दिलीप कुमार, डॉ. मनोज शुक्ला, डॉ. एके जैसल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सलोन और डलमऊ सीएचसी को एफआरयू बनाया गया है। इससे पहले लालगंज, बछरावां और ऊंचाहार सीएचसी फर्स्ट रेफरल यूनिट के रूप में काम कर रही हैं।
शनिवार शाम सीएमओ कार्यालय में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर निदेशक डॉ. जीएस बाजपेई ने एफआरयू की समीक्षा की।
उन्होंने सभी एफआरयू प्रभारियों को माह में कम से कम पांच-पांच सिजेरियन प्रसव कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही गंभीर मरीजों का एफआरयू में भर्ती करके इलाज किया जाए। मरीजों को जिला अस्पताल रेफर न किया जाए। उन्होंने सीएमओ को एफआरयू में सभी सेवाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए।
अपर निदेशक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएं। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। खासकर एफआयू बनी सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सलोन और डलमऊ को भी एफआरयू बनाया गया है।
विज्ञापन
एक सप्ताह में यहां भी सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। जांच के साथ ही मरीजों के इलाज के साथ ही ऑपरेशन तक के बंदोबस्त हरहाल में किए जाएं। सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने अपर निदेशक ने जिले में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और प्रगति में बारे में जानकारी दी। बैठक में एसीएमओ पीके बैसवार, अरविंद कुमार, दिलीप कुमार, डॉ. मनोज शुक्ला, डॉ. एके जैसल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन