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अरबों की लागत से बने हाईवे होने लगे बदहाल, आफत में मुसाफिरों की जान
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पहले पुल में आई दरार, अब टूट गई सड़क
155 किलोमीटर लंबे रायबरेली-टांडा हाईवे के निर्माण में जमकर मनमानी की गई है। निर्माण पर 636 करोड़ रुपये खर्च हुए। तीन महीने पहले मलिकमऊ रेलवे क्रॉसिंग के पास बने ओवरब्रिज में दरार आ गई। अब सड़क भी बदहाल होनी लगी है। सारस होटल से मलिकमऊ तक सड़क किनारे पानी भरा रहता है। जलनिकासी का इंतजाम नहीं है। इस वजह से मुसाफिरों को परेशानी होती है।
जगह-जगह बह गई पटरी, हादसा का बढ़ा खतरा
रायबरेली-बांदा हाईवे की दूरी 133 किलोमीटर है। इसके निर्माण पर 424 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। फिर भी एक साल के अंदर ही लालगंज में रेलवे क्रॉसिंग पर बना बाईपास टूट गया। इससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। राजघाट के पास सड़क पर पानी भरा है। जलनिकासी का कोई प्रबंध नहीं किया गया। दरीबा के पास हाईवे के किनारे की मिट्टी धंस गई है। किसी दिन भी हादसा हो सकता है।
धंस गया रायबरेली-प्रयागराज हाईवे
120 किलोमीटर लंबा रायबरेली-प्रयागराज हाईवे जगह-जगह से खस्ताहाल है। 291 करोड़ रुपये की लागत से बने इस हाईवे पर कई जगह गड्ढे हो गए हैं। बरगद चौराहे से सिविल लाइंस तक सड़क उखड़ गई है। सई नदी पुल के पास और मुंशीगंज बाईपास की जगह सड़क टूट गई है। इससे अक्सर लोग चोटिल हो रहे हैं। बदहाल सड़क की वजह से जाम भी लगता है। जगतपुर, ऊंचाहार में भी कई जगह सड़क पर गड्ढे हैं।
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रायबरेली। अरबों रुपयों की लागत से जिले से होकर निकले छह राष्ट्रीय राजमार्गों की हालत खराब है। इन हाईवे से प्रतिदिन पांच लाख से ज्यादा मुसाफिर गुजरते हैं। इन हाईवे पर सफर करने वाले मुसाफिरों को टोल टैक्स भी चुकाना पड़ता है लेकिन सुविधाओं के नाम पर इन्हें सिर्फ धोखा मिलता है। रायबरेली-लखनऊ हाईवे पर सिविल लाइन, सारस होटल के पास बनाए गए नाले गंदगी से डंप हैं। सड़क पर पानी भरा रहता है।
रायबरेली-जगदीशपुर हाईवे का निर्माण चल रहा है। आगे निर्माण कराया जा रहा है तो पीछे से सड़क उखड़ती जा रही है। आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। बारिश की वजह से हाईवे पर चलना किसी खतरे के कम नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि हाईवे पर वाहनों की गति ज्यादा होती है। ऐसे में अचानक सड़क पर गड्ढा आ जाने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। फिर भी जिम्मेदार अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं।
जल्द ठीक होंगे हाईवे : उप प्रबंधक
रायबरेली-बांदा हाईवे पर सुधार का काम चल रहा है। बरगद चौराहे के पास टूटी सड़क को भी ठीक कराया जाएगा। इसके अलावा यदि कहीं हाईवे टूटे तो ठीक कराया जाएगा।
-समर सिंह, उप प्रबंधक, एनएचएआई
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155 किलोमीटर लंबे रायबरेली-टांडा हाईवे के निर्माण में जमकर मनमानी की गई है। निर्माण पर 636 करोड़ रुपये खर्च हुए। तीन महीने पहले मलिकमऊ रेलवे क्रॉसिंग के पास बने ओवरब्रिज में दरार आ गई। अब सड़क भी बदहाल होनी लगी है। सारस होटल से मलिकमऊ तक सड़क किनारे पानी भरा रहता है। जलनिकासी का इंतजाम नहीं है। इस वजह से मुसाफिरों को परेशानी होती है।
जगह-जगह बह गई पटरी, हादसा का बढ़ा खतरा
रायबरेली-बांदा हाईवे की दूरी 133 किलोमीटर है। इसके निर्माण पर 424 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। फिर भी एक साल के अंदर ही लालगंज में रेलवे क्रॉसिंग पर बना बाईपास टूट गया। इससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। राजघाट के पास सड़क पर पानी भरा है। जलनिकासी का कोई प्रबंध नहीं किया गया। दरीबा के पास हाईवे के किनारे की मिट्टी धंस गई है। किसी दिन भी हादसा हो सकता है।
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धंस गया रायबरेली-प्रयागराज हाईवे
120 किलोमीटर लंबा रायबरेली-प्रयागराज हाईवे जगह-जगह से खस्ताहाल है। 291 करोड़ रुपये की लागत से बने इस हाईवे पर कई जगह गड्ढे हो गए हैं। बरगद चौराहे से सिविल लाइंस तक सड़क उखड़ गई है। सई नदी पुल के पास और मुंशीगंज बाईपास की जगह सड़क टूट गई है। इससे अक्सर लोग चोटिल हो रहे हैं। बदहाल सड़क की वजह से जाम भी लगता है। जगतपुर, ऊंचाहार में भी कई जगह सड़क पर गड्ढे हैं।
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रायबरेली। अरबों रुपयों की लागत से जिले से होकर निकले छह राष्ट्रीय राजमार्गों की हालत खराब है। इन हाईवे से प्रतिदिन पांच लाख से ज्यादा मुसाफिर गुजरते हैं। इन हाईवे पर सफर करने वाले मुसाफिरों को टोल टैक्स भी चुकाना पड़ता है लेकिन सुविधाओं के नाम पर इन्हें सिर्फ धोखा मिलता है। रायबरेली-लखनऊ हाईवे पर सिविल लाइन, सारस होटल के पास बनाए गए नाले गंदगी से डंप हैं। सड़क पर पानी भरा रहता है।
रायबरेली-जगदीशपुर हाईवे का निर्माण चल रहा है। आगे निर्माण कराया जा रहा है तो पीछे से सड़क उखड़ती जा रही है। आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। बारिश की वजह से हाईवे पर चलना किसी खतरे के कम नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि हाईवे पर वाहनों की गति ज्यादा होती है। ऐसे में अचानक सड़क पर गड्ढा आ जाने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। फिर भी जिम्मेदार अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं।
जल्द ठीक होंगे हाईवे : उप प्रबंधक
रायबरेली-बांदा हाईवे पर सुधार का काम चल रहा है। बरगद चौराहे के पास टूटी सड़क को भी ठीक कराया जाएगा। इसके अलावा यदि कहीं हाईवे टूटे तो ठीक कराया जाएगा।
-समर सिंह, उप प्रबंधक, एनएचएआई