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चित्रकूट में मरीजों के काम आएंगे जिले को मिले मलेरिया इंजेक्शन
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रायबरेली। दवाओं की आपूर्ति कर पाने में नाकाम यूपी मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन दवाओं की एक से दूसरे स्थान पर आपूर्ति कर काम चला रहा है। जिले में कम और चित्रकूट में ज्यादा मलेरिया मरीज मिलने पर यहां से मलेरिया के इंजेक्शन वहां भेजे जाएंगे। वहीं जिले में हरदोई, जौनपुर, लखनऊ, वाराणसी और महोबा से जरूरी दवाएं आई हैं।
पिछले दो वर्षों में कोरोना का कहर बढ़ने से दवाओं की आपूर्ति और वितरण का काम बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। जिले में स्थापित गोदामों को कॉर्पोरेशन से दवाएं दी गईं पर उनका वितरण नहीं हो पाया।
वर्तमान में जिले को तमाम दवाओं की आपूर्ति कॉर्पोरेशन नहीं कर पा रहा है। वहीं कई दवाएं ऐसी भी हैं जो कुछ माह बाद एक्सपायर हो जाएंगी। जिले में डंप दवाओं को आसपास के जिलों में भेजा जा रहा है।
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जिले को काफी मलेरिया इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन सिर्फ तीन मरीज मिलने से यहां इनकी खपत नहीं हो पाई। ऐसे में चित्रकूट से मांग आने पर इन इंजेक्शन को वहां भेजा जा रहा है। वहीं वाराणसी से 900 एंटी स्नेक वेनम जिले में आए।
वहीं बच्चों के लिए एंटीबायोटिक सिरप भी रायबरेली आए है। उधर, हरदोई से इनहेलर के अलावा जौनपुर, लखनऊ, महोबा से अन्य जरूरी दवाएं जिले को मिली हैं, लेकिन मांग के हिसाब से ये दवाएं कम हैं।
जिला अस्पताल व सभी सीएचसी में दवाओं का टोटा
जिले में संक्रामक रोगों के कहर और अस्पतालों मरीजों की संख्या बढ़ने से दवाओं का टोटा है। जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी में दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। जिला अस्पताल में तो लोकल परचेज के माध्यम से काम चलाया जा रहा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में लोकल परचेज की सुविधा न होने से मरीजों को भटकना पड़ रहा है। चिकित्सक खुलेआम मरीजों को बाजार से खरीदने के लिए दवाएं लिख रहे हैं। भर्ती मरीजों के इलाज तक के लिए पर्याप्त दवाएं व इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हैं।
कॉर्पोरेशन के निर्देश पर जिले में अधिक मात्रा में उपलब्ध मलेरिया इंजेक्शन चित्रकूट भेजे गए हैं। इसके अलावा हरदोई, जौनपुर, लखनऊ, वाराणसी व महोबा जिलों से दवाएं मिली हैं। दवाओं को मांग के हिसाब से सीएचसी व पीएचसी में भेजा गया है।
- प्रशांत शुक्ला, प्रभारी मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन गोदाम, रायबरेली
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पिछले दो वर्षों में कोरोना का कहर बढ़ने से दवाओं की आपूर्ति और वितरण का काम बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। जिले में स्थापित गोदामों को कॉर्पोरेशन से दवाएं दी गईं पर उनका वितरण नहीं हो पाया।
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वर्तमान में जिले को तमाम दवाओं की आपूर्ति कॉर्पोरेशन नहीं कर पा रहा है। वहीं कई दवाएं ऐसी भी हैं जो कुछ माह बाद एक्सपायर हो जाएंगी। जिले में डंप दवाओं को आसपास के जिलों में भेजा जा रहा है।
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जिले को काफी मलेरिया इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन सिर्फ तीन मरीज मिलने से यहां इनकी खपत नहीं हो पाई। ऐसे में चित्रकूट से मांग आने पर इन इंजेक्शन को वहां भेजा जा रहा है। वहीं वाराणसी से 900 एंटी स्नेक वेनम जिले में आए।
वहीं बच्चों के लिए एंटीबायोटिक सिरप भी रायबरेली आए है। उधर, हरदोई से इनहेलर के अलावा जौनपुर, लखनऊ, महोबा से अन्य जरूरी दवाएं जिले को मिली हैं, लेकिन मांग के हिसाब से ये दवाएं कम हैं।
जिला अस्पताल व सभी सीएचसी में दवाओं का टोटा
जिले में संक्रामक रोगों के कहर और अस्पतालों मरीजों की संख्या बढ़ने से दवाओं का टोटा है। जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी में दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। जिला अस्पताल में तो लोकल परचेज के माध्यम से काम चलाया जा रहा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में लोकल परचेज की सुविधा न होने से मरीजों को भटकना पड़ रहा है। चिकित्सक खुलेआम मरीजों को बाजार से खरीदने के लिए दवाएं लिख रहे हैं। भर्ती मरीजों के इलाज तक के लिए पर्याप्त दवाएं व इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हैं।
कॉर्पोरेशन के निर्देश पर जिले में अधिक मात्रा में उपलब्ध मलेरिया इंजेक्शन चित्रकूट भेजे गए हैं। इसके अलावा हरदोई, जौनपुर, लखनऊ, वाराणसी व महोबा जिलों से दवाएं मिली हैं। दवाओं को मांग के हिसाब से सीएचसी व पीएचसी में भेजा गया है।
- प्रशांत शुक्ला, प्रभारी मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन गोदाम, रायबरेली