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बुखार का कहर, पांच मासूम समेत 20 गंभीर
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Sat, 06 Aug 2016 12:56 AM IST
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fever
- फोटो : getty images
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जिले में बुखार कहर बरपा रहा है। सबसे ज्यादा बुजुर्ग और बच्चे इसकी चपेट में आ रहे है। पांच मासूमों समेत 20 लोगों की हालत नाजुक होने पर शुक्रवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा ओपीडी में भी प्रतिदिन करीब 100 से अधिक रोगी बुखार के आ रहे हैं।
हालात यह हैं कि दिनोंदिन बढ़ती रोगियों की संख्या से जिला अस्पताल फुल हो चुका है। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों को भर्ती करने के लिए बरामदे में बेड डलवाये हैं। इधर, कई दिन से बारिश नहीं हुई है। इससे गर्मी बढ़ गई। वहीं साफ-सफाई की अव्यवस्था पहले से है।
इसका असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। बुखार ने शहर से लेकर गांवों तक अपने पैर पसार लिए हैं। पांच मासूम समेत 20 लोगों की हालत नाजुक होने पर शुक्रवार को उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें मासूमों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है।
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ति यह है कि बुखार के मरीजों की अधिकता के कारण जिला अस्पताल के वार्डों में जगह कम पड़ रही है। अस्पताल प्रशासन की ओर से अस्पताल के बरामद में वार्ड का निर्माण कराया जा रहा था। गुरुवार को अन्य सभी वार्ड भी फुल हो गए तो मजबूरी में निर्माणाधीन वार्ड में मरीजों को भर्ती किया गया।
यहां पर पंखों की व्यवस्था न होने के कारण रोगियों को कुछ परेशानी हुई। मौसम की मार बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं। डॉक्टरों के अनुसार नन्हे-मुन्नों और बुजुर्गों में रोग प्रतिरोधक क्षमता युवाओं के अपेक्षा कम होती है। इसकी वजह से ये संक्रामक रोगों की चपेट में जल्दी से आ रहे हैं।
शुक्रवार को दाउद नगर की सोनल (एक माह), राना नगर का हिमांशु (6), दरियापुर का रामकिशुन (45), पूरे गोड़ियन की कुसुमा (45), सोथी गांव के अयान (3), पूरे जगत के श्रीपाल (60), बेनीमाधव के हरिश्चंद्र (4), बेलाभेला की रामवती (65), जरौला की रानी (16), सुखई खेड़ा की रामरती (60), चकदादर की रामादेई (70), चौपुरा की राम दुलारी (80), खानपुर का रामेश्वर यादव (50) की हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जिला अस्पताल के डॉ. बीरबल का कहना है कि गर्मी अधिक पड़ रही है। धूप में निकलने से बचे। यदि निकलना भी पड़े तो शरीर कपड़े से ढक लें। साफ-सफाई पर ध्यान दें। घर के आसपास पानी का जमाव न होने दें।
मच्छरदानी का प्रयोग करें। खानपान में स्वच्छता का ख्याल रखें। पानी उबाल कर पिएं। सर्दी या जुकाम होने पर तत्काल चिकित्सक की सलाह लें। झोलाछाप की बजाय सरकारी अस्पताल में इलाज कराएं।
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हालात यह हैं कि दिनोंदिन बढ़ती रोगियों की संख्या से जिला अस्पताल फुल हो चुका है। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों को भर्ती करने के लिए बरामदे में बेड डलवाये हैं। इधर, कई दिन से बारिश नहीं हुई है। इससे गर्मी बढ़ गई। वहीं साफ-सफाई की अव्यवस्था पहले से है।
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इसका असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। बुखार ने शहर से लेकर गांवों तक अपने पैर पसार लिए हैं। पांच मासूम समेत 20 लोगों की हालत नाजुक होने पर शुक्रवार को उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें मासूमों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है।
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ति यह है कि बुखार के मरीजों की अधिकता के कारण जिला अस्पताल के वार्डों में जगह कम पड़ रही है। अस्पताल प्रशासन की ओर से अस्पताल के बरामद में वार्ड का निर्माण कराया जा रहा था। गुरुवार को अन्य सभी वार्ड भी फुल हो गए तो मजबूरी में निर्माणाधीन वार्ड में मरीजों को भर्ती किया गया।
यहां पर पंखों की व्यवस्था न होने के कारण रोगियों को कुछ परेशानी हुई। मौसम की मार बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं। डॉक्टरों के अनुसार नन्हे-मुन्नों और बुजुर्गों में रोग प्रतिरोधक क्षमता युवाओं के अपेक्षा कम होती है। इसकी वजह से ये संक्रामक रोगों की चपेट में जल्दी से आ रहे हैं।
शुक्रवार को दाउद नगर की सोनल (एक माह), राना नगर का हिमांशु (6), दरियापुर का रामकिशुन (45), पूरे गोड़ियन की कुसुमा (45), सोथी गांव के अयान (3), पूरे जगत के श्रीपाल (60), बेनीमाधव के हरिश्चंद्र (4), बेलाभेला की रामवती (65), जरौला की रानी (16), सुखई खेड़ा की रामरती (60), चकदादर की रामादेई (70), चौपुरा की राम दुलारी (80), खानपुर का रामेश्वर यादव (50) की हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जिला अस्पताल के डॉ. बीरबल का कहना है कि गर्मी अधिक पड़ रही है। धूप में निकलने से बचे। यदि निकलना भी पड़े तो शरीर कपड़े से ढक लें। साफ-सफाई पर ध्यान दें। घर के आसपास पानी का जमाव न होने दें।
मच्छरदानी का प्रयोग करें। खानपान में स्वच्छता का ख्याल रखें। पानी उबाल कर पिएं। सर्दी या जुकाम होने पर तत्काल चिकित्सक की सलाह लें। झोलाछाप की बजाय सरकारी अस्पताल में इलाज कराएं।