{"_id":"5908d84d4f1c1b8e1644115d","slug":"girl-s-death-by-treating-jholaachhaap","type":"story","status":"publish","title_hn":"झोलाछाप के इलाज से गई बालिका की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झोलाछाप के इलाज से गई बालिका की जान
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Wed, 03 May 2017 12:35 AM IST
विज्ञापन
death
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऊंचाहार तहसील क्षेत्र में झोलाछाप के इलाज से एक बालिका की जान चली गई। कई दिन से बालिका बीमार चल रही थी। इलाज के नाम पर पीड़ित परिवार से मोटी रकम वसूली जा रही थी। हालत बिगड़ने पर झोलाछाप ने इलाज करने से ही मना कर दिया।
पीड़ित परिवार बेटी को लेकर ऊंचाहार सीएचसी पहुंचा, जहां उसकी सासें हमेशा के लिए थम गईं। सीएमओ डॉ. डीके सिंह का कहना है कि मामला गंभीर है। जांच कराकर झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सेमरी रनापुर निवासी छोटेलाल की 10 वर्षीय बेटी बबली कई दिनों से बीमार थी। उसका जमुनापुर चौराहा स्थित एक झोलाछाप के यहां इलाज कर रहा था। करीब एक सप्ताह से वह इलाज के बहाने परिवार वालों से मोटी रकम वसूल रहा था। सोमवार को अचानक बबली की हालत बिगड़ने लगी, तो उसने इलाज करने से मना कर दिया।
विज्ञापन
पिता के काफी कहने के बावजूद झोलाछाप ने इलाज नहीं किया। आनन-फानन परिवारीजन उसे लेकर सीएचसी ऊंचाहार पहुंचे, जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बालिका की मौत की सूचना पाकर झोलाछाप फरार हो गया। घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
उनका कहना है कि कई सालों से झोलाछाप लोगाें को गुमराह कर जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सीएमओ डॉ. डीके सिंह व सीएचसी अधीक्षक डॉ. आरबी यादव का कहना है कि मामले में जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
पीड़ित परिवार बेटी को लेकर ऊंचाहार सीएचसी पहुंचा, जहां उसकी सासें हमेशा के लिए थम गईं। सीएमओ डॉ. डीके सिंह का कहना है कि मामला गंभीर है। जांच कराकर झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सेमरी रनापुर निवासी छोटेलाल की 10 वर्षीय बेटी बबली कई दिनों से बीमार थी। उसका जमुनापुर चौराहा स्थित एक झोलाछाप के यहां इलाज कर रहा था। करीब एक सप्ताह से वह इलाज के बहाने परिवार वालों से मोटी रकम वसूल रहा था। सोमवार को अचानक बबली की हालत बिगड़ने लगी, तो उसने इलाज करने से मना कर दिया।
विज्ञापन
पिता के काफी कहने के बावजूद झोलाछाप ने इलाज नहीं किया। आनन-फानन परिवारीजन उसे लेकर सीएचसी ऊंचाहार पहुंचे, जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बालिका की मौत की सूचना पाकर झोलाछाप फरार हो गया। घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
उनका कहना है कि कई सालों से झोलाछाप लोगाें को गुमराह कर जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सीएमओ डॉ. डीके सिंह व सीएचसी अधीक्षक डॉ. आरबी यादव का कहना है कि मामले में जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।