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गंगा खतरे के निशान के करीब
रायबरेली
Updated Sat, 13 Aug 2016 11:05 PM IST
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डलमऊ संकटमोचन के पास शनिवार को बढ़ा गंगा का जलस्तर।
- फोटो : अमर उजाला
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गंगा नदी का जलस्तर लाल निशान छूने की तरफ बढ़ रहा है। शनिवार को जलस्तर एक बार फिर 97.800 मीटर पर पहुंच गया। जिस हिसाब से नदी का जलस्तर दिनोंदिन बढ़ रहा है, उससे उम्मीद है कि जल्द पानी चेतावनी बिंदु को पार करते हुए खतरे के निशान की तरफ निकल जाएगा। इससे कटरी क्षेत्र के गांवों में रहने वाले ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि नदी के जलस्तर पर पूरी नजर रखी जा रही है।
नदी का चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर और खतरे का निशान 99.360 मीटर है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक चेतावनी बिंदु के सापेक्ष जलस्तर शनिवार को 97.800 मीटर पर पहुंच गया। नदी पूरे उफान में है। मिट्टी की कटान तेजी से हो रही है।
यहां तक नदी के किनारे वाले किसानों के खेतोें तक पानी पहुंच गया है। चकमलिक भीटी, पूरे पवारन, पूरे डंगरी, जहांगीराबाद, अंबहा, बबुरा आदि गांवों के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। बाढ़ को लेकर ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गई है।
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केंद्रीय जल आयोग का मानना है कि जलस्तर कम होने के बजाय बढ़ ही रहा है। ग्रामीण साजन सिंह, सत्यदेव सिंह, अंबिका प्रजापति का कहना है कि मिट्टी कटान होने से उपजाऊ मिट्टी पानी में बहकर जा रही है।
बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। एसडीएम क्षत्रपाल का कहना है कि वैसे तो अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं, फिर भी इस पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारियां की गई हैं।
एसडीएम का कहना है कि बाढ़ चौकियां बना ली गई हैं। कनहा, पूरे गौतमन प्राथमिक स्कूल, राजा डल पार्क में बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। उनका कहना है कि नावों की व्यवस्था कर ली गई है। बाढ़ से निपटने की सारी तैयारियां पूरी हैं। लेखपालों से जलस्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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नदी का चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर और खतरे का निशान 99.360 मीटर है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक चेतावनी बिंदु के सापेक्ष जलस्तर शनिवार को 97.800 मीटर पर पहुंच गया। नदी पूरे उफान में है। मिट्टी की कटान तेजी से हो रही है।
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यहां तक नदी के किनारे वाले किसानों के खेतोें तक पानी पहुंच गया है। चकमलिक भीटी, पूरे पवारन, पूरे डंगरी, जहांगीराबाद, अंबहा, बबुरा आदि गांवों के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। बाढ़ को लेकर ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गई है।
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केंद्रीय जल आयोग का मानना है कि जलस्तर कम होने के बजाय बढ़ ही रहा है। ग्रामीण साजन सिंह, सत्यदेव सिंह, अंबिका प्रजापति का कहना है कि मिट्टी कटान होने से उपजाऊ मिट्टी पानी में बहकर जा रही है।
बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। एसडीएम क्षत्रपाल का कहना है कि वैसे तो अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं, फिर भी इस पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारियां की गई हैं।
एसडीएम का कहना है कि बाढ़ चौकियां बना ली गई हैं। कनहा, पूरे गौतमन प्राथमिक स्कूल, राजा डल पार्क में बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। उनका कहना है कि नावों की व्यवस्था कर ली गई है। बाढ़ से निपटने की सारी तैयारियां पूरी हैं। लेखपालों से जलस्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।